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Mahtari Vandan Yojana Payment Check: अक्टूबर की 32वीं किस्त e-KYC वाली महिलाओं को गई, सितंबर की पहले आ चुकी
छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग के नोट के मुताबिक़ यह किस्त 8 अक्टूबर 2026 को 67,38,217 महिलाओं को भेजी गई। सितंबर की 31वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले, 25 अगस्त 2026 को ही भेज दी गई थी।

हाँ, छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना की अक्टूबर 2026 की किस्त भेजी जा चुकी है। यह योजना की 32वीं किस्त है। राज्य के जनसंपर्क विभाग के 8 अक्टूबर 2026 के नोट के मुताबिक़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उस दिन दुर्ग ज़िले के एक कार्यक्रम से 67,38,217 महिलाओं के बैंक खातों में ₹632.40 करोड़ भेजे। एक दिन पहले के नोट के मुताबिक़ यह पैसा उन महिलाओं को दिया जाना था जिनका ई-केवायसी हो चुका है (नोट के शब्द: “ई-केवायसी करा चुके” हितग्राही)।
सितंबर 2026 में कोई नई किस्त जारी नहीं हुई, क्योंकि सितंबर वाली 31वीं किस्त 25 अगस्त 2026 को, रक्षाबंधन से पहले ही भेज दी गई थी। योजना में हर हक़दार (पात्र) महिला को हर महीने ₹1,000 मिलते हैं; जिन्हें समाज कल्याण विभाग की किसी पेंशन योजना से ₹1,000 से कम मिलता है, उन्हें बस उतना, जिससे कुल ₹1,000 हो जाएँ। आपका पैसा आया या नहीं, यह योजना की वेबसाइट पर ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ में देखा जा सकता है।
ज़रूरी फ़ैक्ट्स
सभी आंकड़े जाँचे गए:
- अक्टूबर 2026 की किस्त (32वीं)
- 8 अक्टूबर 2026 को दुर्ग ज़िले के कार्यक्रम से भेजी गई: 67,38,217 महिलाओं के खातों में ₹632.40 करोड़; इसके साथ योजना में अब तक कुल ₹20,708 करोड़ से ज़्यादा
- किसे भेजी गई (7 अक्टूबर 2026 का नोट)
- “ई-केवायसी करा चुके” हितग्राहियों को; नोट में इसे “माह अक्टूबर 2026 की 32 वीं किश्त” लिखा है
- हक़दार (पात्र) और मंज़ूरी
- कुल पात्र 68,52,661; अक्टूबर की किस्त की मंज़ूरी 67,31,314 को, और नियद नेल्लानार वाले गाँवों की 6,903 महिलाओं को (उनकी 12वीं किस्त)
- इस बार जिन्हें पैसा नहीं गया (हमारा हिसाब)
- नोट में ‘कुल पात्र’ 68,52,661 और पैसा 67,38,217 को; यानी पात्र गिनी गई एक लाख से ज़्यादा महिलाओं को इस बार नहीं गया। नोट इसकी वजह नहीं बताता, और उसकी हेडलाइन के नीचे वाली लाइन में 67,38,217 को ही ‘कुल पात्र’ लिखा है
- सितंबर 2026 की किस्त (31वीं)
- रक्षाबंधन से पहले, 25 अगस्त 2026 को: 67,28,918 महिलाओं के खातों में ₹631.38 करोड़ (25 अगस्त 2026 का नोट)
- 30वीं किस्त
- 7 अगस्त 2026 को भेजी गई
बाक़ी 19 फ़ैक्ट्स, सोर्स के साथ
- ई-केवायसी, 31 अगस्त 2026 के बाद
- 11 सितंबर 2026 के नोट के मुताबिक़ महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बाक़ी महिलाओं का ई-केवायसी पूरा कराने के निर्देश दिए; अब यह कहाँ होगा, यह नोट में नहीं लिखा
- पहली किस्त
- 10 मार्च 2024 को 70,09,578 महिलाओं को
- एक महिला को 32 किस्तों में
- ₹32,000 (एमसीबी ज़िले का 12 अक्टूबर 2026 का नोट)
- कितना पैसा
