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पीएम-किसान की 24वीं किस्त की तारीख़ का ऐलान नहीं; 2022 से 2025 तक अगस्त–नवंबर की किस्त अक्टूबर या नवंबर में आई

11 अक्टूबर 2026 की सुबह तक योजना की वेबसाइट और PIB पर 24वीं किस्त की कोई तारीख़ नहीं थी। देखिए अब तक की किस्तें कब आईं, और किस्त जारी होने के बाद भी पैसा खाते में क्यों नहीं आता।

महाराष्ट्र में मानसून से पहले खेत में धान के बीज छिटकता एक किसान
प्रतीकात्मक तस्वीर: महाराष्ट्र में मानसून से पहले धान की बुआई · फ़ोटो: Phadke09 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

ज़रूरी फ़ैक्ट्स

सभी आंकड़े जाँचे गए:

24वीं किस्त की तारीख़
अभी ऐलान नहीं हुआ
सोर्स: pmkisan.gov.in
पिछली किस्त (23वीं)
20 जून 2026 को जारी
सोर्स: pmkisan.gov.in
23वीं किस्त किन महीनों की थी
अप्रैल–जुलाई 2026
सोर्स: sansad.in
साल की तीन किस्तें
अप्रैल–जुलाई, अगस्त–नवंबर, दिसंबर–मार्च
सोर्स: pmkisan.gov.in
Farmer ID: संसद में सरकार का जवाब
सिर्फ़ नए रजिस्ट्रेशन के लिए ज़रूरी, 19 राज्यों में
सोर्स: sansad.in · 10 मार्च 2026 तक की जानकारी
हर किस्त
₹2,000
सोर्स: pmkisan.gov.in
बाक़ी 9 फ़ैक्ट्स, सोर्स के साथ
साल भर की मदद
₹6,000
सोर्स: pmkisan.gov.in
अप्रैल–जुलाई 2026 की किस्त पाने वाले किसान
9,44,65,646
सोर्स: pmkisan.gov.in
eKYC न होने से रुके पेमेंट
32,94,609 किसान
सोर्स: sansad.in · 16 मार्च 2026 तक की जानकारी
बैंक खाता आधार से लिंक न होने से रुके पेमेंट
23,53,748 किसान
सोर्स: sansad.in · 16 मार्च 2026 तक की जानकारी
लैंड सीडिंग न होने से रुके पेमेंट
16,52,379 किसान
सोर्स: sansad.in · 16 मार्च 2026 तक की जानकारी
CSC पर eKYC की फ़ीस (नवंबर 2023 का नोट)
₹15
सोर्स: pmkisan.gov.in
पेंशन, जिस पर परिवार को योजना का पैसा नहीं मिलता
₹10,000 महीना या ज़्यादा (मल्टी-टास्किंग स्टाफ़, चतुर्थ श्रेणी और ग्रुप डी को छोड़कर)
सोर्स: pmkisan.gov.in
किसान हेल्पलाइन
155261
सोर्स: pib.gov.in · 16 फ़रवरी 2026 तक की जानकारी
साइबर ठगी की शिकायत
1930 या cybercrime.gov.in
सोर्स: mha.gov.in

पीएम-किसान (प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि) की 24वीं किस्त किस दिन आएगी, यह 11 अक्टूबर 2026 की सुबह तक न योजना की वेबसाइट पर लिखा था, न सरकार की प्रेस रिलीज़ वाली वेबसाइट PIB पर। योजना की वेबसाइट पर अभी 23वीं किस्त का ही नोटिस लगा है। वह किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई थी। PIB पर हमने सितंबर और अक्टूबर 2026 में अब तक आई कृषि मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रेस रिलीज़ की हेडलाइनें देखीं। उनमें भी 24वीं किस्त की कोई तारीख़ नहीं मिली।

