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यूपी में दिवाली का मुफ़्त सिलेंडर सिर्फ़ उज्ज्वला वालों को: पहले दाम देना होगा, सब्सिडी 4-5 दिन बाद खाते में

यूपी कैबिनेट के 9 अक्टूबर 2026 के फ़ैसले में शर्त है कि बैंक खाता आधार से लिंक हो और आधार प्रमाणित हो। नोट में न एक रिफ़िल की रकम है, न दिवाली वाले दौर की कोई तारीख़।

ऊपर से दिखता पीला तिपहिया, जिस पर लाल रसोई गैस सिलेंडर लदे हैं; पास की सड़क पर एक कुत्ता सोया है
प्रतीकात्मक तस्वीर: रसोई गैस सिलेंडर ले जाता एक तिपहिया (हैदराबाद, 2016) · फ़ोटो: Jay.Jarosz / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

उत्तर प्रदेश में उज्ज्वला कनेक्शन वाले परिवारों को इस दिवाली एक सिलेंडर मुफ़्त भरवाने की बात सच है, पर शर्तों के साथ, और अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौर में। यह हर राशन कार्ड वाले परिवार के लिए नहीं है, और पैसा सिलेंडर ख़रीदे बिना नहीं आएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) ने 9 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को फ़ाइनेंशियल ईयर 2026-27 में दो रिफ़िल मुफ़्त देने का फ़ैसला किया: एक दिवाली वाले दौर में, एक होली वाले दौर में।

फ़ैसले के नोट में तीन बातें साफ़ लिखी हैं। पहली, यह सिर्फ़ उन लाभार्थियों के लिए है जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है और जिनका आधार प्रमाणित है। दूसरी, रिफ़िल लेते समय उसका सामान्य दाम (नोट के शब्द: ‘उपभोक्ता दर’) ख़ुद देना होगा। तीसरी, उसके 4 से 5 दिन बाद तेल कंपनी सब्सिडी का पैसा आधार प्रमाणित खाते में भेजेगी।

ज़रूरी फ़ैक्ट्स

सभी आंकड़े जाँचे गए:

फ़ैसला (9 अक्टूबर 2026)
यूपी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 2026-27 में 2 मुफ़्त सिलेंडर रिफ़िल मंज़ूर किए
सोर्स: information.up.gov.in · 9 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
किसके लिए
सिर्फ़ उज्ज्वला लाभार्थी, जिनका बैंक खाता आधार से लिंक हो और आधार प्रमाणित हो; नोट में राशन कार्ड का ज़िक्र नहीं
सोर्स: information.up.gov.in · 9 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
पैसा कैसे आएगा
रिफ़िल का सामान्य दाम (नोट के शब्द: ‘उपभोक्ता दर’) पहले ख़ुद देना है; रिफ़िल लेने के 4 से 5 दिन बाद तेल कंपनी सब्सिडी आधार प्रमाणित खाते में भेजेगी
सोर्स: information.up.gov.in · 9 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
कब
पहला मुफ़्त रिफ़िल अक्टूबर से दिसंबर 2026 में, दूसरा जनवरी से मार्च 2027 में; नोट में दो दौर हैं, दिवाली और होली पर
सोर्स: information.up.gov.in · 9 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
एक रिफ़िल पर कितना पैसा
नोट में नहीं लिखा; राज्य सरकार पर कुल ख़र्च ₹2,142.78 करोड़
सोर्स: information.up.gov.in · 9 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
दिवाली 2026
8 नवंबर 2026, रविवार (केंद्र सरकार के दफ़्तरों की छुट्टियों की लिस्ट)
सोर्स: itat.gov.in
बाक़ी 20 फ़ैक्ट्स, सोर्स के साथ
यूपी में उज्ज्वला कनेक्शन
1.86 करोड़ (मुख्यमंत्री का 9 अक्टूबर 2026 का प्रेस नोट)
सोर्स: information.up.gov.in · 9 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
पिछली लिखी रकम (होली 2025)
हर रिफ़िल पर ₹508.14 की सब्सिडी (12 मार्च 2025 का नोट)। उसी नोट में लिखा है: ‘एक बार में 1,890 करोड़ रुपये और दो बार में कुल 3,760 करोड़ रुपये’; ये दोनों आंकड़े आपस में मेल नहीं खाते
सोर्स: information.up.gov.in
शुरुआत (धनतेरस, 10 नवंबर 2023)
1.75 करोड़ परिवारों के लिए ₹2,312 करोड़ का अभियान; तब तक 54 लाख परिवारों ने खाता आधार से लिंक कराया था
सोर्स: information.up.gov.in
2025-26 का फ़ैसला (26 सितंबर 2025)
2 मुफ़्त रिफ़िल (अक्टूबर से दिसंबर 2025, जनवरी से मार्च 2026); ख़र्च का अनुमान ₹1,385.34 करोड़
सोर्स: information.up.gov.in
दिवाली 2025 (15 अक्टूबर 2025 का नोट)
₹1,500 करोड़ से 1.86 करोड़ हक़दार (पात्र) परिवारों को रिफ़िल सब्सिडी; नोट के मुताबिक़ पूरे 2025-26 के लिए भी ₹1,500 करोड़ रखे गए
सोर्स: information.up.gov.in
होली 2026 (28 फ़रवरी 2026 का नोट)
₹1,500 करोड़ जारी; मुख्यमंत्री ने केंद्र की सब्सिडी ₹335.40 प्रति सिलेंडर, साल में 9 सिलेंडर बताई
सोर्स: information.up.gov.in
केंद्र की सब्सिडी (PIB, 7 जून 2026)
₹300 प्रति सिलेंडर, हर साल के पहले 4 रिफ़िल पर; साल में ₹1,200
सोर्स: pib.gov.in
केंद्र की सब्सिडी (PIB, 8 अगस्त 2025)
2025-26 में ₹300 प्रति सिलेंडर, साल में 9 रिफ़िल तक
सोर्स: pib.gov.in
दिल्ली में सिलेंडर का दाम (PIB, 7 जून 2026)
आम ग्राहक ₹942; उज्ज्वला वाले परिवार के लिए ₹300 के बाद असल में ₹642
सोर्स: pib.gov.in
बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (देश भर, 1 दिसंबर 2025 तक)
71% उज्ज्वला ग्राहक; नवंबर 2025 में मोबाइल से ऑथेंटिकेशन का मुफ़्त अभियान शुरू हुआ
सोर्स: pib.gov.in
दिल्ली (DD News पर IANS की ख़बर, 4 फ़रवरी 2026)
ख़बर के मुताबिक़ सभी राशन कार्ड परिवारों को होली-दिवाली पर सिलेंडर के दाम जितना पैसा, सिलेंडर भरवाया हो या नहीं; तब ₹853, उज्ज्वला वालों को ₹553
सोर्स: ddnews.gov.in
दिल्ली का बजट भाषण (24 मार्च 2026)
₹260 करोड़ से होली और दिवाली पर ‘महिलाओं के लिए’ मुफ़्त गैस सिलेंडर
सोर्स: finance.delhi.gov.in
राजस्थान (अगस्त 2024 की गाइडलाइन)
₹450 में सिलेंडर, ऊपर का पैसा बाद में खाते में
सोर्स: food.rajasthan.gov.in
हरियाणा (10 अगस्त 2026 की रिलीज़)
हक़दार (पात्र) महिलाओं को ₹500 में सिलेंडर
सोर्स: prms.prharyana.gov.in
बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं
myAadhaar पर बैंक सीडिंग स्टेटस, या NPCI की वेबसाइट (UIDAI)
सोर्स: uidai.gov.in
LPG इमरजेंसी हेल्पलाइन
1906
सोर्स: mopng.gov.in
उज्ज्वला हेल्पलाइन
1800-266-6696; टोल-फ़्री 1800-2333-5555 (ज़िलेवार आंकड़ों वाला पेज)
सोर्स: pmuy.gov.in
उज्ज्वला FAQ में हेल्पलाइन
सवाल 34 में 1800 2333 555 या 1800 266 6696; पन्ने के नीचे 14428 और 14438, जिन पर टैप करने से 1800-2333-5555 और 1800-266-6696 मिलते हैं
सोर्स: pmuy.gov.in
नए उज्ज्वला कनेक्शन की अर्ज़ी (उज्ज्वला FAQ)
ख़ुद देने पर कोई फ़ीस नहीं; CSC से देने पर ₹20
सोर्स: pmuy.gov.in
साइबर ठगी की शिकायत
1930 या cybercrime.gov.in
सोर्स: cybercrime.gov.in