- हर महीने ₹1,000, महिला के अपने आधार से जुड़े DBT वाले बैंक खाते में (2 फ़रवरी 2024 का आदेश)
- पेंशन वाली महिलाएँ
- सामाजिक सहायता कार्यक्रम या समाज कल्याण विभाग की किसी पेंशन योजना से ₹1,000 महीने से कम मिलता हो, तो योजना से बस उतना कि कुल ₹1,000 हो जाएँ
- औसत, 32वीं किस्त (हमारा हिसाब)
- ₹632.40 करोड़ ÷ 67,38,217 = क़रीब ₹938.53 एक महिला पर; यह औसत है, किसी एक की रकम नहीं
- कौन हक़दार (पात्र)
- छत्तीसगढ़ की निवासी विवाहित महिला, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता भी; जिस साल आवेदन हो, उस साल की पहली जनवरी को उम्र कम से कम 21 साल
- कौन हक़दार नहीं
- जिसके परिवार (पति, पत्नी, उन पर निर्भर बच्चे) में पिछले साल टैक्स लगने लायक़ आमदनी पर इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाला (आयकरदाता) हो; सरकारी विभाग, उपक्रम, मंडल या स्थानीय निकाय में काम कर रहा पहले, दूसरे या तीसरे दर्जे (प्रथम, द्वितीय, तृतीय वर्ग) का अधिकारी-कर्मचारी हो; मौजूदा या पूर्व सांसद-विधायक हो; या बोर्ड, निगम, मंडल का मौजूदा या पूर्व अध्यक्ष-उपाध्यक्ष हो
- ई-केवायसी, नवंबर 2025
- 5 नवंबर 2025 से हर ग्राम पंचायत और वार्ड में VLE के ज़रिए; तब क़रीब 4,18,631 महिलाओं का बाक़ी था
- ई-केवायसी, 2026
- CSC पर 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक; छूटी महिलाओं का 1 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक परियोजना कार्यालय में; पूरी तरह मुफ़्त (बीजापुर ज़िले का 5 मई 2026 का नोट)
- बैंक खाता (योजना की वेबसाइट)
- महिला का अपना खाता हो, जॉइंट नहीं; खाते में आधार लिंक और DBT चालू हो
- रुके महीनों का पैसा (बलरामपुर ज़िले का नोट, 5 जून 2025)
- नोट में राज्य सरकार के फ़ैसले के हवाले से: मई 2025 से पैसा सिर्फ़ आधार वाले DBT से; DBT बाद में चालू होने पर रुके महीनों का पैसा एक साथ दिया जाएगा। राज्य का अपना आदेश हमें नहीं मिला
- भुगतान निरस्त होने की वजहें
- योजना की वेबसाइट की लिस्ट में बैंक की 59 वजहें, अंग्रेज़ी में, हर एक के आगे विभाग का सुझाव
- आधार फिर चालू होने में (योजना का FAQ)
- ‘Inactive Aadhaar’ वाले मामले में आधार अपडेट के बाद आम तौर पर 7 से 10 कामकाजी दिन
- नियद नेल्लानार वाले गाँव
- नवंबर 2025 में 7,658 हितग्राहियों को पहली किस्त (5 नवंबर 2025 का नोट); 4 जून 2026 के नोट के मुताबिक़ 7,770 नई महिलाएँ जोड़ी गईं
- ई-केवायसी के नाम पर फ़ीस
- महासमुंद में 4 CSC संचालकों की आईडी ब्लॉक; जनसंपर्क विभाग के नोट के मुताबिक़ ई-केवायसी पूरी तरह मुफ़्त है
- फ़र्ज़ी लिंक (5 फ़रवरी 2024 की चेतावनी)
- mahtarivandanyojana.info पर फ़ॉर्म न भरें; योजना की वेबसाइट mahtarivandan.cgstate.gov.in है
- हेल्प डेस्क
- 0771-2220006 (योजना की वेबसाइट); संपर्क लिस्ट में 0771-2220006 और 0771-6637711, सुबह 10 से शाम 5 बजे
- साइबर ठगी की शिकायत
- 1930 या cybercrime.gov.in
नीचे अपनी पासबुक से मिलाकर देखिए कि आपके खाते में क्या आया, और पैसा न आया हो तो पहले क्या करना है।
क्या अक्टूबर 2026 की किस्त सच में आ गई है?
