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MGNREGA Job Card List UP: लिस्ट अब नई वेबसाइट पर; मंत्रालय: e-KYC बाक़ी होने भर से काम से मना नहीं

1 जुलाई 2026 से मनरेगा की जगह विकसित भारत–जी राम जी क़ानून लागू है: कम से कम 125 दिन काम की गारंटी, यूपी में मज़दूरी की दर ₹300 रोज़। गाँव की लिस्ट और हाज़िरी ऐसे देखें।

MGNREGA Job Card List UP: लिस्ट अब नई वेबसाइट पर; मंत्रालय: e-KYC बाक़ी होने भर से काम से मना नहीं
AI से बनी तस्वीर · MGNREGA Job Card List UP: लिस्ट अब नई वेबसाइट पर; मंत्रालय: e-KYC बाक़ी होने भर से काम से मना नहीं · चित्र: स्कीम समाचार

उत्तर प्रदेश के गाँवों की जॉब कार्ड लिस्ट अब ग्रामीण विकास मंत्रालय की नई वेबसाइट पर है। 1 जुलाई 2026 से मनरेगा क़ानून ख़त्म हो चुका है और उसकी जगह ‘विकसित भारत–जी राम जी’ (VB-G RAM G) क़ानून लागू है। इसमें काम चाहने वाले हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय साल में कम से कम 125 दिन काम की गारंटी है। 1 जुलाई 2026 से यूपी में मज़दूरी की दर ₹300 रोज़ है।

मनरेगा का e-KYC वाला पुराना जॉब कार्ड नए क़ानून में चलेगा। केंद्र सरकार के 1 जुलाई 2026 के ट्रांज़िशन नियमों के मुताबिक़ जो जॉब कार्ड e-KYC से रिन्यू और वेरिफ़ाई हो चुका है, वह मान्य है। उन्हीं नियमों के मुताबिक़ यह इंतज़ाम तब तक है, जब तक राज्य सरकार नया ‘ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्ड’ जारी नहीं करती। e-KYC बाक़ी हो, तो PIB की 11 मई 2026 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ सिर्फ़ इस वजह से किसी को काम से मना नहीं किया जाएगा।

ज़रूरी फ़ैक्ट्स

सभी आंकड़े जाँचे गए:

नया क़ानून लागू (11 मई 2026 का नोटिफ़िकेशन)
1 जुलाई 2026 से सभी राज्यों में विकसित भारत–जी राम जी (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025; उसी दिन से मनरेगा अपने नियमों और स्कीमों समेत रद्द
सोर्स: egazette.gov.in · 11 मई 2026 तक की जानकारी
संसद और राष्ट्रपति
लोकसभा में पास 18 दिसंबर 2025, राज्यसभा में 19 दिसंबर 2025; राष्ट्रपति की मंज़ूरी 20 दिसंबर 2025 (अधिनियम संख्या 36)
सोर्स: sansad.in
काम की गारंटी (धारा 5)
काम चाहने वाले हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय साल में कम से कम 125 दिन (मंत्रालय के FAQ के मुताबिक़ मनरेगा में 100 दिन थे)
सोर्स: egazette.gov.in · 21 दिसंबर 2025 तक की जानकारी
पुराना जॉब कार्ड (नियम 6, 1 जुलाई 2026)
e-KYC से रिन्यू और वेरिफ़ाई हुआ कार्ड मान्य, जब तक राज्य सरकार नए ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्ड जारी न करे; जिनका e-KYC उनके बस से बाहर की वजह से नहीं हो पाया, उनके मामले केंद्र सरकार तय करेगी
सोर्स: egazette.gov.in · 1 जुलाई 2026 तक की जानकारी
इस साल पहले किए दिन (नियम 7)
इस वित्तीय साल में मनरेगा में किए दिन इसी साल के 125 दिनों में गिने जाएँगे; परिवार बाक़ी दिनों का हक़दार
सोर्स: egazette.gov.in · 1 जुलाई 2026 तक की जानकारी
e-KYC बाक़ी हो तो (PIB, 11 मई 2026)
सिर्फ़ e-KYC बाक़ी होने की वजह से किसी को काम से मना नहीं किया जाएगा; राज्य e-KYC का इंतज़ाम करते रहेंगे
सोर्स: pib.gov.in · 11 मई 2026 तक की जानकारी
बाक़ी 19 फ़ैक्ट्स, सोर्स के साथ
e-KYC (लोकसभा, 16 दिसंबर 2025)
NMMS ऐप के e-KYC फ़ीचर से जॉब कार्ड की जाँच 1 सितंबर 2025 से शुरू; कहाँ होगा, यह राज्य तय करता है, जैसे काम की जगह या पंचायत का कैंप; e-KYC न होने की वजह से किसी को काम या मज़दूरी से मना नहीं किया जा सकता
सोर्स: sansad.in · 16 दिसंबर 2025 तक की जानकारी
नया कार्ड (अनुसूची II)
ग्राम पंचायत 15 दिन में जारी करे; 3 साल चलेगा; अकेली महिला, दिव्यांग, 60 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों आदि के लिए अलग रंग का स्पेशल कार्ड
सोर्स: egazette.gov.in · 21 दिसंबर 2025 तक की जानकारी
कार्ड रद्द सिर्फ़ तब (अनुसूची II)
डुप्लिकेट निकले, पूरा परिवार हमेशा के लिए पंचायत से बाहर चला जाए, या परिवार के सभी बड़े सदस्यों की मौत हो जाए
सोर्स: egazette.gov.in · 21 दिसंबर 2025 तक की जानकारी
यूपी में डिलीट हुए जॉब कार्ड, मनरेगा के तहत (लोकसभा, 28 जुलाई 2026)
1 जनवरी 2021 से 22 जुलाई 2026 तक 1,08,64,559 कार्ड, जिनमें 1,80,12,165 मज़दूरों के नाम थे
सोर्स: sansad.in · 22 जुलाई 2026 तक की जानकारी
कार्ड हटाने का तरीक़ा (PIB, 7 फ़रवरी 2025)
जनवरी 2025 की SOP: हटाए जाने वाले कार्डों की ड्राफ़्ट लिस्ट, ग्राम सभा में जाँच, अपील का हक़
सोर्स: pib.gov.in · 7 फ़रवरी 2025 तक की जानकारी
शिकायत (धारा 23, अनुसूची II)
शिकायत बोलकर या लिखकर की जा सकती है; कार्यक्रम अधिकारी उसे 7 दिन में निपटाए
सोर्स: egazette.gov.in · 21 दिसंबर 2025 तक की जानकारी
यूपी की मज़दूरी की दर (30 जून 2026 का नोटिफ़िकेशन)
1 जुलाई 2026 से ₹300 रोज़
सोर्स: egazette.gov.in · 30 जून 2026 तक की जानकारी
मनरेगा में यूपी की मज़दूरी की दर (2025-26)
₹252 रोज़ (27 मार्च 2025 का नोटिफ़िकेशन)
सोर्स: egazette.gov.in · 27 मार्च 2025 तक की जानकारी
मज़दूरी में बढ़ोतरी
हमारा हिसाब: ₹48 रोज़, क़रीब 19%। PIB के मुताबिक़ यूपी उन राज्यों में, जहाँ 15% से 25% बढ़ोतरी हुई
सोर्स: pib.gov.in · 30 जून 2026 तक की जानकारीअनुमान — अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
काम कब और कहाँ (अनुसूची II)
अर्ज़ी के 15 दिन के अंदर; जहाँ तक हो सके 5 किलोमीटर के अंदर, उससे दूर मिले तो मज़दूरी का 10% ज़्यादा; अर्ज़ी आम तौर पर कम से कम 6 दिन लगातार काम की
सोर्स: egazette.gov.in · 21 दिसंबर 2025 तक की जानकारी
बेरोज़गारी भत्ता (धारा 11)
दर और शर्तें राज्य तय करेगा: साल के पहले 30 दिन मज़दूरी के एक-चौथाई से कम नहीं, फिर आधी से कम नहीं; यूपी का नोटिफ़िकेशन हमें नहीं मिला
सोर्स: egazette.gov.in · 21 दिसंबर 2025 तक की जानकारी
भत्ता, ₹300 की मज़दूरी पर
हमारा हिसाब: कम से कम ₹75 रोज़ (पहले 30 दिन), फिर कम से कम ₹150 रोज़
सोर्स: egazette.gov.in · 21 दिसंबर 2025 तक की जानकारीअनुमान — अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
मज़दूरी कब (धारा 5, अनुसूची II)
हफ़्ते-हफ़्ते, या काम के दिन से 15 दिन के अंदर; मस्टर रोल बंद होने के 16वें दिन के बाद हर दिन बकाया मज़दूरी का 0.05% मुआवज़ा
सोर्स: egazette.gov.in · 21 दिसंबर 2025 तक की जानकारी
60 दिन की रोक (धारा 6)
राज्य पहले से नोटिफ़ाई करेगा कि बुआई-कटाई के मौसम के कौन-से दिन (साल में कुल 60) काम नहीं होगा; यूपी का ऐसा नोटिफ़िकेशन हमें नहीं मिला
सोर्स: egazette.gov.in · 21 दिसंबर 2025 तक की जानकारी
राज्य की स्कीम (राज्यसभा, 31 जुलाई 2026)
केंद्र के मुताबिक़ सभी राज्य स्कीम नोटिफ़ाई कर चुके; यूपी का अपना नोटिफ़िकेशन हमें नहीं मिला
सोर्स: sansad.in · 31 जुलाई 2026 तक की जानकारी
हाज़िरी (लोकसभा, 4 अगस्त 2026)
नए क़ानून में NMMS ऐप से चेहरे की पहचान वाली हाज़िरी अपनाई गई (क़ानून 1 जुलाई 2026 से लागू); नेटवर्क न हो तो ऑफ़लाइन; मोबाइल या ऐप न चले, e-KYC बाक़ी हो या दिव्यांगता हो, तो छूट
सोर्स: sansad.in · 4 अगस्त 2026 तक की जानकारी
NMMS (मनरेगा का मास्टर सर्कुलर 2024-25)
Individual Beneficiary वाले कामों को छोड़कर सभी कामों में रोज़ दो फ़ोटो के साथ हाज़िरी; सुबह और दोपहर की फ़ोटो में 4 घंटे का फ़र्क़
सोर्स: nregaplus.nic.in
‘View Daily Attendance’ रिपोर्ट
14 अक्टूबर 2026 को सिर्फ़ 7 से 14 अक्टूबर 2026 तक की 8 तारीख़ें चुनी जा सकती थीं
सोर्स: vbgramg.dord.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
साइबर ठगी की शिकायत
1930 या cybercrime.gov.in
सोर्स: cybercrime.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी

क्या मनरेगा सच में बंद हो गया?

हाँ, क़ानून के तौर पर। केंद्र सरकार ने 11 मई 2026 को दो नोटिफ़िकेशन निकाले। पहले नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ नया क़ानून 1 जुलाई 2026 से सभी राज्यों में लागू हुआ। दूसरे नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ उसी दिन से मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम, 2005) अपने सभी नियमों, स्कीमों और आदेशों समेत रद्द हो गया।

नए क़ानून का पूरा नाम ‘विकसित भारत—रोजगार और आजीविका के लिए गारन्टी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी (विकसित भारत - जी राम जी) अधिनियम, 2025’ है। संसद के रिकॉर्ड के मुताबिक़ यह क़ानून दिसंबर 2025 में पास हुआ और 20 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिली। क़ानून के टेक्स्ट और मंत्रालय के FAQ के मुताबिक़ ये बातें बदली हैं:

  • काम की गारंटी कम से कम 100 दिन से बढ़कर कम से कम 125 दिन हुई। यह पूरे परिवार के लिए है, हर सदस्य के लिए अलग-अलग नहीं।
  • राज्य सरकार नोटिफ़िकेशन निकालकर पहले से बताएगी कि बुआई और कटाई के मौसम के कौन-से दिन (साल में कुल 60 दिन) इस क़ानून में काम नहीं होगा। केंद्र ने 28 जुलाई 2026 को लोकसभा में कहा कि इससे 125 दिन की गारंटी कम नहीं होती। यूपी का ऐसा नोटिफ़िकेशन हमें नहीं मिला।

क़ानून के मुताबिक़ हर राज्य को क़ानून लागू होने के छह महीने के अंदर अपनी स्कीम का नोटिफ़िकेशन निकालना है। केंद्र के 29 जून 2026 के अंतरिम आदेश के मुताबिक़ तब तक (ज़्यादा से ज़्यादा छह महीने) राज्य पुरानी स्कीम बदलावों के साथ चला सकता है, पर 125 दिन की गारंटी तब भी लागू है। केंद्र ने 31 जुलाई 2026 को राज्यसभा में कहा कि सभी राज्य अपनी स्कीम नोटिफ़ाई कर चुके हैं। यूपी का अपना नोटिफ़िकेशन हमें 14 अक्टूबर 2026 की शाम तक यूपी सूचना विभाग की कैबिनेट फ़ैसलों की लिस्ट, ग्राम्य विकास विभाग की वेबसाइट और यूपी गज़ट की असाधारण लिस्ट के पहले पेज पर नहीं मिला।

यूपी की जॉब कार्ड लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें?