नोट में न एक रिफ़िल की रकम लिखी है, न दिवाली वाले दौर की कोई तारीख़; पहले दौर का सिर्फ़ अक्टूबर से दिसंबर 2026 का समय लिखा है। नोट के उज्ज्वला वाले फ़ैसले (पन्ना 5) में राशन कार्ड, फ़ॉर्म, फ़ीस या रजिस्ट्रेशन की कोई बात नहीं है। 14 अक्टूबर 2026 की दोपहर क़रीब 2 बजे हमने यूपी के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की प्रेस रिलीज़ की दोनों लिस्ट देखीं। उनमें 13 अक्टूबर 2026 तक की हेडलाइनें थीं, और किसी में दिवाली के सिलेंडर बाँटने की शुरुआत का नोट नहीं मिला।

यह फ़ैसला आप पर लागू होता है या नहीं, और अभी क्या करना है, यह नीचे अपने हाल के हिसाब से देखिए।

दिवाली का मुफ़्त सिलेंडर आप पर लागू होता है या नहीं, और अभी क्या करें?

टूल की जानकारी पढ़ें

यह टूल चार सवाल पूछता है: आप किस राज्य में हैं, गैस कनेक्शन उज्ज्वला का है या नहीं, जिसके नाम कनेक्शन है उसका बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं, और गैस कनेक्शन का e-KYC (आधार से पहचान) हुआ है या नहीं। जवाबों से यह आपके काम बताता है। यूपी कैबिनेट के 9 अक्टूबर 2026 के नोट के मुताबिक़ मुफ़्त रिफ़िल सिर्फ़ उन उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए है जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है और आधार प्रमाणित है। खाता लिंक न हो तो बैंक शाखा में ‘मैंडेट और कंसेंट’ फ़ॉर्म भरें; स्टेटस myAadhaar या NPCI पर देखें (UIDAI)। e-KYC गैस डिस्ट्रीब्यूटर करता है, या यह तेल कंपनी के ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप से होता है (pmuy.gov.in)। नोट यह नहीं बताता कि ‘आधार प्रमाणित’ का मतलब यही e-KYC है, इसलिए गैस एजेंसी से पक्का कर लें। नोट में पहला दौर अक्टूबर से दिसंबर 2026 है, और दिवाली इसी समय में पड़ती है। रिफ़िल का सामान्य दाम (नोट के शब्द: ‘उपभोक्ता दर’) पहले देना है; सब्सिडी रिफ़िल लेने के 4 से 5 दिन बाद खाते में आएगी। पैसा न आए तो बैंक में NPCI मैपर चेक कराएँ, या हेल्पलाइन 1800-2333-5555 (FAQ में 1800 2333 555 छपा है) या 1800-266-6696 पर फ़ोन करें; 9 अक्टूबर 2026 के नोट के उज्ज्वला वाले फ़ैसले (पन्ना 5) में कोई हेल्पलाइन नंबर या शिकायत का रास्ता नहीं लिखा। आम कनेक्शन वालों और दूसरे राज्यों पर यूपी का यह फ़ैसला लागू नहीं। दिल्ली की अपनी योजना DD News की 4 फ़रवरी 2026 की ख़बर के मुताबिक़ सभी राशन कार्ड परिवारों के लिए है, पर 24 मार्च 2026 के बजट भाषण में ‘महिलाओं के लिए’ लिखा है। आप जो टैप करते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।

Sources जाँचे गए: 14 अक्टूबर 2026

क्या यूपी में दिवाली पर मुफ़्त सिलेंडर की बात सच है?