इस योजना में साल में तीन किस्तें मिलती हैं, हर चार महीने की एक: अप्रैल–जुलाई, अगस्त–नवंबर और दिसंबर–मार्च। सरकार के मुताबिक़ 23वीं किस्त अप्रैल–जुलाई 2026 की थी। इस हिसाब से 24वीं किस्त अगस्त–नवंबर की बनती है। यह हमने ख़ुद निकाला है; किसी सरकारी पेज पर ऐसा लिखा नहीं है। 2022 से 2025 तक अगस्त–नवंबर की किस्त अक्टूबर या नवंबर में जारी हुई।

किस्त का जारी होना और पैसे का खाते में आना दो अलग बातें हैं। सरकार ने संसद में बताया है कि तीन चीज़ें ज़रूरी हैं: ज़मीन के रिकॉर्ड से मिलान (लैंड सीडिंग), eKYC और बैंक खाते का आधार से लिंक होना; इनमें से एक भी बाक़ी हो तो पेमेंट रुक जाता है। नीचे के कैलेंडर में देखिए कि अब तक की किस्तें किस महीने आईं।

किस्तों का कैलेंडर

पीएम-किसान की किस्तें किस महीने आईं?

हर गोल मुहर एक किस्त है। किसी मुहर पर टैप करें, या नीचे के बटनों से एक-एक किस्त आगे-पीछे जाएँ। 23 में से 20 किस्तें यहाँ हैं। दूसरी, तीसरी और पाँचवीं किस्त के जारी होने का कोई एक दिन किसी सरकारी डॉक्यूमेंट में लिखा नहीं मिला।

2019
2020
2021
2022
2023
2024
2025
2026

अगस्त–नवंबर 2026: साल की तीन किस्तों के हिसाब से 24वीं किस्त इन्हीं महीनों की बनती है। 11 अक्टूबर 2026 की सुबह तक इसकी तारीख़ का ऐलान नहीं हुआ था।

20 जून 2026

23वीं किस्त · तारकेश्वर, हुगली, पश्चिम बंगाल

पिछली किस्त के 99 दिन बाद आई।

सोर्स: pmkisan.gov.in का नोटिस · जाँचा गया 11 अक्टूबर 2026

सभी 20 तारीख़ें एक लिस्ट में
  1. पहली किस्त: 24 फ़रवरी 2019 सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 25 फ़रवरी 2019
  2. चौथी किस्त: 2 जनवरी 2020। उस दिन की प्रेस रिलीज़ में इसे तीसरी किस्त लिखा है, और महीने दिसंबर 2019–मार्च 2020 बताए हैं। कृषि मंत्रालय ने संसद में जो लिस्ट दी हैं, उनमें इन्हीं महीनों की किस्त चौथी गिनी गई है। यहाँ वही गिनती रखी गई है। सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 2 जनवरी 2020 सोर्स: किस्तों के महीनों की लिस्ट: लोकसभा, 21 जुलाई 2026
  3. छठी किस्त: 9 अगस्त 2020 सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 9 अगस्त 2020
  4. 7वीं किस्त: 25 दिसंबर 2020 (पिछली के 138 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 25 दिसंबर 2020
  5. 8वीं किस्त: 14 मई 2021 (पिछली के 140 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 14 मई 2021
  6. 9वीं किस्त: 9 अगस्त 2021 (पिछली के 87 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 9 अगस्त 2021
  7. 10वीं किस्त: 1 जनवरी 2022 (पिछली के 145 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 1 जनवरी 2022
  8. 11वीं किस्त: 31 मई 2022 (पिछली के 150 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 31 मई 2022
  9. 12वीं किस्त: 17 अक्टूबर 2022 (पिछली के 139 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 17 अक्टूबर 2022
  10. 13वीं किस्त: 27 फ़रवरी 2023 (पिछली के 133 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 27 फ़रवरी 2023
  11. 14वीं किस्त: 27 जुलाई 2023 (पिछली के 150 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 27 जुलाई 2023
  12. 15वीं किस्त: 15 नवंबर 2023 (पिछली के 111 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 15 नवंबर 2023
  13. 16वीं किस्त: 28 फ़रवरी 2024 (पिछली के 105 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 28 फ़रवरी 2024
  14. 17वीं किस्त: 18 जून 2024 (पिछली के 111 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 18 जून 2024
  15. 18वीं किस्त: 5 अक्टूबर 2024 (पिछली के 109 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 24 फ़रवरी 2025
  16. 19वीं किस्त: 24 फ़रवरी 2025 (पिछली के 142 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 24 फ़रवरी 2025
  17. 20वीं किस्त: 2 अगस्त 2025 (पिछली के 159 दिन बाद) सोर्स: लोकसभा में सरकार का जवाब, 12 अगस्त 2025
  18. 21वीं किस्त: 19 नवंबर 2025 (पिछली के 109 दिन बाद) सोर्स: लोकसभा में सरकार का जवाब, 9 दिसंबर 2025
  19. 22वीं किस्त: 13 मार्च 2026 (पिछली के 114 दिन बाद) सोर्स: PIB की प्रेस रिलीज़, 19 मार्च 2026
  20. 23वीं किस्त: 20 जून 2026 (पिछली के 99 दिन बाद) सोर्स: pmkisan.gov.in का नोटिस
  21. 24वीं किस्त: 11 अक्टूबर 2026 की सुबह तक तारीख़ का ऐलान नहीं हुआ था। साल की तीन किस्तों के हिसाब से यह अगस्त–नवंबर 2026 की बनती है; यह हमने ख़ुद निकाला है।

