संपादकीय नीति
आधिकारिक स्रोत पहले
हर रकम, तारीख़, समय-सीमा और पात्रता की शर्त किसी आधिकारिक दस्तावेज़ से ली जाती है — जैसे योजना की वेबसाइट, सरकारी अधिसूचना, दिशानिर्देश या PIB की प्रेस विज्ञप्ति। हर आंकड़े के साथ उसका लिंक और वह तारीख़ दी जाती है जिस दिन हमने उसे जाँचा।
पक्की बात और अनुमान अलग
जब तक किसी किस्त या तारीख़ की आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, हम उसे “अनुमान” लिखते हैं और कभी पक्की खबर की तरह नहीं छापते। हमारे शीर्षक तथ्य बताते हैं; हम सनसनी या गुमराह करने वाले शीर्षक नहीं लिखते।
AI का इस्तेमाल
लेखों का मसौदा बनाने में AI की मदद ली जाती है। ऐसा हर लेख प्रकाशन से पहले नामित संपादक जाँचते हैं, और हर आंकड़ा आधिकारिक स्रोत से मिलाया जाता है। लेख के नीचे “यह लेख कैसे बना” बॉक्स में बताया जाता है कि कौन-से स्रोत पढ़े गए और AI की मदद ली गई या नहीं।
लेखक और बायलाइन
हमारे लेखक स्वतंत्र (फ़्रीलांस) लेखक हैं और कलमी नाम (pen name) से लिखते हैं। कलमी नाम वह नाम है जिससे लेखक लिखते हैं; यह उनका असली नाम नहीं होता।
लेख पर या तो लेखक का कलमी नाम होता है, या “स्कीम समाचार डेस्क” लिखा होता है। हर लेख में यह भी लिखा होता है कि उसके तथ्य किसने और कब जाँचे।
तथ्य जाँच के साथ छपने वाला नाम पीयूष चौधरी (Piyush Choudhary) है; यह असली नाम है, कलमी नाम नहीं।