हाँ, उज्ज्वला कनेक्शन वालों के लिए। कैबिनेट के 9 अक्टूबर 2026 के फ़ैसलों का नोट 24 पन्नों का है, और उज्ज्वला वाला फ़ैसला पाँचवें पन्ने पर है। उसकी हेडलाइन है: “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में 02 निःशुल्क एल0पी0जी0 सिलेण्डर रिफिल वितरित किये जाने के सम्बन्ध में”।

नोट के मुताबिक़ “विगत वर्षों की भांति”, यानी पिछले सालों की तरह, मुफ़्त रिफ़िल दो दौर में मिलेगा, दिवाली और होली पर। उसी नोट के मुताबिक़ इस फ़ैसले से राज्य सरकार पर ₹2,142.78 करोड़ का ख़र्च आएगा।

उसी दिन कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के प्रेस नोट में लिखा है कि प्रदेश में उज्ज्वला के 1.86 करोड़ मुफ़्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। यह कनेक्शनों की गिनती है। इनमें से कितने कनेक्शन वाले इस बार की शर्तें पूरी करते हैं, यह हमें किसी सरकारी नोट में नहीं मिला।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने 10 अक्टूबर 2026 को यह फ़ैसला X पर भी पोस्ट किया:

यूपी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की X पोस्ट, 10 अक्टूबर 2026: दिवाली और होली पर दो मुफ़्त रिफ़िल का फ़ैसला

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यूपी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की X पोस्ट, 10 अक्टूबर 2026: दिवाली और होली पर दो मुफ़्त रिफ़िल का फ़ैसला — X पर देखें ↗

इन दिनों यह भी कहा जा रहा है कि दिवाली पर राशन कार्ड वालों के खाते में भी पैसा आएगा, और वह भी सिलेंडर ख़रीदे बिना। ये दोनों बातें यूपी के फ़ैसले में नहीं हैं। ऐसी कोई बात नीचे सूप में फटककर देखिए कि उसका कौन-सा हिस्सा यूपी के फ़ैसले में है।

जो बातें कही जा रही हैं, उनमें से यूपी के फ़ैसले में क्या है?

टूल की जानकारी पढ़ें

इन दिनों कही जा रही चार बातों के हर हिस्से को यूपी कैबिनेट के 9 अक्टूबर 2026 वाले उज्ज्वला के फ़ैसले (नोट का पन्ना 5) से मिलाया गया है। जैसी कही जा रही हैं, वैसी इनमें से कोई बात यूपी के फ़ैसले में नहीं है। ‘दिवाली पर’ नोट में है: नोट के दो दौर दिवाली और होली पर हैं, और पहला दौर अक्टूबर से दिसंबर 2026 है, कोई एक तारीख़ नहीं। ‘उज्ज्वला वालों को’ शर्त के साथ है: बैंक खाता आधार से लिंक हो और आधार प्रमाणित हो। ‘पैसा सीधे खाते में’ और ‘मुफ़्त सिलेंडर’ भी शर्त के साथ हैं: रिफ़िल का सामान्य दाम (नोट के शब्द: ‘उपभोक्ता दर’) पहले ख़ुद देना है, सब्सिडी रिफ़िल लेने के 4 से 5 दिन बाद आधार प्रमाणित खाते में आएगी, और एक रिफ़िल की रकम नोट में नहीं है। ‘राशन कार्ड वालों को’, ‘सिलेंडर ख़रीदे बिना’, ‘उज्ज्वला 3.0’ और ‘रजिस्ट्रेशन’ यूपी के इस फ़ैसले में नहीं हैं (फ़ैसले में शर्तें सिर्फ़ दो हैं, और उसमें रजिस्ट्रेशन, फ़ॉर्म या फ़ीस की कोई बात नहीं; ‘उज्ज्वला 3.0’ नाम pmuy.gov.in, PIB और पेट्रोलियम मंत्रालय की साइटों पर हमारी खोज में भी नहीं मिला); बिना ख़रीदे और राशन कार्ड वाली बातें दिल्ली की एक योजना की ख़बर (DD News, 4 फ़रवरी 2026) में हैं। आप जो टैप करते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।

Sources जाँचे गए: 14 अक्टूबर 2026

यह मुफ़्त सिलेंडर किसके लिए है?

सिर्फ़ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उन लाभार्थियों के लिए, जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है और जिनका आधार प्रमाणित है। कैबिनेट के नोट के शब्द हैं: “ऐसे लाभार्थी, जिनके बैंक खाते आधार लिंक्ड होंगे तथा जिनके आधार प्रमाणित होंगे, वही इस योजना के लिए पात्र होंगे।” यानी उज्ज्वला का कनेक्शन होना ही काफ़ी नहीं है।

उज्ज्वला का कनेक्शन घर की वयस्क महिला के नाम पर मिलता है। योजना की वेबसाइट के नए कनेक्शन वाले पेज के मुताबिक़ उसकी उम्र कम से कम 18 साल हो, घर में कोई दूसरा LPG कनेक्शन न हो, और वह ग़रीब परिवार से हो, जिसके लिए एक लिखित बयान (डेप्रिवेशन डिक्लेरेशन) देना होता है। PIB की 4 दिसंबर 2025 की रिलीज़ भी यही शर्त बताती है, पर वेबसाइट के ‘About’ पेज पर अब भी पुरानी कैटेगरी वाली लिस्ट है, जैसे SC, ST और अंत्योदय परिवार। योजना के सवाल-जवाब (FAQ) के मुताबिक़ कनेक्शन के लिए बैंक खाते का ब्योरा भी देना होता है, ताकि गैस की सब्सिडी उसी खाते में आए।

राशन कार्ड इस फ़ैसले की शर्त नहीं है। हमें 24 पन्नों के नोट में ‘राशन’ शब्द कहीं नहीं मिला। उज्ज्वला के FAQ के मुताबिक़ वहाँ भी राशन कार्ड सिर्फ़ यह दिखाने के लिए लगता है कि परिवार में कौन-कौन है।

उसी दिन, 9 अक्टूबर 2026 को, यूपी के खाद्य आयुक्त ने एक प्रेस नोट में कहा कि मुफ़्त राशन के लिए पहले मोबाइल फ़ोन ख़रीदने और OTP से वेरिफ़िकेशन कराने की ज़रूरत वाली सोशल मीडिया की बातें “पूरी तरह भ्रामक एवं तथ्यहीन” (यानी गुमराह करने वाली और बेबुनियाद) हैं। वह नोट राशन के बारे में था, सिलेंडर के बारे में नहीं।

क्या सिलेंडर ख़रीदे बिना खाते में पैसा आएगा?