हर तारीख़ सरकार की प्रेस रिलीज़, संसद में दिए गए जवाब या योजना की वेबसाइट से ली गई है। हर किस्त के साथ उसका सोर्स दिया है। दिनों की गिनती हमारी अपनी है। कैलेंडर हमने ख़ुद बनाया है; यह किसी सरकारी डॉक्यूमेंट की नक़ल नहीं है। जाँचा गया 11 अक्टूबर 2026।

24वीं किस्त कब आएगी?

अभी इसकी तारीख़ का ऐलान नहीं हुआ है। हमने 11 अक्टूबर 2026 की सुबह योजना की वेबसाइट pmkisan.gov.in का होमपेज (वेबसाइट का पहला पेज) पढ़ा। वहाँ लिखा है कि प्रधानमंत्री ने 23वीं किस्त 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) से जारी की। 24वीं किस्त के बारे में वहाँ कुछ नहीं लिखा है।

होमपेज पर “Period Wise Number of Farmers Benefited” नाम की एक पट्टी है। वह बताती है कि हर चार महीने में कितने किसानों को पैसा मिला। उसमें 23 एंट्री हैं, हर किस्त की एक। सबसे नई “APR-JUL 2026-27” है, यानी फ़ाइनेंशियल ईयर 2026-27 (अप्रैल से मार्च) के अप्रैल–जुलाई। उसमें 9,44,65,646 किसान दिखाए गए हैं। अगस्त–नवंबर की एंट्री अभी वहाँ नहीं है।

कई न्यूज़ वेबसाइटों पर अक्टूबर की अलग-अलग तारीख़ें छपी हैं। उनमें से कोई भी हमें योजना की वेबसाइट या PIB पर नहीं मिली। योजना की वेबसाइट का होमपेज खोलने पर एक तस्वीर दिखती है, जो किस्त के बारे में अफ़वाहों से बचने को कहती है। वह कृषि मंत्रालय के 16 सितंबर 2026 के एक संदेश से जुड़ी है। उस संदेश में कहा गया है कि पीएम-किसान की कोई भी जानकारी आगे भेजने से पहले जाँच लें कि वह सही है, और योजना के बारे में सिर्फ़ सरकारी (ऑफ़िशियल) जानकारी पर भरोसा करें।

किस्त की तारीख़ तभी पक्की मानें जब वह pmkisan.gov.in पर या pib.gov.in पर दिखे।

पिछली किस्तें कब-कब आईं?

