व्याख्या
PM Surya Ghar: ₹78,000 subsidy देखकर solar लगवा रहे हैं? Quotation की ये 5 बातें चूकने पर खर्च बढ़ सकता है
PM Surya Ghar में subsidy से पहले कितना पैसा देना होगा? दो quotation का फर्क, छत की जाँच, net meter और warranty की वे बातें समझें जो कुल खर्च बदल सकती हैं।

कंपनी ने solar का quotation दिया और subsidy घटाकर कम कीमत बता दी। लेकिन उस कीमत में छत का काम, meter या tax शामिल नहीं हुआ तो payment के समय खर्च बढ़ेगा। इसलिए सबसे पहले पूछें: subsidy घटाने से पहले पूरे काम की कीमत कितनी है?
Subsidy बाद में आएगी। उससे पहले payment का इंतज़ाम करना होगा। कंपनी को कब और कितना देना है, यह लिखित में तय करें। नीचे calculator में भरी रकम समझाने का उदाहरण है; यह बाज़ार की कीमत नहीं है।
ज़रूरी फ़ैक्ट्स
सभी आंकड़े जाँचे गए:
- 3 kW पर केंद्र की subsidy — आम दर
- ₹78,000; बाकी शर्तें पूरी होना ज़रूरी
- खास राज्यों में 3 kW पर केंद्र की subsidy
- ₹85,800; राज्य की अलग मदद शामिल नहीं
- 3 kW से बड़ा solar
- अतिरिक्त क्षमता पर केंद्र की subsidy नहीं बढ़ती
- कंपनी की देखभाल और मरम्मत की ज़िम्मेदारी
- 5 साल
- SBI loan में subsidy कहाँ जाती है?
- Loan account में
- Power cut में आम on-grid solar
- सुरक्षा के लिए grid में बिजली भेजना बंद करता है
बाक़ी 4 फ़ैक्ट्स, सोर्स के साथ
- पहले 2 kW पर केंद्र की दर — प्रति kW
- आम दर ₹30,000; खास राज्यों में ₹33,000
- अगले 1 kW पर केंद्र की दर
- आम दर ₹18,000; खास राज्यों में ₹19,800
- 2 kW का हिसाब — ऊपर की दर से
- आम दर ₹60,000; खास राज्यों में ₹66,000
- 2.5 kW का हिसाब — ऊपर की दर से
- आम दर ₹69,000; खास राज्यों में ₹75,900
दो quotations का पूरा खर्च देखें
एक कंपनी की कीमत कम दिख सकती है, लेकिन उसमें कुछ काम छूटा हो सकता है। दोनों की कीमत और बाहर का खर्च अलग लिखें। दोनों में एक ही size का नया घरेलू solar होना चाहिए। सामान और service की तुलना अलग से करनी होगी।
सिर्फ कीमत का अंतर देखकर फैसला न करें। सामान, warranty और service भी मिलाएँ। Subsidy बाद में मिलेगी; इसका मतलब पूरा पैसा advance देना नहीं है। कब कितना payment करना है, यह लिखवा लें।
₹78,000 हर किसी को मिलेंगे?
नहीं। आम दर में पहले 2 kW पर ₹30,000 प्रति kW और अगले 1 kW पर ₹18,000 मिलते हैं। 3 kW से बड़ा solar लगाने पर केंद्र की subsidy और नहीं बढ़ती। आवेदन की बाकी शर्तें भी पूरी होनी चाहिए। [1]
- 1 kW: आम दर ₹30,000; खास राज्यों में ₹33,000।
- 2 kW: आम दर ₹60,000; खास राज्यों में ₹66,000।
- 2.5 kW: आम दर ₹69,000; खास राज्यों में ₹75,900।
- 3 kW या अधिक: आम दर ₹78,000; खास राज्यों में ₹85,800।
*उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर के राज्य व सिक्किम, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप। राज्य सरकार की अपनी मदद अलग हो सकती है। [1]
यह हिसाब उस घर के लिए है जहाँ नया solar खरीदा जा रहा है। पहले subsidy ली हो, पुराने solar में नए panel जोड़ने हों, सोसाइटी का साझा connection हो या किराए पर solar लेना हो, तो सरकारी website पर अपने मामले के नियम देखें।
Loan ले रहे हैं तो EMI भी देखें
Loan लेने से शुरू का payment आसान हो सकता है, लेकिन ब्याज भी देना होगा। SBI की इस loan योजना में subsidy loan account में ही जानी है। इसे अलग से खर्च करने के लिए मिलने वाला पैसा न मानें। [3]
Bank से तीन बातें लिखित में लें: subsidy देर से आई तो EMI कितनी होगी, पैसा आने पर EMI घटेगी या loan जल्दी खत्म होगा, और कुल ब्याज कितना देना पड़ेगा। हर bank की शर्त एक जैसी नहीं होती।
अब देखें, छत पर panel कहाँ लगेंगे?