यूपी में नहीं। कैबिनेट का नोट कहता है: “सर्वप्रथम उपभोक्ता अपने स्तर से उपभोक्ता दर के अनुसार भुगतान कर रिफिल प्राप्त करेगा। इसके 04 से 05 दिन के उपरान्त इस योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली सब्सिडी उसके आधार प्रमाणित खाते में तेल विपणन कम्पनी द्वारा अन्तरित की जाएगी।”

यानी रिफ़िल का सामान्य दाम पहले आपको देना है, और नोट के मुताबिक़ सब्सिडी रिफ़िल लेने के 4 से 5 दिन बाद उसके आधार प्रमाणित खाते में आएगी जिसके नाम कनेक्शन है। नोट तेल कंपनियों के नाम नहीं बताता। अक्टूबर 2026 में यूपी में सिलेंडर कितने का है, यह हमें किसी सरकारी पेज पर नहीं मिला। PIB के 7 जून 2026 के बयान के मुताबिक़ तब दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर आम ग्राहक को ₹942 का पड़ता था, और उज्ज्वला वाले परिवार को ₹300 की केंद्रीय सब्सिडी के बाद असल में ₹642 का। उसी बयान के मुताबिक़ दाम जगह के हिसाब से थोड़ा अलग हो सकता है।

पिछले दौरों के नोट यह क्रम नहीं बताते थे। होली 2025 और होली 2026 के प्रेस नोट में लिखा है कि सरकार लाभार्थियों के लिए पैसा जारी कर रही है; 28 फ़रवरी 2026 के नोट के मुताबिक़ उस पैसे से होली के पहले या बाद में नज़दीकी गैस एजेंसी से भरा सिलेंडर लिया जा सकता था। 26 सितंबर 2025 के कैबिनेट नोट में न आधार की शर्त थी, न पहले पेमेंट की बात।

सिलेंडर ख़रीदे बिना पैसा मिलने की बात दिल्ली की एक योजना में है, DD News की 4 फ़रवरी 2026 की ख़बर के मुताबिक़ (नीचे ‘दूसरे राज्यों में क्या है?’ देखें)। यूपी में सिलेंडर मिलने के बाद 4 से 5 दिन गिनने हैं। सिलेंडर लेने के बाद नीचे माचिस की तीलियों से देखिए कि अभी रुकना है या कुछ करना है।

सिलेंडर मिले कितने दिन हुए, और अब क्या करें?

टूल की जानकारी पढ़ें

यह टूल गिनता है कि सिलेंडर मिले कितने दिन हुए, और बताता है कि अब क्या करना है। यूपी कैबिनेट के 9 अक्टूबर 2026 के नोट के मुताबिक़ पहले ख़ुद पेमेंट करके रिफ़िल लेना है, और उसके 4 से 5 दिन बाद तेल कंपनी सब्सिडी उसके आधार प्रमाणित खाते में भेजेगी जिसके नाम कनेक्शन है। 3 दिन तक रुकें; 4 से 5 दिन पर अपना बैंक खाता देखें। उसके बाद भी पैसा न आए तो उज्ज्वला के FAQ में लिखे रास्ते: बैंक जाकर देखें कि आधार खाते से जुड़ा है और NPCI मैपर में सही, चालू खाते से जुड़ा है; NPCI पर स्टेटस “Enabled for DBT” हो, न हो तो बैंक में ‘Aadhaar Seeding Process’ फ़ॉर्म भरें; गैस एजेंसी से बात करें; हेल्पलाइन 1800-2333-5555 (FAQ में 1800 2333 555 छपा है) या 1800-266-6696 पर फ़ोन करें; तेल कंपनी की वेबसाइट या ऐप पर शिकायत करें। FAQ का यह जवाब उज्ज्वला की आम सब्सिडी के बारे में है; 9 अक्टूबर 2026 के नोट के उज्ज्वला वाले फ़ैसले (पन्ना 5) में कोई हेल्पलाइन नंबर या शिकायत का रास्ता नहीं लिखा। आप जो टैप करते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।

Sources जाँचे गए: 14 अक्टूबर 2026

एक रिफ़िल पर कितना पैसा मिलेगा, और कब?

नोट में एक रिफ़िल पर कोई रकम नहीं लिखी है। यह भी नहीं लिखा कि सब्सिडी पूरे दाम जितनी होगी या केंद्र के ₹300 घटाकर दी जाएगी। हमें मिले सरकारी नोटों में एक रिफ़िल की सबसे नई लिखी रकम होली 2025 की है: 12 मार्च 2025 के प्रेस नोट के मुताबिक़ तब राज्य सरकार हर रिफ़िल पर ₹508.14 की सब्सिडी लाभार्थियों के खाते में भेज रही थी। यह रकम कैसे तय हुई, नोट नहीं बताता। इस बार भी यही रकम होगी, इसका कोई सरकारी आधार हमें नहीं मिला।

कब? नोट के मुताबिक़ पहला मुफ़्त सिलेंडर अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच मिलना है और दूसरा जनवरी से मार्च 2027 के बीच। दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को है, केंद्र सरकार के दफ़्तरों की 2026 की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक़ (जैसे इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की हैदराबाद बेंच और CAG के शिलांग दफ़्तर की लिस्ट)। यूपी सरकार की अपनी लिस्ट हमने नहीं देखी। कोई मैसेज दिवाली वाले सिलेंडर की पक्की तारीख़ बताए, तो ध्यान रखें कि 14 अक्टूबर 2026 तक ऐसी कोई तारीख़ हमें सरकारी पेज पर नहीं मिली। पिछले साल यह सिलेंडर अक्टूबर 2025 की शुरुआत से दिया जा रहा था, खाद्य एवं रसद विभाग की 30 दिसंबर 2025 की समीक्षा बैठक के नोट के मुताबिक़।

