PM-KISAN · किस्त की जानकारी
PM Kisan Rs. 2000 Payment Status Check @pmkisan.gov.in, कहाँ अटकी किस्त और अब क्या करें
Status में जो लिखा है, उसका मतलब जानें। फिर सही जगह मदद माँगें।

आपके status में क्या लिखा है?
पैसा कहाँ रुक सकता है?
अपनी दिक्कत चुनें। वजह, अगला काम और मदद की जगह देखें।
यहाँ आपका payment status नहीं खुलता।
eKYC → जमीन का record → bank mapping → account में entry
अपनी दिक्कत चुनें या नीचे उसका मतलब और मदद की जगह पढ़ें।
यहाँ eKYC, जमीन या बैंक के record में बदलाव नहीं होता।
यहाँ चार अलग बातें समझाई गई हैं; सरकारी काम इसी क्रम में हों, यह जरूरी नहीं। अपना असली status pmkisan.gov.in पर देखें। यहाँ Aadhaar, OTP या खाते की जानकारी न दें।
पहला काम
किस्त नहीं आई? सबसे पहले यह देखें
₹2,000 की किस्त नहीं आई है तो पहले PM-Kisan की सरकारी website पर अपना status देखें। eKYC के आगे क्या लिखा है? जमीन की जानकारी जुड़ी है या नहीं? Payment भेजा गया है, रुका है या failed हुआ है? इन्हीं बातों से अगला काम तय होगा। पड़ोसी के पैसे आ जाने से आपके खाते की दिक्कत पता नहीं चलती। हर किसान का record अलग होता है।
PM-Kisan में योजना की शर्तें पूरी करने वाले किसान परिवार को साल में ₹6,000 मिलते हैं। पैसे ₹2,000 की तीन किस्तों में आते हैं, हर महीने नहीं। जमीन होने के साथ योजना की बाकी शर्तें भी पूरी होनी चाहिए। कुछ परिवार इन नियमों के कारण लाभ नहीं ले सकते। इसलिए किसी और को किस्त मिलने का मतलब यह नहीं कि आपके record की जाँच भी पूरी हो चुकी है। [1]
Status देखने के लिए Know Your Status खोलें। अपना registration number तैयार रखें और सरकारी पेज पर बताए तरीके से आगे बढ़ें। Number याद नहीं है तो “Know Your Registration No.” का option देखें। Phone चलाने में मुश्किल हो तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति या जन सेवा केंद्र की मदद लें। अपना Aadhaar number या OTP इस पेज पर, comment में या अनजान WhatsApp number पर न भेजें।
अब उसी किस्त की जानकारी देखें जिसके पैसे नहीं मिले हैं। पुरानी किस्त की तारीख देखकर नई किस्त का अंदाजा न लगाएँ। जहाँ bank का नाम, payment की तारीख या UTR दिया हो, उसे लिख लें। Status का screenshot रख सकते हैं; साथ में आज की तारीख भी लिखें। बाद में बैंक या office में बात करते समय इससे समझाना आसान होगा कि आपको क्या दिख रहा था। [2]
Registration number और UTR एक जैसे नहीं हैं। Registration number से आपका PM-Kisan record मिलता है। UTR पैसे भेजे जाने का reference होता है, जिससे बैंक उस transaction को ढूँढ सकता है। अगर UTR नहीं दिख रहा, तो उसकी जगह registration number न लिखें। जितनी जानकारी मिली है, वही रखें। बैंक में साफ बता दें कि portal पर बाकी जानकारी नहीं दिख रही है।
eKYC और जमीन
eKYC हो गई, फिर भी पैसा नहीं आया?
eKYC में “Yes” लिखा है तो पहचान की जाँच पूरी दिख रही है। लेकिन जमीन और बैंक की जानकारी अलग देखनी होगी। PM-Kisan के लिए eKYC, जमीन का record और Aadhaar से जुड़े बैंक खाते की शर्तें हैं। इसलिए eKYC दोबारा कराने से पहले बाकी status पढ़ लें। कहीं जमीन की जानकारी अधूरी हो तो उसी काम की मदद माँगें; बैंक की दिक्कत हो तो branch में पूछें। [3]
OTP नहीं आता तो क्या करें?