23 में से 20 किस्तों के जारी होने का दिन सरकार की प्रेस रिलीज़ या संसद में दिए गए जवाबों में लिखा है। दूसरी, तीसरी और पाँचवीं किस्त के जारी होने का कोई एक दिन हमें किसी सरकारी डॉक्यूमेंट में नहीं मिला। इसलिए वे ऊपर के कैलेंडर में नहीं हैं।

चौथी किस्त (दिसंबर 2019–मार्च 2020 की) 2 जनवरी 2020 को जारी हुई। उस दिन की प्रेस रिलीज़ में इसे तीसरी किस्त लिखा है। पर कृषि मंत्रालय ने संसद में जो लिस्ट दी हैं, उनमें इन्हीं महीनों की किस्त चौथी गिनी गई है। हमने वही गिनती रखी है।

छठी किस्त 9 अगस्त 2020 को जारी हुई थी। तब से 23वीं तक हर किस्त का दिन लिखा मिलता है। इन 18 किस्तों के बीच 17 गैप बनते हैं। दो किस्तों के बीच सबसे कम 87 दिन का गैप रहा (8वीं और 9वीं के बीच) और सबसे ज़्यादा 159 दिन का (19वीं और 20वीं के बीच)। दिनों की यह गिनती हमारी अपनी है।

23वीं किस्त जारी हुए 11 अक्टूबर 2026 को 113 दिन हो चुके हैं। 2021 से 2025 तक, अप्रैल–जुलाई की किस्त के बाद अगस्त–नवंबर की किस्त 87, 139, 111, 109 और 109 दिन बाद आई थी। इससे कोई तारीख़ नहीं निकलती। इससे सिर्फ़ यह दिखता है कि यह गैप हर साल एक जैसा नहीं रहा।

अगस्त–नवंबर की किस्त इन तारीख़ों को जारी हुई: 9 अगस्त 2020, 9 अगस्त 2021, 17 अक्टूबर 2022, 15 नवंबर 2023, 5 अक्टूबर 2024 और 19 नवंबर 2025। 2025 में बाढ़ की चपेट में आए हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के किसानों के लिए यह किस्त 26 सितंबर 2025 को, और जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए 7 अक्टूबर 2025 को पहले जारी कर दी गई थी।

किस्त अपने चार महीने बीतने के बाद भी आ सकती है। अप्रैल–जुलाई 2025 की 20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को जारी हुई थी।

किस्त जारी होने के बाद भी पैसा क्यों नहीं आता?

क्योंकि पेमेंट तीन शर्तें पूरी होने पर ही होता है। सरकार ने 21 जुलाई 2026 को लोकसभा में बताया कि योजना का पैसा पाने के लिए तीन चीज़ें ज़रूरी हैं: लैंड सीडिंग, eKYC और बैंक खाते का आधार से लिंक होना।

ये शर्तें एक साथ लागू नहीं हुईं। सरकार के मुताबिक़ लैंड सीडिंग 12वीं किस्त (अगस्त–नवंबर 2022) से ज़रूरी है, आधार से पेमेंट 13वीं किस्त (दिसंबर 2022–मार्च 2023) से और eKYC 15वीं किस्त (अगस्त–नवंबर 2023) से। सरकार ने यह भी कहा है कि ये शर्तें पूरी करवाना राज्य सरकारों की ज़िम्मेदारी है।

सरकार ने 20 मार्च 2026 को राज्यसभा में बताया कि 16 मार्च 2026 तक eKYC न होने से 32,94,609 किसानों का पेमेंट रुका था। बैंक खाता आधार से लिंक न होने से 23,53,748 का, और लैंड सीडिंग न होने से 16,52,379 का पेमेंट रुका था। एक ही किसान एक से ज़्यादा वजहों में गिना गया हो सकता है। इसलिए हमने इन तीनों को जोड़ा नहीं है।

किस्त का रास्ता

किस्त जारी होने के बाद भी पैसा कहाँ रुक सकता है?