मंत्रालय की नई वेबसाइट पर, अपना ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर। 14 अक्टूबर 2026 को हमने ये कदम ख़ुद आज़माए:

  • vbgramg.dord.gov.in खोलें। पुराना पता nrega.nic.in खोलने पर nrega.dord.gov.in खुलता है, जहाँ ‘Visit VB-G RAM G Website’ बटन से नई वेबसाइट खुलती है।
  • ऊपर ‘Analytics & Reports’ में ‘State Report’ पर टैप करें, फिर ‘UTTAR PRADESH’ पर।
  • ‘District’ में अपना ज़िला, फिर ‘Block’ में ब्लॉक, फिर ‘Panchayats’ में अपनी ग्राम पंचायत पर टैप करें।
  • पंचायत के पेज पर ‘R1.Job Card/Registration’ के नीचे ‘Job card/Employment Register’ पर टैप करें। यही गाँव की जॉब कार्ड लिस्ट है।
  • लिस्ट में अपने कार्ड नंबर पर टैप करें; परिवार का पूरा कार्ड खुल जाएगा।

लिस्ट में ‘Gramin Rozgar Guarantee Card No.’, ‘Name’ और ‘Status’ के ख़ाने हैं। हर कार्ड की एक लाइन में एक ही नाम है। हमने सिर्फ़ एक कार्ड खोला; उसमें यह नाम परिवार के मुखिया (Head of Household) का था, पर हर जगह ऐसा ही हो, यह पक्का नहीं। अपना नाम न दिखे, तो मुखिया का नाम भी देख लें। लिस्ट के नीचे लिखा है कि * का मतलब है: कार्ड डिलीट हो चुका है।

कार्ड के पेज पर सबसे ऊपर ‘अन्तरिम ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ लिखा है। उसमें परिवार के बड़े सदस्यों के नाम, उम्र, बैंक या डाकघर हैं, और हर नाम के आगे ‘E-KYC Done’ में Yes या No। नीचे इस साल का हिसाब है: कब काम माँगा, कब मिला, कितने दिन किया, कितनी रकम बनी और कितनी बाक़ी है (‘Payment Due’)।

क्या पुराना जॉब कार्ड अब भी चलेगा?

हाँ, e-KYC वाला कार्ड चलेगा। 1 जुलाई 2026 के ट्रांज़िशन नियमों के नियम 6 के मुताबिक़ मनरेगा के जो जॉब कार्ड e-KYC से रिन्यू और वेरिफ़ाई (नवीकृत और सत्यापित) हो चुके हैं, वे नए क़ानून में काम पाने के लिए मान्य हैं। उसी नियम के मुताबिक़ यह इंतज़ाम तब तक है, जब तक राज्य सरकार नए कार्ड जारी नहीं करती। यूपी में नए कार्ड कब बनेंगे, यह हमें 14 अक्टूबर 2026 तक मंत्रालय की वेबसाइट, यूपी ग्राम्य विकास विभाग की वेबसाइट और PIB की जो प्रेस रिलीज़ हमने पढ़ीं, उनमें नहीं मिला। नियम 7 के मुताबिक़ इस वित्तीय साल में मनरेगा में जितने दिन काम हो चुका है, वे भी इसी साल के 125 दिनों में गिने जाएँगे।