हाँ। जनसंपर्क विभाग ने 7 अक्टूबर 2026 को एक नोट जारी किया, जिसकी हेडलाइन थी: “महतारी वंदन योजना की 32 वीं किस्त का भुगतान 08 अक्टूबर 2026 को”। उस नोट में इसे साफ़ “माह अक्टूबर 2026 की 32 वीं किश्त” लिखा है।
7 अक्टूबर 2026 के नोट में और गिनती भी है। उसके मुताबिक़ योजना में अभी कुल 68,52,661 महिलाएँ पात्र गिनी गई हैं। इनमें से 67,31,314 को अक्टूबर की किस्त की मंज़ूरी मिली, और नियद नेल्लानार वाले गाँवों की 6,903 महिलाओं को उनकी 12वीं किस्त की। दोनों मिलाकर 67,38,217 होती हैं, और 8 अक्टूबर 2026 के नोट के मुताबिक़ इतनी ही महिलाओं को पैसा गया। यानी पात्र गिनी गई एक लाख से ज़्यादा महिलाओं को इस बार पैसा नहीं गया (यह हिसाब हमारा है)। नोट इसकी वजह नहीं बताता। नोट की हेडलाइन के नीचे वाली लाइन में 67,38,217 को ही ‘कुल पात्र’ लिखा है।
7 अक्टूबर 2026 के नोट के मुताबिक़ पहली किस्त 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70,09,578 महिलाओं को भेजी थी। मार्च 2024 से अक्टूबर 2026 तक 32 महीने होते हैं, यानी हर महीने की एक किस्त (यह मिलान हमारा है)। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) ज़िले के 12 अक्टूबर 2026 के नोट में एक महिला को 32 किस्तों में ₹32,000 मिलने की बात है। नियद नेल्लानार वाली महिलाएँ बाद में जुड़ीं, इसलिए उनके लिए यह 12वीं किस्त थी।
सितंबर 2026 में पैसा क्यों नहीं आया?
क्योंकि सितंबर की किस्त अगस्त में ही आ गई थी। जनसंपर्क विभाग के 24 अगस्त 2026 के नोट के मुताबिक़ “सितंबर 2026 की 31वीं किस्त” सितंबर में दी जानी थी, पर उसे राखी से पहले भेजा जाना था। विभाग के 25 अगस्त 2026 के नोट के मुताबिक़ उस दिन बालोद ज़िले के डौंडीलोहारा से 67,28,918 महिलाओं के खातों में ₹631.38 करोड़ भेजे गए। 8 अक्टूबर 2026 के नोट के मुताबिक़ सितंबर 2026 तक 31 किस्तें दी जा चुकी थीं।
उसी महीने, 7 अगस्त 2026 को, 30वीं किस्त भी गई थी, जनसंपर्क विभाग के उस दिन के नोट के मुताबिक़। इसलिए जिन्हें दोनों किस्तें मिलीं, उनकी पासबुक में अगस्त 2026 में इस योजना के दो जमा होंगे, और सितंबर 2026 में एक भी नहीं।
इंटरनेट के कुछ पेजों पर अब भी 27वीं या 29वीं किस्त लिखी है; विभाग के नोटों के मुताबिक़ अक्टूबर 2026 की किस्त 32वीं है। नवंबर 2026 की किस्त की कोई तारीख़ हमें 14 अक्टूबर 2026 की शाम तक योजना की वेबसाइट या जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर नहीं मिली।
कितना पैसा मिलता है, और किसी को ₹1,000 से कम क्यों मिलता है?
हर महीने ₹1,000। योजना की वेबसाइट पर लगे राज्य सरकार के 2 फ़रवरी 2024 के आदेश के मुताबिक़ हर हक़दार महिला को ₹1,000 महीना उसके अपने, आधार से जुड़े DBT वाले बैंक खाते में मिलता है। उसी आदेश के मुताबिक़ जिस महिला को सामाजिक सहायता कार्यक्रम या समाज कल्याण विभाग की किसी पेंशन योजना से हर महीने ₹1,000 से कम पेंशन मिलती है, उसे योजना से बस उतना पैसा मिलता है जिससे कुल ₹1,000 हो जाएँ। महिला एवं बाल विकास विभाग का पेज भी यही कहता है।
32वीं किस्त के ₹632.40 करोड़ को 67,38,217 महिलाओं में बाँटें, तो एक महिला पर औसत ₹938.53 आता है (यह हिसाब हमारा है)। यह किसी एक महिला की रकम नहीं, बस औसत है, और नोट यह नहीं बताता कि यह ₹1,000 से कम क्यों है। आपको ₹1,000 से कम मिला और ऐसी कोई पेंशन नहीं मिलती, तो योजना की वेबसाइट पर ‘शिकायत करें’ में ‘कम राशि प्राप्त होने सम्बन्धी’ शिकायत चुनी जा सकती है।
पैसा आया या नहीं, वेबसाइट पर कैसे देखें?