किस्त को नहर का पानी समझिए और हर शर्त को एक फाटक। आपका जो काम हो चुका है, उस पर टैप करें। उसका फाटक उठ जाएगा, और पानी पहले बंद फाटक तक पहुँचेगा।

किस्त जारीआपका खाता1234

फाटक 1: लैंड सीडिंग

ऊपर से चुनिए कि आपका कौन-सा काम हो चुका है।

लैंड सीडिंग यानी राज्य के ज़मीन के रिकॉर्ड से यह मिलान कि खेती की ज़मीन सच में आपके नाम है। सरकार के मुताबिक़ यह 12वीं किस्त (अगस्त–नवंबर 2022) से ज़रूरी है।

कहाँ ठीक होगा: सरकार के मुताबिक़ ये शर्तें पूरी करवाना राज्य सरकारों की ज़िम्मेदारी है। योजना की वेबसाइट पर “Search your Point of Contact (POC)” में अपने राज्य और ज़िले के नोडल अफ़सर का कॉन्टैक्ट देखें।

सोर्स: लोकसभा में सरकार का जवाब, 17 मार्च 2026 · pmkisan.gov.in · जाँचा गया 11 अक्टूबर 2026

सभी शर्तें एक लिस्ट में
  1. फाटक 1, लैंड सीडिंग: लैंड सीडिंग यानी राज्य के ज़मीन के रिकॉर्ड से यह मिलान कि खेती की ज़मीन सच में आपके नाम है। सरकार के मुताबिक़ यह 12वीं किस्त (अगस्त–नवंबर 2022) से ज़रूरी है। कहाँ ठीक होगा: सरकार के मुताबिक़ ये शर्तें पूरी करवाना राज्य सरकारों की ज़िम्मेदारी है। योजना की वेबसाइट पर “Search your Point of Contact (POC)” में अपने राज्य और ज़िले के नोडल अफ़सर का कॉन्टैक्ट देखें। सोर्स: लोकसभा में सरकार का जवाब, 17 मार्च 2026 सोर्स: pmkisan.gov.in
  2. फाटक 2, आधार से लिंक बैंक खाता: सरकार के मुताबिक़ सारे पेमेंट आधार वाले पेमेंट सिस्टम (Aadhaar Based Payment System) से उसी बैंक खाते में जाते हैं जो आपके आधार से लिंक (सीड) है; इसमें खाता नंबर इस्तेमाल नहीं होता। आधार से पेमेंट 13वीं किस्त (दिसंबर 2022–मार्च 2023) से ज़रूरी है। कहाँ ठीक होगा: UIDAI के मुताबिक़ जिस बैंक ब्रांच में खाता है, वहाँ जाएँ, बैंक का मंज़ूरी वाला फ़ॉर्म (mandate and consent form) भरें और खाते से आधार लिंक करने को कहें। इसके बाद बैंक आपके खाते को NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया) के रिकॉर्ड से जोड़ देता है। खाता लिंक है या नहीं, यह myaadhaar.uidai.gov.in पर देख सकते हैं। सोर्स: लोकसभा में सरकार का जवाब, 10 मार्च 2026 सोर्स: लोकसभा में सरकार का जवाब, 17 मार्च 2026 सोर्स: UIDAI
  3. फाटक 3, eKYC: योजना की वेबसाइट पर लिखा है कि रजिस्टर्ड किसानों के लिए eKYC ज़रूरी है। सरकार के मुताबिक़ यह 15वीं किस्त (अगस्त–नवंबर 2023) से ज़रूरी है, ताकि यह पक्का हो सके कि पैसा पाने वाला किसान वही है और ज़िंदा है। कहाँ ठीक होगा: वेबसाइट के नोटिस के मुताबिक़ बायोमेट्रिक eKYC तीन तरीक़ों से हो सकता है: CSC (जन सेवा केंद्र) पर, PM-KISAN मोबाइल ऐप में और राज्य की मंज़ूरी वाले लॉगिन (State Authorized User Login) से। वेबसाइट के नवंबर 2023 के नोट में OTP से और ऐप में चेहरा दिखाकर eKYC के तरीक़े भी लिखे हैं। पर OTP वाला लिंक 11 अक्टूबर 2026 को होमपेज पर नहीं दिखा। नोट के मुताबिक़ eKYC का नतीजा 24 घंटे बाद स्टेटस में दिखता है। सोर्स: pmkisan.gov.in सोर्स: लोकसभा में सरकार का जवाब, 17 मार्च 2026 सोर्स: pmkisan.gov.in का eKYC नोट
  4. फाटक 4, जाँच में रुका मामला: वेबसाइट के नोटिस के मुताबिक़ कुछ ऐसे मामलों का पैसा, जिन पर शक है, फ़िलहाल रोका गया है, जब तक मौके पर जाँच पूरी नहीं हो जाती। उसमें दो मिसालें दी हैं: जिन्हें ज़मीन का मालिकाना हक़ 1 फ़रवरी 2019 के बाद मिला, और जहाँ एक ही परिवार के एक से ज़्यादा लोग पैसा ले रहे हैं (जैसे पति और पत्नी दोनों)। कहाँ ठीक होगा: नोटिस में कहा गया है कि किसान वेबसाइट या मोबाइल ऐप के “Know Your Status” में, या किसान ई-मित्र चैटबॉट से देखें कि वे योजना के हक़दार हैं या नहीं (eligibility status)। सोर्स: pmkisan.gov.in