केंद्र की उज्ज्वला सब्सिडी इससे अलग है, और वह भी सिलेंडर ख़रीदने के बाद आती है। PIB के 7 जून 2026 के बयान के मुताबिक़ यह हर साल के पहले चार रिफ़िल पर ₹300 प्रति सिलेंडर है, यानी साल में ₹1,200, और यह मदद “अपरिवर्तित” (यानी बदली नहीं) है। पर 8 अगस्त 2025 की PIB रिलीज़ के मुताबिक़ 2025-26 में यह साल में 9 रिफ़िल तक मंज़ूर थी। 2026-27 का केंद्रीय कैबिनेट का फ़ैसला हमें PIB पर नहीं मिला। पेट्रोलियम मंत्रालय के सब्सिडी पेज पर अब भी मई 2022 वाला, साल में 12 रिफ़िल तक का नियम लिखा है, और 28 फ़रवरी 2026 के नोट में मुख्यमंत्री ने केंद्र की सब्सिडी ₹335.40 प्रति सिलेंडर और साल में 9 सिलेंडर बताई थी। ये सरकारी पेज आपस में मेल नहीं खाते, इसलिए हमने सारे आंकड़े दिए हैं।

यूपी का मुफ़्त रिफ़िल और केंद्र के ₹300 साथ में कैसे चलेंगे, जैसे दिवाली वाला सिलेंडर साल का पाँचवाँ रिफ़िल हो तो क्या होगा, यह 9 अक्टूबर 2026 के नोट में नहीं लिखा, और किसी और सरकारी पेज पर भी हमें नहीं मिला। नीचे देखिए कि आपके रिफ़िल में से कितनों पर केंद्र के ₹300 आते, दोनों बयानों के हिसाब से।

आपके घर के साल भर के रिफ़िल में से कितनों पर केंद्र के ₹300 आते?

टूल की जानकारी पढ़ें

यह टूल गिनता है कि आपके घर के साल भर के रिफ़िल में से कितनों पर केंद्र की उज्ज्वला सब्सिडी के ₹300 आते, दो सरकारी बयानों के हिसाब से। PIB के 7 जून 2026 के बयान के मुताबिक़ हर साल के पहले चार रिफ़िल पर ₹300 प्रति सिलेंडर मिलते हैं, यानी साल में ₹1,200, और यह मदद “अपरिवर्तित” (यानी बदली नहीं) है। PIB के 8 अगस्त 2025 के बयान के मुताबिक़ 2025-26 में साल में 9 रिफ़िल तक ₹300 मंज़ूर हुए थे। आप जितने रिफ़िल बताते हैं, उनमें से जितने बयान की सीमा तक आते हैं, उतनों पर ₹300 गिने जाते हैं (यह गिनती हमारी है)। 2026-27 का केंद्रीय कैबिनेट का फ़ैसला हमें PIB पर नहीं मिला। मुख्यमंत्री के 28 फ़रवरी 2026 के नोट में ₹335.40 प्रति सिलेंडर और साल में 9 सिलेंडर लिखे हैं। यूपी का दिवाली-होली वाला मुफ़्त रिफ़िल इससे अलग है, और दोनों साथ कैसे चलेंगे, यह 9 अक्टूबर 2026 के नोट में नहीं लिखा, और किसी और सरकारी पेज पर भी हमें नहीं मिला। आप जो टैप करते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।

Sources जाँचे गए: 14 अक्टूबर 2026

अभी क्या करें, ताकि पैसा न अटके?

नोट की दोनों शर्तें पक्की कर लें: जिसके नाम उज्ज्वला कनेक्शन है, उसका बैंक खाता आधार से लिंक हो, और उसका आधार प्रमाणित हो। नोट में ये दो अलग शर्तें हैं, पर यह नहीं लिखा कि आधार कहाँ प्रमाणित होगा। राशन कार्ड से जुड़ा आधार का कोई काम इस फ़ैसले की शर्त नहीं है।

बैंक खाता: UIDAI के DBT पेज के मुताबिक़ जिस बैंक शाखा में खाता है, वहाँ बैंक का ‘मैंडेट और कंसेंट’ फ़ॉर्म भरकर आधार लिंक कराएँ; बैंक खाते को NPCI मैपर में जोड़ता है, तब उसमें सरकार का पैसा सीधे (DBT) आ सकता है। UIDAI के मुताबिक़ बैंक सीडिंग स्टेटस myAadhaar पर या NPCI की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। उज्ज्वला के FAQ के मुताबिक़ NPCI की वेबसाइट पर ‘Aadhaar Mapped Status’ में “Enabled for DBT” लिखा होना चाहिए।

आधार प्रमाणित होना: 9 अक्टूबर 2026 का नोट यह नहीं बताता कि आधार कहाँ प्रमाणित होगा, और उसमें ‘e-KYC’ शब्द नहीं है। उज्ज्वला की वेबसाइट गैस कनेक्शन के लिए आधार से पहचान की जाँच को बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (e-KYC) कहती है। उसके FAQ के मुताबिक़ उज्ज्वला कनेक्शन के लिए यह ज़रूरी है, और इसे तेल कंपनियों के LPG डिस्ट्रीब्यूटर करते हैं। योजना के e-KYC पेज पर दूसरा तरीक़ा तेल कंपनी का मोबाइल ऐप और UIDAI का ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप है, जिनसे चेहरे से ख़ुद ऑथेंटिकेशन होता है। PIB के 26 दिसंबर 2025 के लेखे-जोखे के मुताबिक़ नवंबर 2025 में मोबाइल से ऑथेंटिकेशन का जो अभियान देश भर में शुरू हुआ, वह मुफ़्त था।

इसलिए अपनी गैस एजेंसी से पूछ लें कि आपके कनेक्शन का e-KYC (आधार ऑथेंटिकेशन) हुआ है या नहीं। आधार से जुड़े तीन काम कैसे अलग-अलग हैं, यह नीचे टिफ़िन के डिब्बों में देखिए।

आधार से जुड़े तीन काम: इस मुफ़्त सिलेंडर के लिए कौन-सा ज़रूरी है?