योजना की सरकारी वेबसाइट mahtarivandan.cgstate.gov.in है। राज्य सरकार की वेबसाइट और महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट भी इसी पते का लिंक देती हैं। 14 अक्टूबर 2026 की शाम उसके स्टेटस वाले पेज पर ये क़दम दिखे:
- होम पेज के मेन्यू में ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ खोलें।
- ‘लाभार्थी क्रमांक’ भरें, या फिर योजना में दर्ज (रजिस्टर्ड) मोबाइल नंबर। पेज के नोट के मुताबिक़ स्टेटस “पजीकृत मोबाईल नंबर अथवा हितग्राही क्रमांक” से मिलता है।
- तस्वीर में दिख रहे चार अंक (कैप्चा) भरें, और ‘सबमिट करें’ दबाएँ।
लाभार्थी क्रमांक पता न हो, तो अपनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पूछें। कांकेर ज़िले के 17 जून 2026 के नोट के मुताबिक़ ई-केवायसी के लिए “हितग्राही पंजीयन क्रमांक” आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लिया जाना था। सबमिट करने के बाद पेज पर क्या दिखता है, यह हमने नहीं देखा, क्योंकि हम किसी सरकारी फ़ॉर्म में किसी का नंबर नहीं भरते। बैंक की पासबुक में एंट्री करवाकर, या बैंक के SMS से भी, देखा जा सकता है कि 8 अक्टूबर 2026 के आसपास पैसा आया या नहीं।
लाभार्थी लिस्ट कहाँ देखें?
14 अक्टूबर 2026 की शाम योजना की वेबसाइट पर लाभार्थियों की किसी लिस्ट का लिंक नहीं था; वहाँ हर महिला बस अपना स्टेटस देख सकती है। जनसंपर्क विभाग के 25 फ़रवरी 2024 के नोट के मुताबिक़ हक़दार महिलाओं की पहली लिस्ट (अनंतिम सूची) आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायतों में लगाई गई थी। कांकेर के 17 जून 2026 के नोट के मुताबिक़ जिनका ई-केवायसी बाक़ी था, उनके नाम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के महतारी वंदन ऐप में थे। इसलिए लिस्ट के लिए अपनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पूछें।
कुछ महिलाओं का पैसा क्यों रुका?
सरकारी पेजों पर पैसा रुकने की तीन तरह की वजहें मिलीं: ई-केवायसी, बैंक खाता, और लिस्ट से नाम कटना।
ई-केवायसी, यानी आधार से पहचान की जाँच: 7 अक्टूबर 2026 के नोट के मुताबिक़ अक्टूबर का पैसा ई-केवायसी करा चुकी महिलाओं को गया। जनसंपर्क विभाग के 26 नवंबर 2025 के नोट के मुताबिक़ 5 नवंबर 2025 से हर ग्राम पंचायत और वार्ड में VLE (CSC चलाने वाले) के ज़रिए ई-केवायसी शुरू हुआ था, और तब क़रीब 4,18,631 महिलाओं का ई-केवायसी बाक़ी था। उसी नोट के मुताबिक़ जिन महिलाओं का राशन के लिए खाद्य विभाग में ई-केवायसी हो चुका था, उनका ई-केवायसी पूरा माना गया।
अंबिकापुर के 10 अप्रैल 2026 के नोट और बीजापुर के 5 मई 2026 के नोट के मुताबिक़ CSC पर ई-केवायसी 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक होना था, और छूटी महिलाओं का 1 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक बाल विकास परियोजना कार्यालय में। ज़िलों के नोटों में आख़िरी तारीख़ अलग-अलग लिखी मिली: राजनांदगांव के 2 मई 2026 के नोट में 30 जुलाई 2026, और बालोद के 24 अगस्त 2026 के नोट में 31 अगस्त 2026।