आप जो चुनते हैं वह न कहीं सेव होता है, न कहीं भेजा जाता है। यह सब आपके अपने फ़ोन या कंप्यूटर में चलता है। यहाँ आधार, बैंक या मोबाइल नंबर नहीं माँगा जाता।

हर शर्त की जानकारी उसके नीचे दिए गए सरकारी पेजों से ली गई है। नहर और फाटक हमारी बनाई तस्वीर है। यह आम जानकारी है; आपकी किस्त आपके अपने रिकॉर्ड से तय होती है। जाँचा गया 11 अक्टूबर 2026।

वेबसाइट के नवंबर 2023 के नोट में लिखा है कि CSC (जन सेवा केंद्र) पर बायोमेट्रिक eKYC की फ़ीस ₹15 है। उसी नोट में OTP से eKYC का तरीक़ा भी है। पर 11 अक्टूबर 2026 को होमपेज पर हमें उसका लिंक नहीं दिखा। होमपेज के नोटिस में सिर्फ़ बायोमेट्रिक eKYC की बात है।

शर्त पूरी करने के बाद रुकी हुई पुरानी किस्तें मिलती हैं या नहीं? इस पर सरकार के जवाब समय के साथ बदले हैं। 19 अगस्त 2025 को लोकसभा में कहा गया था कि किसान जब ज़रूरी शर्तें पूरी कर लेते हैं, तो उन्हें योजना का पैसा मिलता है, और पिछली किस्तों का जमा पैसा भी साथ में मिलता है। 10 फ़रवरी 2026 का जवाब बैंक खाते को आधार से लिंक करने के बारे में था। उसमें कहा गया कि शर्त पूरी होते ही बकाया पैसा आधार से लिंक खाते में तुरंत भेज दिया जाता है।

21 जुलाई 2026 के जवाब में सरकार ने कहा कि जिन हक़दार किसानों को राज्य वेरिफ़ाई कर देते हैं, उन्हें पैसा अगली किस्तों में तुरंत भेज दिया जाता है। 7 अगस्त 2026 को राज्यसभा में उसने सिर्फ़ इतना कहा कि शर्तें पूरी करने पर किसान योजना का पैसा पाने के हक़दार (पात्र) हो जाते हैं। आपके मामले में क्या होगा, यह “Know Your Status” में देखें या हेल्पलाइन से पूछें।

क्या 24वीं किस्त के लिए Farmer ID ज़रूरी है?