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आधार से जुड़े तीन काम अलग-अलग हैं। पहला, बैंक खाते को आधार से लिंक करना (सीडिंग): यह उस बैंक शाखा में ‘मैंडेट और कंसेंट’ फ़ॉर्म से होता है, बैंक खाते को NPCI मैपर में डालता है, और स्टेटस myAadhaar या NPCI की वेबसाइट पर देखा जा सकता है (UIDAI); उज्ज्वला के FAQ के मुताबिक़ NPCI की वेबसाइट पर ‘Aadhaar Mapped Status’ में “Enabled for DBT” लिखा होना चाहिए। यूपी कैबिनेट के 9 अक्टूबर 2026 के नोट में यह शर्त है। दूसरा, गैस कनेक्शन का बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (e-KYC): यह LPG डिस्ट्रीब्यूटर करता है, या तेल कंपनी के ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप से होता है (pmuy.gov.in); नवंबर 2025 में शुरू हुआ, मोबाइल से e-KYC का अभियान मुफ़्त था (PIB)। नोट में शर्त है कि आधार ‘प्रमाणित’ हो, पर उसमें e-KYC शब्द नहीं है और यह भी नहीं लिखा कि आधार कहाँ प्रमाणित होगा; इसलिए यह काम नोट की शर्त है या नहीं, यह साफ़ नहीं, और गैस एजेंसी से पूछ लेना ठीक है। तीसरा, राशन कार्ड से जुड़ा आधार का काम: यह इस फ़ैसले की शर्त नहीं है; हमें नोट में ‘राशन’ शब्द नहीं मिला। आप जो टैप करते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।

Sources जाँचे गए: 14 अक्टूबर 2026

पहले के दौरों में पैसा किस वजह से अटक सकता था?

किसे पैसा नहीं मिला, इसकी गिनती हमें किसी सरकारी नोट में नहीं मिली, पर एक रुकावट सरकार के अपने नोट में लिखी है: खाते का आधार से लिंक न होना। मुख्यमंत्री ने 10 नवंबर 2023 को, धनतेरस के दिन, मुफ़्त रिफ़िल बाँटने का अभियान शुरू किया था। उस दिन के प्रेस नोट के मुताबिक़ इसके लिए खाता आधार से लिंक कराना था, और तब तक 1.75 करोड़ परिवारों में से सिर्फ़ 54 लाख ने ऐसा किया था, यानी तीन में से एक से भी कम ने (यह हिसाब हमारा है)।

12 मार्च 2025 को होली के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे तुरंत करा लें। ‘रजिस्ट्रेशन’ का मतलब उस नोट में नहीं लिखा, और 9 अक्टूबर 2026 के नोट के उज्ज्वला वाले फ़ैसले (पन्ना 5) में किसी रजिस्ट्रेशन की बात नहीं है। देश भर में भी सबका आधार ऑथेंटिकेशन नहीं हुआ था: PIB के लेखे-जोखे के मुताबिक़ 1 दिसंबर 2025 तक 71% उज्ज्वला ग्राहकों का बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन हुआ था। यूपी का अलग आंकड़ा हमें नहीं मिला।

पैसे के आंकड़े भी नोटों में मेल नहीं खाते। 26 सितंबर 2025 को कैबिनेट ने 2025-26 के ख़र्च का अनुमान ₹1,385.34 करोड़ लगाया। 15 अक्टूबर 2025 (दिवाली) के प्रेस नोट के मुताबिक़ उस दिन ₹1,500 करोड़ से सब्सिडी बाँटी जा रही थी, और पूरे 2025-26 के लिए ₹1,500 करोड़ रखे गए थे। 28 फ़रवरी 2026 (होली) के प्रेस नोट में होली पर फिर ₹1,500 करोड़ जारी करना लिखा है। किसी दौर में असल में कितने परिवारों को पैसा मिला और कितने छूटे, यह गिनती हमें किसी सरकारी नोट में नहीं मिली। हर दौर के नोट में क्या लिखा है, नीचे देखिए।

पिछले दौरों के सरकारी नोट में क्या लिखा था, और क्या नहीं?

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मुख्यमंत्री के नोट के मुताबिक़ यूपी में मुफ़्त रिफ़िल बाँटने का अभियान 10 नवंबर 2023 को धनतेरस पर शुरू हुआ। उस दिन के नोट के मुताबिक़ ₹2,312 करोड़ का अभियान 1.75 करोड़ परिवारों के लिए था, खाता आधार से लिंक कराना था, और तब तक सिर्फ़ 54 लाख परिवारों ने ऐसा किया था। होली 2024 और दिवाली 2024 का कोई सरकारी नोट हमें नहीं मिला: मुख्यमंत्री की प्रेस रिलीज़ की लिस्ट में 10 नवंबर 2023 और 12 मार्च 2025 के बीच उज्ज्वला रिफ़िल का कोई नोट नहीं मिला, और कैबिनेट के फ़ैसलों की लिस्ट 25 जून 2024 से पहले की नहीं है; 12 मार्च 2025 के नोट में वित्त मंत्री के मुताबिक़ 2023-24 से हर होली और दिवाली पर एक-एक मुफ़्त सिलेंडर दिया जा रहा है। होली 2025 (12 मार्च 2025): ₹1,890 करोड़, 1.86 करोड़ से ज़्यादा उज्ज्वला परिवार, हर रिफ़िल पर ₹508.14 की सब्सिडी, और रजिस्ट्रेशन कराने की अपील जिसका मतलब नहीं लिखा; उसी नोट में ‘एक बार में 1,890 करोड़ रुपये और दो बार में कुल 3,760 करोड़ रुपये’ लिखा है, जो आपस में मेल नहीं खाते। दिवाली 2025: कैबिनेट ने 26 सितंबर 2025 को 2025-26 में 2 मुफ़्त रिफ़िल मंज़ूर किए और साल का अनुमान ₹1,385.34 करोड़ लगाया, उस नोट में न आधार की शर्त थी न पहले पेमेंट की बात; 15 अक्टूबर 2025 के नोट में ₹1,500 करोड़ से 1.86 करोड़ हक़दार (पात्र) परिवारों को सब्सिडी, और पूरे 2025-26 के लिए ₹1,500 करोड़ रखने की बात; खाद्य एवं रसद विभाग के 30 दिसंबर 2025 के नोट के मुताबिक़ पहले दौर की डिलीवरी अक्टूबर 2025 की शुरुआत से चल रही थी। होली 2026 (28 फ़रवरी 2026): ₹1,500 करोड़ जारी; मुख्यमंत्री ने केंद्र की सब्सिडी ₹335.40 बताई, जबकि PIB ₹300 लिखता है। दिवाली 2026 और होली 2027: 9 अक्टूबर 2026 के फ़ैसले से अक्टूबर से दिसंबर 2026 और जनवरी से मार्च 2027, दोनों का ख़र्च ₹2,142.78 करोड़, शर्त कि खाता आधार से लिंक हो और आधार प्रमाणित हो, पहले पेमेंट और रिफ़िल लेने के 4 से 5 दिन बाद सब्सिडी; एक रिफ़िल की रकम नहीं लिखी। किसी दौर में कितने परिवारों को असल में पैसा मिला, यह हमें किसी सरकारी नोट में नहीं मिला। आप जो टैप करते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।