कोरिया ज़िले के 25 जून 2026 के नोट के मुताबिक़ जो महिलाएँ 30 जून 2026 तक ई-केवायसी नहीं करातीं, उन्हें जुलाई से पैसा नहीं मिलना था। उसी नोट के मुताबिक़ बहुत बुज़ुर्ग महिलाओं का, और जिनकी उँगलियों के निशान या आँख (आइरिस) से जाँच नहीं हो पाती, उनका ई-केवायसी आगे भी चलता रहेगा। जनसंपर्क विभाग के 11 सितंबर 2026 के नोट के मुताबिक़ महिला एवं बाल विकास मंत्री ने योजना की बाक़ी महिलाओं का ई-केवायसी पूरा कराने के निर्देश दिए। पर अब ई-केवायसी कहाँ होगा, यह उसमें नहीं लिखा; राज्य भर के लिए ऐसा नोट 14 अक्टूबर 2026 की रात तक हमें नहीं मिला। बीजापुर के नोट के मुताबिक़ आधार में लिंग (जेंडर) ग़लत लिखा हो, तो पहले आधार केंद्र पर सुधार कराना होगा, तभी ई-केवायसी होगा।
बैंक खाता: योजना की वेबसाइट के होम पेज के मुताबिक़ खाता महिला का अपना होना ज़रूरी है, जॉइंट खाता नहीं चलता, और खाते में आधार लिंक और DBT चालू होना चाहिए। बलरामपुर ज़िले के 5 जून 2025 के नोट के मुताबिक़ राज्य सरकार ने तय किया कि मई 2025 से पैसा सिर्फ़ आधार वाले DBT से जाएगा, और जिन खातों में DBT बाद में चालू होगा, उनमें रुके हुए महीनों का पैसा एक साथ दिया जाएगा। UIDAI के मुताबिक़ DBT का पैसा एक ही खाते में आता है, वही जिसे आपने बैंक के ‘मैंडेट और कंसेंट’ फ़ॉर्म में चुना हो।
योजना की वेबसाइट पर ‘निरस्त हुए भुगतान के कारण’ नाम की एक लिस्ट है। उसमें 59 वजहें बैंक की अंग्रेज़ी में लिखी हैं, जैसे ‘Aadhaar Number not mapped to Account’ या ‘A/c Blocked or Frozen’, और हर एक के आगे विभाग का सुझाव। मेन्यू के FAQ में ऐसी दस वजहें समझाई गई हैं। आपके स्टेटस में या बैंक से ऐसा कोई अंग्रेज़ी शब्द मिला हो, तो नीचे बैंक की खिड़की में उसका मतलब और अगला क़दम देखिए।
लिस्ट से नाम कटना: आदेश के मुताबिक़ किसी महिला के बारे में शिकायत आए, तो जाँच होती है। जाँच में वह हक़दार न निकले, तो पहले उसे बताया जाता है और अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। आदेश के मुताबिक़ शिकायत सही निकली, तो नाम हट सकता है और दिया गया पैसा वसूला भी जा सकता है। उसी आदेश के मुताबिक़ मौत की जानकारी मिलने पर जाँच के बाद नाम हटता है। नाम ग़लती से भी कट सकता है: मुंगेली ज़िले के 10 जून 2026 के नोट के मुताबिक़ गाँव में उसी नाम की दूसरी महिला की मौत के बाद एक ज़िंदा महिला का नाम लिस्ट से हट गया था। उसने कलेक्टर के जनदर्शन में शिकायत की, और नोट के मुताबिक़ प्रक्रिया पूरी होते ही उसे फिर पैसा मिलने लगेगा।
आदेश के मुताबिक़ वे महिलाएँ हक़दार नहीं हैं जिनके परिवार (पति, पत्नी और उन पर निर्भर बच्चे) में इनमें से कोई हो: पिछले साल टैक्स लगने लायक़ आमदनी पर इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाला (आदेश का शब्द: आयकरदाता); केंद्र या राज्य सरकार के विभाग, उपक्रम, मंडल या स्थानीय निकाय में स्थायी, अस्थायी या संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पद पर काम कर रहा पहले, दूसरे या तीसरे दर्जे (प्रथम, द्वितीय, तृतीय वर्ग) का अधिकारी या कर्मचारी; मौजूदा या पूर्व सांसद या विधायक; या किसी सरकारी बोर्ड, निगम या मंडल का मौजूदा या पूर्व अध्यक्ष या उपाध्यक्ष।
पैसा न आए तो अभी क्या करें?