इस पर सरकारी डॉक्यूमेंट एक जैसी बात नहीं कहते। केंद्र के कृषि सचिव ने 17 फ़रवरी 2025 को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एक चिट्ठी लिखी थी। उसमें लिखा था कि मार्च 2025 के बाद पीएम-किसान का पैसा पाने के लिए Farmer ID (किसान पहचान पत्र) को योजना के रिकॉर्ड (डेटाबेस) से जोड़ना ज़रूरी होगा। यह चिट्ठी राजस्थान के किसान रजिस्ट्री पोर्टल पर लगी है।

इसके बाद सरकार ने संसद में यही कहा है कि Farmer ID सिर्फ़ नए रजिस्ट्रेशन के लिए ज़रूरी है। 10 मार्च 2026 को लोकसभा में बताया गया कि यह उन 19 राज्यों में लागू है जहाँ किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है। उसी जवाब के मुताबिक़ जिन राज्यों में यह काम शुरू नहीं हुआ, वहाँ किसान बिना Farmer ID के रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। 31 जुलाई 2026 को राज्यसभा में सरकार ने बताया कि पंजाब में Farmer ID का काम पूरा नहीं हुआ है, फिर भी वहाँ पीएम-किसान का पेमेंट चलता रहा है। सरकार के मुताबिक़ यह पेमेंट राज्य के ज़मीन के रिकॉर्ड और आधार से लिंक बैंक खातों के ज़रिए होता रहा है।

Farmer ID किसान की डिजिटल पहचान है। यह राज्य की किसान रजिस्ट्री (Farmer Registry) से मिलती है। जो किसान पहले से योजना में हैं, उनसे 24वीं किस्त के लिए Farmer ID माँगी जाएगी या नहीं, यह हमें 11 अक्टूबर 2026 की सुबह तक योजना की वेबसाइट या PIB पर लिखा नहीं मिला। अपने राज्य का नियम अपने ज़िले के कृषि विभाग के दफ़्तर से पूछ लें। या योजना की वेबसाइट पर “Search your Point of Contact (POC)” में अपने ज़िले के नोडल अफ़सर का कॉन्टैक्ट देखें।

अपना स्टेटस कैसे देखें?

योजना की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर “Farmers Corner” में “Know Your Status” खोलें। वहाँ अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा (तस्वीर में दिखे अक्षर) भरें। फिर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। रजिस्ट्रेशन नंबर याद न हो तो “Know Your Registration No.” में मोबाइल या आधार नंबर डालकर निकाल सकते हैं।

कृषि मंत्रालय के मुताबिक़ “Know Your Status” में एक ही जगह दिखता है कि पेमेंट का स्टेटस क्या है, आप योजना के हक़दार हैं या नहीं, और लैंड सीडिंग, आधार लिंकिंग और eKYC का स्टेटस क्या है। पूरे गाँव की लिस्ट “Beneficiary List” में देख सकते हैं। वहाँ राज्य, ज़िला, उप-ज़िला, ब्लॉक और गाँव चुनना होता है। इसके लिए OTP नहीं लगता।

किसान हेल्पलाइन का नंबर 155261 है। PIB की 16 फ़रवरी 2026 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ इसे “भारत-विस्तार” नाम की सर्विस से जोड़ा गया है। उसमें लिखा है कि फ़ोन पर “भारती” नाम की AI असिस्टेंट शुरू में हिंदी और अंग्रेज़ी में मिलेगी। प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ इस सर्विस में योजनाओं का स्टेटस देखा जा सकता है और शिकायत की जा सकती है। स्कीम समाचार आपसे कोई जानकारी नहीं माँगता। अपना आधार, बैंक या मोबाइल नंबर सिर्फ़ pmkisan.gov.in जैसी सरकारी वेबसाइट पर भरें।

किन परिवारों को यह पैसा नहीं मिलता?