सिर्फ खाली जगह देखकर काम तय न करें। टंकी और सीढ़ी के कमरे की छाया panel पर पड़ सकती है। सफाई और मरम्मत के लिए आने-जाने की जगह भी चाहिए। टंकी की छाया, आने-जाने का रास्ता और panel के ढाँचे पर ध्यान दें।
छत पर पानी रुकता हो, कहीं दरार हो या तेज हवा आती हो तो जाँच के समय बताएँ। Panel कितने लगेंगे, उनके नीचे का ढाँचा कैसा होगा और टंकी तक कैसे पहुँचेंगे—ये बातें काम शुरू होने से पहले तय हों।
Quotation में क्या लिखवाना है?
“सब शामिल है” कहना काफी नहीं है। कंपनी से इन पाँच बातों का लिखित जवाब लें।
Panel और inverter कौन-से होंगे?
Brand, model, हर panel के watt और पूरे solar का size लिखवाएँ। Inverter का model और size भी हो। “3 kW” panel का size है या inverter का, यह साफ करें। Subsidy के लिए भारत में बने cell और panel की शर्त का सबूत भी माँगें। [1]
छत में छेद या पानी टपकने की ज़िम्मेदारी किसकी?
Panel किस ढाँचे पर लगेगा, कितना ऊँचा होगा और छत में कैसे जुड़ेगा—यह लिखवाएँ। काम के बाद पानी टपका तो मरम्मत कौन करेगा और पैसा कौन देगा, यह भी तय हो।
तार और सुरक्षा का काम कीमत में है?
Cable, earthing, सुरक्षा के सामान और testing का खर्च पूछें। काम पूरा होने पर तारों का नक्शा और जाँच की रिपोर्ट लें। बिजली के हिस्से खुद खोलकर जाँचने की कोशिश न करें।
Tax, meter और बाकी charges कितने हैं?
Tax सहित पूरी रकम लिखवाएँ। Meter, आवेदन, छत का काम या लंबी cable के पैसे अलग लगेंगे तो अभी जोड़ें। यह भी देखें कि दिखाई गई कीमत से subsidy पहले ही तो नहीं घटाई गई है।
खराबी आए तो service कौन देगा?
Panel की warranty और पूरे काम की service अलग बातें हैं। नियमों में कंपनी की पाँच साल की देखभाल और मरम्मत की ज़िम्मेदारी दी गई है। [1] पूछें: किस नंबर पर फोन करना है, कितने दिन में आएँगे और किन चीजों के पैसे अलग लगेंगे?
Quotation पर तारीख हो और यह भी लिखा हो कि कीमत कब तक लागू है। Advance, सामान आने, काम पूरा होने और जाँच के बाद कितना payment होगा—अलग-अलग लिखवाएँ।
Solar लगने पर bill ज़ीरो हो जाएगा?
सिर्फ panel का size देखकर यह नहीं कहा जा सकता। कितनी धूप आती है, घर में दिन के समय कितनी बिजली चलती है और बिजली कंपनी आपके bill का हिसाब कैसे करती है—ये सब मायने रखते हैं। Fixed charges जैसी कुछ रकम अलग से लग सकती है। [2]
कंपनी से हर महीने बनने वाली बिजली का अनुमान माँगें। यह भी पूछें कि उसने छाया और मौसम का क्या हिसाब लिया है। बची हुई बिजली लाइन में भेजने पर कितनी रकम घटेगी, यह अपनी बिजली कंपनी से समझें।
Power cut में solar काम करेगा?