जिनका e-KYC बाक़ी है, वे इसे करा लें, क्योंकि नियम 6 में मान्य कार्डों में e-KYC वाले कार्ड ही गिनाए गए हैं। फिर भी मंत्रालय की 11 मई 2026 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ सिर्फ़ e-KYC बाक़ी होने की वजह से किसी को काम से मना नहीं किया जाएगा, और राज्य सरकारें e-KYC कराने का इंतज़ाम करती रहेंगी। नियम 6 के मुताबिक़ जहाँ मज़दूर के बस से बाहर की वजह से e-KYC नहीं हो पाया, ऐसे मामले कैसे निपटेंगे, यह केंद्र सरकार तय करेगी। 17 मार्च 2026 के लोकसभा के एक जवाब में सरकार ने ‘Mandatory e-KYC’ यानी ज़रूरी e-KYC की बात लिखी थी।

लोकसभा में 16 दिसंबर 2025 के जवाब के मुताबिक़ e-KYC के लिए राज्यों से NMMS ऐप का e-KYC फ़ीचर इस्तेमाल करने को कहा गया है। उसी जवाब के मुताबिक़ e-KYC कहाँ होगा, यह राज्य तय करता है, जैसे काम की जगह पर या पंचायत के कैंप में। उसी जवाब के मुताबिक़ e-KYC न होने की वजह से किसी को काम या मज़दूरी से मना नहीं किया जा सकता।

जिस कार्ड के आगे * है, वह डिलीट हो चुका है। लोकसभा में 28 जुलाई 2026 के जवाब के मुताबिक़ मनरेगा के तहत यूपी में 1 जनवरी 2021 से 22 जुलाई 2026 तक 1,08,64,559 जॉब कार्ड डिलीट हुए, जिनमें 1,80,12,165 मज़दूरों के नाम थे। PIB के 7 फ़रवरी 2025 के बयान के मुताबिक़ कार्ड ज़्यादातर नक़ली, डुप्लिकेट या ग़लत होने, परिवार के हमेशा के लिए गाँव छोड़ने और पंचायत के शहरी हो जाने जैसी वजहों से हटाए गए। PIB के 21 मार्च 2025 के बयान के मुताबिक़ आधार बैंक खाते से न जुड़ा होने की वजह से जॉब कार्ड डिलीट नहीं किया जा सकता था।

कार्ड ग़लत हटा हो, तो ग्राम पंचायत या ब्लॉक के कार्यक्रम अधिकारी से पूछें। क़ानून के मुताबिक़ शिकायत बोलकर या लिखकर की जा सकती है, और कार्यक्रम अधिकारी को उसे 7 दिन में निपटाना है। अपने परिवार का हाल नीचे टैप करके देखिए कि कौन-सा काम अटका है।

नए क़ानून में आपका जॉब कार्ड, काम, मज़दूरी और हाज़िरी: कहाँ क्या अटका है?

टूल की जानकारी पढ़ें

यह टूल पाँच सवाल पूछता है और हर काम को एक पतंग की तरह दिखाता है: उड़ती पतंग यानी कुछ नहीं करना, अटकी या ज़मीन पर पड़ी पतंग यानी कुछ करना है। 1. कार्ड: वीबी-जी राम जी की वेबसाइट पर गाँव की लिस्ट में कार्ड नंबर के आगे * का मतलब है कि जॉब कार्ड डिलीट हो चुका है; ऐसे में ग्राम पंचायत या ब्लॉक के कार्यक्रम अधिकारी से पूछें, और जिस परिवार के पास जॉब कार्ड नहीं है, वह ग्राम पंचायत में ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्ड के लिए अर्ज़ी दे सकता है; क़ानून के मुताबिक़ पंचायत 15 दिन में कार्ड दे, जो 3 साल चलेगा। 2. e-KYC: 1 जुलाई 2026 के ट्रांज़िशन नियमों के मुताबिक़ e-KYC से वेरिफ़ाई हुआ पुराना जॉब कार्ड, राज्य के नए कार्ड बनने तक मान्य है; PIB के 11 मई 2026 के नोट के मुताबिक़ e-KYC बाक़ी होने भर से काम से मना नहीं किया जाएगा। 3. काम: बोलकर या लिखकर (लिखकर के लिए फ़ॉर्म 6) अर्ज़ी पर तारीख़ वाली रसीद मिलती है और 15 दिन में काम मिलना चाहिए; न मिले तो बेरोज़गारी भत्ता, जिसकी दर और शर्तें राज्य तय करेगा और जो पहले 30 दिन मज़दूरी के एक-चौथाई से और बाद में आधी से कम नहीं होगा (यूपी की ₹300 की मज़दूरी पर कम से कम ₹75 और ₹150 रोज़, हमारा हिसाब)। 4. मज़दूरी: 1 जुलाई 2026 से यूपी में ₹300 रोज़; मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन में न आए तो 16वें दिन के बाद हर दिन बकाया का 0.05% देरी का मुआवज़ा; कार्ड के पेज पर Payment Due और Rejected Transaction देखें। 5. हाज़िरी: लोकसभा में 4 अगस्त 2026 के जवाब के मुताबिक़ 1 जुलाई 2026 से लागू नए क़ानून में NMMS ऐप से चेहरे की पहचान वाली हाज़िरी अपनाई गई है, और नेटवर्क, मोबाइल, e-KYC या दिव्यांगता की दिक़्क़त में छूट का इंतज़ाम है; NMMS ऐप के FAQ (इस पर तारीख़ नहीं) के मुताबिक़ नाम के नीचे Capture Attendance न दिखे, तो देखना होता है कि e-KYC पूरा हो और ऐप में मास्टर डेटा डाउनलोड हो चुका हो, K-100 आए तो आधार में नई फ़ोटो अपडेट कराएँ, नेटवर्क न हो तो हाज़िरी ऑफ़लाइन लेकर बाद में अपलोड होती है, और हाज़िरी न दिखे तो मेट View Daily Attendance रिपोर्ट देखे। आख़िर में परिवार के इस साल के दिन चुनने पर टूल बताता है कि 125 में से कितने दिन बचे; इस साल मनरेगा में किए दिन भी इन्हीं में गिने जाते हैं। आप जो टैप करते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।