योजना की वेबसाइट के मुताबिक़ संस्थाओं के नाम की ज़मीन के मालिकों को यह पैसा नहीं मिलता। उन किसान परिवारों को भी नहीं मिलता जिनका कोई सदस्य इनमें से किसी कैटेगरी में आता है:

  • जो संविधान में बने पदों (संवैधानिक पद) पर हैं या रह चुके हैं
  • मंत्री, राज्य मंत्री, लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य, नगर निगमों के मेयर और ज़िला पंचायतों के अध्यक्ष: जो अभी इन पदों पर हैं या पहले रह चुके हैं
  • केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों, दफ़्तरों और विभागों, सरकारी कंपनियों और निगमों, और सरकार के तहत आने वाले दफ़्तरों व संस्थाओं के मौजूदा या रिटायर्ड अफ़सर और कर्मचारी, और लोकल बॉडी (स्थानीय निकायों) के रेगुलर कर्मचारी (मल्टी-टास्किंग स्टाफ़, चतुर्थ श्रेणी और ग्रुप डी को छोड़कर)
  • ₹10,000 या उससे ज़्यादा महीने की पेंशन पाने वाले रिटायर्ड पेंशनर (मल्टी-टास्किंग स्टाफ़, चतुर्थ श्रेणी और ग्रुप डी को छोड़कर)
  • जिन्होंने पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स दिया
  • वे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट जो अपनी पेशेवर संस्था में रजिस्टर्ड हैं और प्रैक्टिस करते हैं

वेबसाइट का एक नोटिस यह भी कहता है कि कुछ ऐसे मामलों का पैसा फ़िलहाल रोका गया है, जिन पर शक है कि वे योजना से बाहर रखने की शर्तों में आ सकते हैं। नोटिस के मुताबिक़ यह रोक मौके पर जाँच (फ़िज़िकल वेरिफ़िकेशन) पूरी होने तक है। उसमें दो मिसालें दी हैं: जिन किसानों को ज़मीन का मालिकाना हक़ 1 फ़रवरी 2019 के बाद मिला, और जहाँ एक ही परिवार के एक से ज़्यादा लोग पैसा ले रहे हैं।

सरकार ने 11 अगस्त 2026 को लोकसभा में बताया कि योजना का हक़दार कौन है, यह तय करने की कट-ऑफ़ तारीख़ 1 फ़रवरी 2019 है, और इसमें ढील देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उसी जवाब के मुताबिक़ ज़मीन के मालिक की मौत के बाद विरासत में मिली ज़मीन पर वारिसों का परिवार इस पैसे का हक़दार है, अगर वह बाक़ी शर्तें पूरी करता हो।

किस्त के नाम पर आने वाले लिंक और फ़ाइलों से कैसे बचें?

गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम सेंटर (I4C) की 16 मार्च 2026 की एडवाइज़री में बताया गया है कि नुक़सान पहुँचाने वाली .apk फ़ाइलें (Android फ़ोन में ऐप डालने वाली फ़ाइलें) धोखे वाले लिंक या WhatsApp से भेजी जाती हैं। उसकी सलाह है कि ऐप सिर्फ़ Google Play Store जैसी भरोसेमंद जगह से इंस्टॉल करें। इस एडवाइज़री में पीएम-किसान का नाम नहीं है। यह नक़ली ऐप के बारे में आम चेतावनी है।

मई 2025 में आकाशवाणी समाचार ने बताया था कि नागालैंड पुलिस ने “PM Kisan Yojana” नाम से फैल रही एक APK फ़ाइल के बारे में चेतावनी दी। रिपोर्ट के मुताबिक़ पुलिस ने कहा कि उसे इंस्टॉल करने पर फ़ोन अपने मालिक के कंट्रोल में नहीं रहता।

साइबर ठगी की शिकायत 1930 पर फ़ोन करके या cybercrime.gov.in पर कर सकते हैं। योजना की सरकारी वेबसाइट pmkisan.gov.in है।

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