आम on-grid solar में बिजली कटने पर inverter सुरक्षा के लिए बंद लाइन में बिजली भेजना रोक देता है। इसलिए सिर्फ panel लगने से power cut में घर नहीं चलता। [4]
Backup चाहिए तो अलग से पूछें: कौन-से पंखे या दूसरे सामान कितनी देर चलेंगे? कौन-सी battery और inverter लगेगा? उसका खर्च quotation में अलग दिखना चाहिए।
आवेदन करते समय ये कागज़ सँभालें
अपने राज्य और बिजली कंपनी के लिए सरकारी website पर जो steps दिए हों, उन्हें देखें। हर काम की रसीद या नंबर रखें, ताकि बाद में पता कर सकें कि काम कहाँ तक पहुँचा।
सरकारी website पर आवेदन
बिजली bill की जानकारी से form भरें। आवेदन नंबर और रसीद सेव कर लें। PM Surya Ghar की website खोलें
कंपनी और कीमत तय करें
Website पर दर्ज कंपनी चुनें। छत की जाँच, पूरा quotation और payment की शर्तें लिखित में लें।
काम पूरा हो तो दस्तावेज लें
Bill, panel और inverter की जानकारी, ज़रूरी photos और warranty के कागज़ रखें। Website पर माँगी गई जानकारी पूरी होनी चाहिए।
बिजली कंपनी की जाँच
Meter और solar की जाँच पूरी करवाएँ। कोई सुधार बताया जाए तो उसका कारण लिखकर या message की copy लेकर रखें।
Subsidy का काम पूरा करें
Website पर subsidy के लिए माँगी गई जानकारी और bank details भरें। Loan है तो bank से पूछें कि पैसा किस खाते में जाएगा। मंजूरी और खाते में पैसा आना अलग बातें हैं।
यह क्रम MNRE के नियमों और ऊपर दी गई SBI की जानकारी पर आधारित है। यहाँ से कोई आवेदन नहीं होता और payment की तारीख का वादा नहीं किया जा रहा है।
काम अटक जाए तो किससे बात करें?
पहले देखें कि आखिरी कौन-सा काम पूरा हुआ था और उसके बाद क्या message आया। उसी काम के बारे में सवाल करें।
Solar लग गया, जाँच बाकी है
आवेदन नंबर और काम पूरा होने की तारीख लेकर बिजली कंपनी से बात करें। Solar लगाने वाली कंपनी से पूछें कि उसने अपनी तरफ के documents जमा कर दिए हैं या नहीं।
Form में गलती या आवेदन रद्द होने का message है
Message और उसकी तारीख सेव करें। किस जानकारी में गलती है, यह पूछें। नया form भरने या पुराना हटाने से पहले सरकारी website की help service से सही तरीका लें।
Payment का message है, खाते में पैसा नहीं आया
Payment का नंबर, तारीख और खाते की जानकारी मिलाएँ। Loan लिया है तो उसका statement भी देखें। Website की help service से payment का नंबर लें और bank में उससे पूछताछ करें।
कंपनी अब और पैसे माँग रही है
पुराना quotation सामने रखें। नया खर्च किस चीज का है और पहले क्यों नहीं बताया गया, यह लिखित में पूछें। शिकायत हल न हो तो National Consumer Helpline पर बात कर सकते हैं। [5]
शिकायत छोटी और साफ रखें: “मेरे आवेदन में कौन-सी जाँच बाकी है?” या “यह नया charge quotation में कहाँ लिखा है?” शिकायत का नंबर सँभालें। OTP या bank password किसी को न दें।
कंपनी से यह एक बात ज़रूर कहें
“Subsidy घटाने से पहले पूरा खर्च लिखकर दीजिए। क्या शामिल नहीं है और payment कब करना है, यह भी बता दीजिए।”
इसका साफ जवाब मिल जाए तो दो quotations की तुलना करना और अपने पैसे का इंतज़ाम करना आसान होगा।
योजना के बारे में मूल posts भी देखें
MNRE ने यह चर्चा अपने LinkedIn post में भी share की है। योजना के बारे में और समझना हो तो इसे देख सकते हैं।
Videos और posts अपने मूल accounts से आते हैं। पुराने post को नया सरकारी नियम न मानें। हर embed के साथ मूल video या post का link दिया है।
सोर्स
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- PM-Surya Ghar: Muft Bijli Yojana — All you need to knowप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 1 मार्च 2024 · जाँचा गया 13 अक्टूबर 2026
- PM Surya Ghar – Loan for Solar Roof Top — SBIसवाल-जवाब (FAQ) · जाँचा गया 13 अक्टूबर 2026
- MNRE — Grid Connected Rooftop Solar Programme: residential CFA operational guidelinesगाइडलाइन · जाँचा गया 13 अक्टूबर 2026
- National Consumer Helplineऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 13 अक्टूबर 2026