Sources जाँचे गए: 14 अक्टूबर 2026

नया ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्ड कैसे बनेगा?

ग्राम पंचायत में अर्ज़ी देकर। क़ानून की अनुसूची II के मुताबिक़ परिवार का कोई भी बड़ा सदस्य ग्राम पंचायत को परिवार के लोगों के नाम, उम्र और पता दे सकता है, और पंचायत जाँच करके 15 दिन में कार्ड जारी करे। उसी अनुसूची के मुताबिक़ कार्ड 3 साल चलेगा। मंत्रालय के FAQ के मुताबिक़ जिस परिवार के पास मनरेगा जॉब कार्ड नहीं है, वह भी इसी तरह अर्ज़ी दे सकता है।

क़ानून की अनुसूची II के मुताबिक़ अकेली महिला, दिव्यांग, 60 साल से ज़्यादा उम्र के लोग, बंधुआ मज़दूरी से छुड़ाए गए लोग, विशेष रूप से कमज़ोर जनजाति (PVTG) के लोग और ट्रांसजेंडर लोगों को अलग रंग का ‘स्पेशल’ कार्ड मिलेगा। उसी अनुसूची के मुताबिक़ नया कार्ड सिर्फ़ तीन हालत में रद्द हो सकता है: वह डुप्लिकेट निकले, पूरा परिवार हमेशा के लिए पंचायत से बाहर चला जाए, या परिवार के सभी बड़े सदस्यों की मौत हो जाए।

NMMS हाज़िरी क्या है, और अपनी हाज़िरी कैसे देखें?

NMMS (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) मंत्रालय का ऐप है, जिससे काम की जगह पर हाज़िरी लगती है। मनरेगा के मास्टर सर्कुलर के मुताबिक़ एक परिवार के लिए होने वाले (Individual Beneficiary वाले) कामों को छोड़कर हर काम में इसी से हाज़िरी लगानी ज़रूरी थी। उसी सर्कुलर के मुताबिक़ रोज़ दो फ़ोटो ली जाती थीं, 4 घंटे के फ़र्क़ से। नए क़ानून की अनुसूची I के मुताबिक़ हाज़िरी की पूरी जानकारी रोज़ सबके देखने के लिए सिस्टम पर रखी जानी है।

लोकसभा में 4 अगस्त 2026 के जवाब के मुताबिक़ 1 जुलाई 2026 से लागू नए क़ानून में NMMS ऐप से चेहरे की पहचान वाली हाज़िरी अपनाई गई है। उसी जवाब के मुताबिक़ नेटवर्क न हो, तो हाज़िरी ऑफ़लाइन लेकर बाद में अपलोड हो सकती है। उसी जवाब के मुताबिक़ मोबाइल या ऐप न चले, e-KYC पूरा न हो या मज़दूर को दिव्यांगता हो, तो छूट का इंतज़ाम है। उसी जवाब के मुताबिक़ राज्यों से कहा गया है कि NMMS की तकनीकी दिक़्क़त की वजह से किसी हक़दार मज़दूर को काम से मना न किया जाए।