- पहले स्टेटस देखें, ऊपर बताए क़दमों से, योजना की वेबसाइट पर।
- ई-केवायसी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पूछें कि आपका ई-केवायसी हुआ या नहीं। बाक़ी हो, तो उनसे या बाल विकास परियोजना कार्यालय से पूछें कि अब कहाँ होगा। जनसंपर्क विभाग के नोटों के मुताबिक़ यह मुफ़्त है।
- बैंक: शाखा में पूछें कि खाते में आधार सीडिंग और DBT चालू है या नहीं। UIDAI के मुताबिक़ बैंक सीडिंग का स्टेटस myAadhaar पर या NPCI की वेबसाइट पर देखा जा सकता है; योजना के होम पेज पर भी NPCI का लिंक है।
- शिकायत: वेबसाइट पर ‘शिकायत करें’ में शिकायत का प्रकार चुनें, जैसे ‘योजना अंतर्गत भुगतान प्राप्त नहीं होने सम्बन्धी’। इसके लिए आपके मोबाइल पर OTP आता है, जिसे उसी पेज पर ख़ुद भरना होता है। जवाब ‘निराकरण देखें’ में दिखता है।
- फ़ोन: वेबसाइट पर हेल्प डेस्क का नंबर 0771-2220006 है। ‘संपर्क’ वाली लिस्ट में महिला एवं बाल विकास संचालनालय के 0771-2220006 और 0771-6637711 नंबर हैं, और हर ज़िले के नंबर भी। लिस्ट के मुताबिक़ समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक है।
- मौत की जानकारी: किसी लाभार्थी महिला की मौत हुई हो, तो परिवार वेबसाइट पर ‘मृत्यु दर्ज करें’ में फ़ॉर्म डाल सकता है, जिस पर वार्ड पार्षद या ग्राम सरपंच के दस्तख़त और मुहर ज़रूरी हैं। बालोद के नोट के मुताबिक़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बताना भी एक रास्ता है।
क्या नए रजिस्ट्रेशन खुले हैं?
14 अक्टूबर 2026 की शाम तक हमें ऐसा कोई सरकारी ऐलान नहीं मिला। योजना की वेबसाइट पर आवेदन का कोई लिंक नहीं है। जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर महतारी वंदन की 2025 और 2026 की हेडलाइनों में भी राज्य भर में नए रजिस्ट्रेशन की कोई खबर नहीं मिली। राज्य भर से आवेदन फ़रवरी 2024 में लिए गए थे; सारंगढ़-बिलाईगढ़ के 19 फ़रवरी 2024 के नोट के मुताबिक़ आख़िरी दिन 20 फ़रवरी 2024 था।
इसके बाद सरकारी नोटों में आवेदन का बस एक छोटा मौका दिखा, वह भी कुछ गाँवों के लिए। जनसंपर्क विभाग के 14 अगस्त 2025 के नोट के मुताबिक़ बीजापुर ज़िले में नियद नेल्लानार वाले गाँवों की छूटी हुई महिलाओं से 15 से 31 अगस्त 2025 तक आंगनबाड़ी केंद्रों के ज़रिए आवेदन लिए जाने थे। उसी नोट के मुताबिक़ यह मौका “केवल छूटे हुए पात्र हितग्राहियों के लिए” था। 5 नवंबर 2025 के नोट के मुताबिक़ नियद नेल्लानार की 7,658 महिलाओं को पहली किस्त नवंबर 2025 में मिली, और 4 जून 2026 के नोट के मुताबिक़ नियद नेल्लानार अभियान से 7,770 नई महिलाएँ योजना से जोड़ी गईं।
आदेश के मुताबिक़ जिस साल आवेदन हो, उस साल की पहली जनवरी को महिला की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए। कोई मैसेज या वेबसाइट नए रजिस्ट्रेशन का दावा करे, तो पहले योजना की वेबसाइट देखें और अपनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पूछें।
फ़र्ज़ी फ़ॉर्म, फ़ीस और OTP वाली ठगी से कैसे बचें?