Sources जाँचे गए: 14 अक्टूबर 2026

दूसरे राज्यों में क्या है?

‘यूपी, दिल्ली समेत कई राज्यों में मुफ़्त सिलेंडर’ वाली जो बात कही जा रही है, वह आधी सही है। कई राज्यों के सरकारी पेजों पर सिलेंडर की योजनाएँ हैं, पर शर्तें अलग हैं: कहीं सिलेंडर मुफ़्त है, कहीं सस्ता; कहीं उज्ज्वला वालों के लिए है, कहीं राशन कार्ड वालों के लिए। यूपी, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के पेजों के मुताबिक़ पहले सिलेंडर ख़रीदना पड़ता है। दिल्ली की योजना की ख़बर के मुताबिक़ वहाँ ऐसा नहीं है। गोवा, उत्तराखंड, हरियाणा और महाराष्ट्र के पेजों पर यह साफ़ नहीं लिखा।

दिल्ली: DD News की ख़बर के मुताबिक़ वहाँ की कैबिनेट ने हर राशन कार्ड परिवार को होली और दिवाली पर एक-एक सिलेंडर के दाम जितना पैसा देने की योजना मंज़ूर की। ख़बर के मुताबिक़ पैसा परिवार के मुखिया के आधार से जुड़े खाते में आएगा, चाहे उस महीने सिलेंडर भरवाया हो या नहीं। ख़बर के मुताबिक़ तब के दाम पर उज्ज्वला वालों को ₹553 और बाक़ी परिवारों को ₹853 मिलने थे। पर 24 मार्च 2026 के दिल्ली के बजट भाषण में ₹260 करोड़ से होली-दिवाली पर ‘महिलाओं के लिए’ मुफ़्त सिलेंडर लिखा है। दिल्ली सरकार का अपना आदेश, और दिवाली 2026 की रकम, हमें किसी सरकारी पेज पर नहीं मिली।

गुजरात: राज्य के खाद्य विभाग के पेज के मुताबिक़ उज्ज्वला और राज्य की PNG/LPG सहाय योजना वालों को 2025-26 से साल में दो मुफ़्त रिफ़िल मिलते हैं, और इस साल भी। पेज के मुताबिक़ यहाँ भी पहले पूरा दाम देना होता है, फिर उसमें से केंद्र के ₹300 घटाकर बाक़ी पैसा खाते में आता है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा के पेजों पर सिलेंडर मुफ़्त नहीं, सस्ता है। राजस्थान की गाइडलाइन के मुताबिक़ 1 सितंबर 2024 से उज्ज्वला, चुने हुए BPL और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) वाले परिवारों को ₹450 में सिलेंडर मिलता है, और ऊपर का पैसा बाद में खाते में आता है। मध्य प्रदेश के CM हेल्पलाइन पेज पर उज्ज्वला और लाड़ली बहना वाली महिलाओं के लिए ₹450 में रिफ़िल लिखा है। इन दोनों राज्यों का 2026 का कोई पेज हमें नहीं मिला। हरियाणा सरकार की 10 अगस्त 2026 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ वहाँ हक़दार (पात्र) महिलाओं को ₹500 में सिलेंडर मिल रहा है।

गोवा विधानसभा में सरकार के 19 जुलाई 2024 के जवाब के मुताबिक़ गोवा में अंत्योदय कार्ड वालों को सिलेंडर के लिए हर महीने एक तय रकम मिलती है, मुफ़्त सिलेंडर नहीं। उत्तराखंड के सूचना विभाग के 31 जुलाई 2025 के नोट में अंत्योदय कार्ड वालों के लिए मुफ़्त गैस रिफ़िल की योजना बताई गई है। महाराष्ट्र की सरकारी पत्रिका लोकराज्य (दिसंबर 2024) में साल में तीन मुफ़्त सिलेंडर का ज़िक्र है। इन तीनों राज्यों का 2026 का कोई पेज हमें नहीं मिला। बिहार की ऐसी कोई योजना हमारी एक खोज में किसी सरकारी पेज पर नहीं मिली।

हर राज्य का पूरा हाल नीचे की थाली में है: एक सवाल चुनिए, और हर कटोरी का रंग उस राज्य के सरकारी पेज का जवाब दिखाएगा।

दूसरे राज्यों में सिलेंडर की योजना किसके लिए है, और पैसा कैसे मिलता है?