लोकसभा में 19 दिसंबर 2023 के जवाब के मुताबिक़ मज़दूर को स्मार्टफ़ोन नहीं चाहिए। उसी जवाब के मुताबिक़ हाज़िरी मेट (काम की जगह का सुपरवाइज़र) मोबाइल से लेता है।

NMMS ऐप के FAQ (इस पर तारीख़ नहीं है, और इसमें अब भी ‘मनरेगा’ लिखा है) में ये बातें हैं:

  • फ़ोटो के समय मास्क, चश्मा या घूँघट नहीं होना चाहिए।
  • ‘K-100’ आए, तो आधार में अपनी नई फ़ोटो अपडेट करानी होती है।
  • मस्टर रोल में नाम के नीचे ‘Capture Attendance’ न दिखे, तो देखना होता है कि e-KYC पूरा हो और ऐप में मास्टर डेटा डाउनलोड हो चुका हो।
  • ऐप चलाने वालों में ‘पंचायत सचिव (व्यक्तिगत कामों के लिए)’ भी हैं, जबकि मास्टर सर्कुलर इन कामों को NMMS से बाहर रखता था। नए क़ानून में इनकी हाज़िरी कैसे लगती है, यह हमें साफ़ नहीं मिला।

रोज़ की हाज़िरी नई वेबसाइट के ‘Analytics & Reports’ में ‘View Daily Attendance’ पर दिखती है। उसमें राज्य, तारीख़ और ‘Unskilled’ या ‘Skilled’ चुनकर ‘Show Attendance’ दबाना होता है। 14 अक्टूबर 2026 को इसमें सिर्फ़ 7 से 14 अक्टूबर 2026 तक की 8 तारीख़ें थीं, इसलिए पुरानी हाज़िरी यहाँ नहीं चुनी जा सकती थी। उसके बाद की स्क्रीन हमने नहीं खोली। NMMS के FAQ के मुताबिक़ हाज़िरी लगी हो पर दिखे नहीं, तो मेट से यही रिपोर्ट देखने को कहें।

काम कैसे माँगें, और 15 दिन में न मिले तो?

ग्राम पंचायत में बोलकर या लिखकर अर्ज़ी देकर। क़ानून की अनुसूची II के मुताबिक़ कार्ड में जिसका नाम है, वह ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य या ब्लॉक के कार्यक्रम अधिकारी से, या डिजिटल तरीक़े से काम माँग सकता है। उसी अनुसूची के मुताबिक़ हर अर्ज़ी पर तारीख़ वाली रसीद मिलेगी। FAQ के मुताबिक़ लिखकर माँगने के लिए पहले वाला फ़ॉर्म 6 ही है।

क़ानून की अनुसूची II के मुताबिक़ काम 15 दिन के अंदर मिलना चाहिए, और जहाँ तक हो सके, गाँव से 5 किलोमीटर के अंदर। उसी अनुसूची के मुताबिक़ उससे दूर (पर ब्लॉक के अंदर) मिले, तो आने-जाने और रहने के ख़र्च के लिए मज़दूरी का 10% ज़्यादा मिलता है।

15 दिन में काम न मिले, तो क़ानून की धारा 11 के मुताबिक़ रोज़ का बेरोज़गारी भत्ता बनता है। उसी धारा के मुताबिक़ भत्ते की दर और शर्तें राज्य सरकार तय करेगी, पर दर साल के पहले 30 दिन मज़दूरी के एक-चौथाई से, और उसके बाद आधी मज़दूरी से कम नहीं हो सकती। यूपी की ₹300 की मज़दूरी पर यह कम से कम ₹75 और ₹150 रोज़ बनता है; यह हमारा हिसाब है। यूपी का भत्ते की दर वाला नोटिफ़िकेशन हमें नहीं मिला।

मज़दूरी कितनी है, कब आती है और कैसे जाँचें?