योजना की असली वेबसाइट mahtarivandan.cgstate.gov.in है; उसके आख़िर में .gov.in है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 5 फ़रवरी 2024 को, जनसंपर्क विभाग के नोट के ज़रिए, सोशल मीडिया पर घूम रहे एक फ़र्ज़ी लिंक से सावधान किया था। वह पता mahtarivandanyojana.info था। उस नोट के मुताबिक़ आवेदन की कोई फ़ीस नहीं है, और विभाग ने आवेदन लेने के लिए किसी निजी संस्था या व्यक्ति को अधिकृत नहीं किया है, यानी इजाज़त नहीं दी है।
ई-केवायसी भी मुफ़्त है, फिर भी कुछ जगह पैसे माँगे गए। जनसंपर्क विभाग के 13 मई 2026 के नोट के मुताबिक़ महासमुंद ज़िले में ई-केवायसी के बदले पैसे माँगने पर 4 CSC चलाने वालों की आईडी ब्लॉक की गई। 7 मई 2026 के नोट के मुताबिक़ राजनांदगांव में 9 VLE की आईडी ब्लॉक हुई, और कवर्धा के 13 मई 2026 के नोट के मुताबिक़ कबीरधाम में 6 CSC आईडी बंद की गईं। महासमुंद वाले नोट के मुताबिक़ ग्राम पंचायत, वार्ड दफ़्तर या CSC में ई-केवायसी के नाम पर फ़ीस माँगी जाए, तो तुरंत शिकायत करें।
OTP: योजना की वेबसाइट पर शिकायत करते समय OTP आपके मोबाइल पर आता है, और उसे आप ख़ुद उसी पेज पर भरती हैं। कोई फ़ोन, मैसेज या लिंक इस योजना के नाम पर OTP, आधार नंबर, बैंक की जानकारी या पैसे माँगे, तो न दें। स्कीम समाचार आपसे कोई जानकारी या पैसा नहीं माँगता। ठगी हो जाए, तो 1930 पर फ़ोन करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
ख़ुद कहाँ जाँचें?
- स्टेटस और शिकायत: योजना की वेबसाइट और उसका स्टेटस पेज।
- नियम: 2 फ़रवरी 2024 का आदेश।
- किस्त की खबर: जनसंपर्क विभाग के 7 अक्टूबर 2026 और 8 अक्टूबर 2026 के नोट।
- बैंक में आधार सीडिंग: UIDAI का DBT पेज।
सोर्स
- महतारी वंदन योजना की वेबसाइट (mahtarivandan.cgstate.gov.in), होम पेजऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- योजना की वेबसाइट: आवेदन एवं भुगतान की स्थिति (स्टेटस पेज)ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- योजना की वेबसाइट: शिकायत करेंऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- योजना की वेबसाइट: निराकरण देखेंऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- योजना की वेबसाइट: मृत्यु दर्ज करेंऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- छत्तीसगढ़ शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग का आदेश, 2 फ़रवरी 2024: महतारी वंदन योजना और उसके नियम (परिशिष्ट-01)आदेश / सर्कुलर · तारीख़ 2 फ़रवरी 2024 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- योजना की वेबसाइट: निरस्त हुए भुगतान के कारण एवं निराकरण हेतु सुझाव (59 वजहें)गाइडलाइन · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- योजना की वेबसाइट: FAQ, भुगतान कैंसिल/निरस्त होने के कारण और बैंक की समस्याओं के सुझावसवाल-जवाब (FAQ) · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- योजना की वेबसाइट: संपर्क, राज्य और ज़िलों के नोडल अधिकारियों के नंबरआंकड़े / रिपोर्ट · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़: महतारी वंदन योजना का पेजऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- छत्तीसगढ़ सरकार की वेबसाइट (cgstate.gov.in)ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 7 अक्टूबर 2026: महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त का भुगतान 8 अक्टूबर 2026 कोप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 7 अक्टूबर 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 8 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री ने दुर्ग से 32वीं किस्त जारी की, 67.38 लाख से अधिक महिलाओं को 632.40 करोड़प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 8 अक्टूबर 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 24 अगस्त 2026: सितंबर 2026 की 31वीं किस्त 25 अगस्त 2026 को, राखी से पहलेप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 24 अगस्त 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 25 अगस्त 2026: डौंडीलोहारा से 31वीं किस्त, 67,28,918 हितग्राहियों के खातों में ₹631.38 करोड़ भेजे गएप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 25 अगस्त 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (बेमेतरा), 25 अगस्त 2026: राखी से पहले 31वीं किस्त जारीप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 25 अगस्त 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 7 अगस्त 2026: 30वीं किस्त महिलाओं के खातों मेंप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 7 अगस्त 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 4 जून 2026: 28वीं किस्त; नियद नेल्लानार अभियान से 7,770 नई