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यह थाली दस राज्यों के सरकारी पेजों की तुलना करती है। उत्तर प्रदेश: सिर्फ़ उज्ज्वला लाभार्थी (आधार की शर्तों के साथ), 2026-27 में 2 मुफ़्त रिफ़िल, पहले सामान्य दाम (नोट के शब्द: ‘उपभोक्ता दर’) देना है। दिल्ली: DD News की 4 फ़रवरी 2026 की ख़बर के मुताबिक़ सभी राशन कार्ड परिवारों को होली-दिवाली पर सिलेंडर के दाम जितना पैसा, सिलेंडर भरवाया हो या नहीं (तब ₹853, उज्ज्वला वालों को ₹553); बजट भाषण (24 मार्च 2026) में ₹260 करोड़ से ‘महिलाओं के लिए’ मुफ़्त सिलेंडर; दिल्ली सरकार का अपना आदेश नहीं मिला। गुजरात: उज्ज्वला और राज्य की PNG/LPG सहाय योजना वालों को साल में 2 मुफ़्त रिफ़िल, पहले पूरा दाम, फिर ₹300 घटाकर बाक़ी पैसा। राजस्थान (अगस्त 2024 की गाइडलाइन; उज्ज्वला, BPL और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना वाले परिवार) और मध्य प्रदेश (CM हेल्पलाइन का पेज, योजना 15 सितंबर 2023 से): ₹450 में सिलेंडर, ऊपर का पैसा बाद में खाते में; दोनों का 2026 का पेज नहीं मिला। हरियाणा: हक़दार (पात्र) महिलाओं को ₹500 में सिलेंडर (10 अगस्त 2026 की रिलीज़)। गोवा: विधानसभा में 19 जुलाई 2024 के जवाब के मुताबिक़ अंत्योदय कार्ड वालों को हर महीने एक तय रकम, मुफ़्त सिलेंडर नहीं। उत्तराखंड: सूचना विभाग के 31 जुलाई 2025 के नोट के मुताबिक़ अंत्योदय कार्ड वालों को मुफ़्त गैस रिफ़िल का पैसा DBT से। महाराष्ट्र: 2024 की सरकारी पत्रिका में साल में तीन मुफ़्त सिलेंडर। बिहार: हमारी एक खोज में कोई सरकारी पेज नहीं मिला। यूपी, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के पेजों के मुताबिक़ पहले सिलेंडर ख़रीदना पड़ता है; सिलेंडर ख़रीदे बिना पैसे की बात साफ़ लिखी सिर्फ़ दिल्ली की योजना की ख़बर में मिली। आप जो टैप करते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।

Sources जाँचे गए: 14 अक्टूबर 2026

फ़र्ज़ी मैसेज कैसे पहचानें?

अपना बुक किया हुआ सिलेंडर मिलते समय गैस एजेंसी के डिलीवरी वाले को OTP बताना आम बात है: PIB के 7 जून 2026 के बयान के मुताबिक़ ज़्यादातर घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी OTP से जाँची जाती है। सिलेंडर हाथ में मिलने पर ही बताएँ, और बैंक, UPI या आधार का OTP किसी को न बताएँ, डिलीवरी वाले को भी नहीं। शक तब करें, जब कोई कॉल, मैसेज या लिंक इस ‘मुफ़्त सिलेंडर’ के नाम पर OTP, आधार, बैंक की जानकारी या फ़ीस माँगे। 9 अक्टूबर 2026 के नोट के उज्ज्वला वाले फ़ैसले (पन्ना 5) में न कोई फ़ीस है, न फ़ॉर्म, न OTP, न रजिस्ट्रेशन। मुफ़्त राशन के लिए पहले मोबाइल फ़ोन ख़रीदना और OTP से वेरिफ़िकेशन कराना ज़रूरी होने की सोशल मीडिया वाली बातों को यूपी के खाद्य आयुक्त ने उसी दिन पूरी तरह गुमराह करने वाली और बेबुनियाद बताया था। उनके नोट के मुताबिक़ जो बुज़ुर्ग, दिव्यांग या गंभीर रूप से बीमार लोग उँगली या आँख के स्कैन से पहचान नहीं करा पाते, उनके लिए OTP से राशन लेने की अलग सुविधा है।

उज्ज्वला के FAQ के मुताबिक़ नए कनेक्शन के लिए ख़ुद अर्ज़ी देने पर कोई फ़ीस नहीं है, पर CSC से अर्ज़ी देने पर ₹20 लगते हैं। उज्ज्वला के KYC फ़ॉर्म के मुताबिक़ कनेक्शन, और उसके साथ मिलने वाले पहले रिफ़िल और चूल्हे के लिए लाभार्थियों को कोई पेमेंट नहीं करना है; FAQ के मुताबिक़ कनेक्शन लेते समय बस किसी राज्य में स्टांप फ़ीस लगती हो, तो वह देनी होती है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 23 मई 2017 को PIB के ज़रिए उज्ज्वला की नक़ली वेबसाइटों से सावधान किया था; तब बताई गई वेबसाइट अब योजना की वेबसाइट नहीं है, आज यह pmuy.gov.in है। ‘उज्ज्वला 3.0’ नाम 14 अक्टूबर 2026 को pmuy.gov.in, PIB और पेट्रोलियम मंत्रालय की साइटों पर हमारी खोज में नहीं मिला; खोज में ‘उज्ज्वला 2.0’ तक के ही पेज मिले।

बैंक खाते का स्टेटस देखने के लिए UIDAI ने दो ही जगह बताई हैं: myAadhaar और NPCI की वेबसाइट। स्कीम समाचार आपसे कोई जानकारी या पैसा नहीं माँगता। अपना आधार, बैंक या मोबाइल नंबर सिर्फ़ सरकारी वेबसाइट पर, अपने बैंक या गैस एजेंसी में, या उन ऐप और वेबसाइट पर भरें जिनके नाम UIDAI और pmuy.gov.in ने दिए हैं। ठगी हो जाए तो 1930 पर फ़ोन करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। गैस लीक हो तो LPG इमरजेंसी हेल्पलाइन 1906 है। उज्ज्वला की हेल्पलाइन 1800-266-6696 है। एक टोल-फ़्री नंबर ज़िलेवार आंकड़ों वाले पेज पर 1800-2333-5555 और FAQ में 1800 2333 555 लिखा है। pmuy.gov.in के होम, FAQ और e-KYC पेज के नीचे 14428 और 14438 लिखा है, पर उन पर टैप करने से 1800-2333-5555 और 1800-266-6696 ही मिलते हैं।

ख़ुद कहाँ जाँचें?

इन सरकारी पेजों पर:

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