1 जुलाई 2026 से यूपी में मज़दूरी की दर ₹300 रोज़ है, केंद्र सरकार के 30 जून 2026 के नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़। मनरेगा में 2025-26 की दर ₹252 रोज़ थी (27 मार्च 2025 का नोटिफ़िकेशन), यानी 2025-26 की दर से अब रोज़ ₹48 या क़रीब 19% ज़्यादा; यह हमारा हिसाब है। PIB के मुताबिक़ यूपी उन राज्यों में है, जहाँ मज़दूरी 15% से 25% बढ़ी। अप्रैल से जून 2026 में यूपी में कौन-सी दर थी, यह हमें साफ़ नहीं मिला, क्योंकि मनरेगा की वेबसाइट की सर्कुलर लिस्ट में 2026-27 की मज़दूरी का कोई नोटिफ़िकेशन नहीं मिला।

क़ानून की धारा 5 के मुताबिक़ मज़दूरी हफ़्ते-हफ़्ते, या काम के दिन से 15 दिन के अंदर मिलनी चाहिए। मंत्रालय के FAQ और PIB के मुताबिक़ ये 15 दिन मस्टर रोल (काम की जगह की हाज़िरी की लिस्ट) बंद होने से गिने जाते हैं। क़ानून की अनुसूची II के मुताबिक़ मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन में मज़दूरी न आए, तो 16वें दिन के बाद हर दिन बकाया मज़दूरी का 0.05% देरी का मुआवज़ा (विलंब क्षतिपूर्ति) बनता है। उसी अनुसूची के मुताबिक़ यह मुआवज़ा राज्य सरकार पहले देगी और देर करने वालों से वसूलेगी।

1 जुलाई 2026 के पेमेंट के नियमों के मुताबिक़ मज़दूरी सीधे बैंक या डाकघर खाते में DBT से आती है, नक़द नहीं। उन्हीं नियमों के मुताबिक़ पेमेंट आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम से, या किसी और आधार-आधारित या दूसरे तरीक़े से जाता है। UIDAI के मुताबिक़ खाते की आधार सीडिंग का स्टेटस myAadhaar पर दिखता है। कार्ड के पेज पर ‘Payment Due’ में बाक़ी रकम दिखती है, और कोई पेमेंट लौटा हो, तो वह ‘Rejected Transaction Pending for Regeneration’ में। ऐसे में ग्राम पंचायत या कार्यक्रम अधिकारी से बात करें।

फ़र्ज़ी लिंक और ठगी से कैसे बचें?

14 अक्टूबर 2026 को जॉब कार्ड लिस्ट देखने के लिए हमें किसी लॉग-इन, फ़ीस या OTP की ज़रूरत नहीं पड़ी, और हाज़िरी वाली रिपोर्ट का पेज भी बिना लॉग-इन खुला। मंत्रालय की जिन वेबसाइटों पर जॉब कार्ड और हाज़िरी की रिपोर्ट हैं, उनके पते के आख़िर में gov.in या nic.in है। कोई लिंक, ऐप या कॉल ‘नई जॉब कार्ड लिस्ट’ के नाम पर OTP, आधार, बैंक की जानकारी या पैसा माँगे, तो न दें।

नए क़ानून में कार्ड की किसी फ़ीस का ज़िक्र नहीं है। मनरेगा की 2013 की गाइडलाइन के मुताबिक़ जॉब कार्ड मुफ़्त मिलना था; किसी को इसके पैसे नहीं देने थे। PIB के 1 सितंबर 2023 के बयान के मुताबिक़ मंत्रालय ने rojgarsevak.org पर ग्राम रोज़गार सेवक जैसे पदों की भर्तियों को फ़र्ज़ी बताया था।

14 अक्टूबर 2026 को मनरेगा और वीबी-जी राम जी की वेबसाइटों के होम पेज और कॉन्टैक्ट पेज पर कोई राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर नहीं था, इसलिए मैसेज में घूमते नंबरों पर भरोसा न करें। शिकायत ग्राम पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी या ज़िले के लोकपाल से करें, या केंद्र के CPGRAMS पोर्टल पर, जिसके मुताबिक़ इसकी कोई सरकारी फ़ीस नहीं है। ठगी हो जाए, तो 1930 पर फ़ोन करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। स्कीम समाचार आपसे कोई जानकारी या पैसा नहीं माँगता।

ख़ुद कहाँ जाँचें?

इन सरकारी पेजों पर:

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