महिलाएँ जुड़ींप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 4 जून 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (एमसीबी), 12 अक्टूबर 2026: 32 किस्तों में 32 हज़ार रुपयेप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 12 अक्टूबर 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 26 नवंबर 2025: 69.26 लाख हितग्राहियों के आधार दर्ज, 4.18 लाख का ई-केवायसी बाक़ीप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 26 नवंबर 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (अंबिकापुर), 10 अप्रैल 2026: ई-केवायसी 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तकप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 10 अप्रैल 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (बीजापुर), 5 मई 2026: ई-केवायसी ज़रूरी, मुफ़्त, समय-सीमा और देर वाले मामलेप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 5 मई 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (कांकेर), 17 जून 2026: 30 जून 2026 तक ई-केवायसी, आंगनबाड़ी के ऐप में बाक़ी नामप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 17 जून 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (कोरिया), 25 जून 2026: ई-केवायसी न होने पर जुलाई से भुगतान नहीं, ख़ास मामलों में आगे भीप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 25 जून 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (राजनांदगांव), 2 मई 2026: ई-केवायसी की आख़िरी तारीख़ 30 जुलाईप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 2 मई 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (बालोद), 24 अगस्त 2026: योजना के 30 महीने, 31 अगस्त 2026 तक ई-केवायसीप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 24 अगस्त 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 11 सितंबर 2026: महिला एवं बाल विकास मंत्री ने महतारी वंदन के बाक़ी हितग्राहियों का ई-केवायसी पूरा कराने के निर्देश दिएप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 11 सितंबर 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (बलरामपुर), 5 जून 2025: अब ज़रूरी है DBT वाला खाताप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 5 जून 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 10 जून 2026 (मुंगेली के बारे में): तकनीकी ग़लती से मृत दर्ज ज़िंदा महिला को फिर मिलेगा पैसाप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 10 जून 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 13 मई 2026 (महासमुंद के बारे में): ई-केवायसी के नाम पर फ़ीस लेने वाले 4 CSC सेंटर ब्लॉकप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 13 मई 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (राजनांदगांव), 7 मई 2026: ई-केवायसी के लिए पैसे माँगने पर 9 VLE की आईडी ब्लॉकप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 7 मई 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (कवर्धा), 13 मई 2026: कबीरधाम में 6 CSC आईडी बंदप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 13 मई 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 5 फ़रवरी 2024: महतारी वंदन योजना के फ़र्ज़ी लिंक से सावधान रहने की अपीलप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 5 फ़रवरी 2024 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 25 फ़रवरी 2024: हक़दार महिलाओं की अनंतिम सूची जारीप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 25 फ़रवरी 2024 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग (सारंगढ़-बिलाईगढ़), 19 फ़रवरी 2024: 20 फ़रवरी 2024 की शाम 6 बजे के बाद आवेदन नहींप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 19 फ़रवरी 2024 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 14 अगस्त 2025: नियद नेल्लानार वाले गाँवों की महिलाएँ योजना से जुड़ेंगीप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 14 अगस्त 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- जनसंपर्क विभाग, 5 नवंबर 2025: 21वीं किस्त, और नियद नेल्लानार के हितग्राहियों को पहली किस्तप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 5 नवंबर 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- UIDAI: आधार और DBT, बैंक सीडिंग स्टेटसऑफ़िशियल वेबसाइट · तारीख़ 2 जुलाई 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- myAadhaar (UIDAI)ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (गृह मंत्रालय): cybercrime.gov.in और 1930ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