OTP से eKYC करने के लिए Aadhaar से जुड़ा चालू mobile number चाहिए। वह number आपके पास नहीं है तो दूसरा तरीका पूछें। सरकारी निर्देशों में CSC या State Seva Kendra पर उँगली के निशान से eKYC और PM-Kisan app में चेहरे से पहचान का तरीका भी है। App की जानकारी सरकारी PM-Kisan website से लें। अनजान व्यक्ति के भेजे link से app डालने की जरूरत नहीं है। [4]
बार-बार OTP नहीं आ रहा या screen पर error आ रहा है तो उस message को लिख लें। जन सेवा केंद्र पर बताएँ कि आपने क्या कोशिश की थी और कहाँ रुक गए। “eKYC नहीं हो रही” कहने के साथ error दिखाने से बात साफ होगी। पूछें कि आपके लिए उँगली के निशान या चेहरे वाला तरीका चल सकता है या नहीं। Phone पर किसी अनजान व्यक्ति को अपना OTP न बताएँ।
eKYC होने पर जो message या रसीद मिले, उसे संभाल लें। बाद में सरकारी website पर दोबारा देखें कि eKYC का status बदला या नहीं। अगर अभी भी “No” दिख रहा है, तो काम कराने की तारीख और रसीद लेकर पूछें। eKYC पूरी होना पैसे खाते में आ जाने का सबूत नहीं है। किस्त की जानकारी अलग देखें। पैसे आने की कोई तारीख बताई जाए तो उसका आधार भी पूछ लें।
जमीन के आगे “No” या “Pending” क्यों है?
Land seeding में “No” या “Pending” दिखे तो कृषि विभाग के office या अपने इलाके के PM-Kisan अधिकारी से बात करें। जमीन के कागज आपके पास होने और PM-Kisan में उसकी जानकारी जुड़ने में फर्क है। पूछें कि नाम, जमीन की entry या जाँच में से क्या बाकी है। सरकार ने गाँव के nodal officers को किसानों की मदद और जमीन की जानकारी जाँचने की जिम्मेदारी दी है। [3]
जाने से पहले registration number, status की copy और जमीन के कागज एक जगह रख लें। Office से पूछ लें कि आपके मामले में कौन-से कागज चाहिए, क्योंकि हर राज्य में तरीका एक जैसा नहीं होता। नाम या जमीन की किसी entry में फर्क है तो दोनों कागज साथ दिखाएँ। नया आवेदन भरने से पहले पुराने record में सुधार का तरीका पूछें। जो कागज जमा करें, उनकी रसीद अपने पास रखें।
“मेरी किस्त नहीं आई” के साथ यह भी पूछें:
“मेरे record में कौन-सा काम बाकी है?”
बैंक में क्या पूछें
Aadhaar तो जुड़ा है। फिर बैंक में क्या बाकी है?
बैंक में Aadhaar दे दिया, फिर भी seeding की दिक्कत दिख रही है? बैंक से दो बातें अलग पूछनी हैं। पहली, उसके अपने record में Aadhaar जुड़ा है या नहीं। इस record को CBS कहते हैं। दूसरी, NPCI mapping हुई है या नहीं, जिससे Aadhaar के जरिए आने वाला पैसा सही बैंक तक पहुँचता है। NPCI के निर्देश साफ कहते हैं कि सिर्फ CBS में Aadhaar दिखना mapping पूरी होने का सबूत नहीं है। [5]
दोनों में क्या फर्क है?
Aadhaar link और NPCI mapping
CBS बैंक का अपना record है। इसमें Aadhaar जुड़ा दिखे, तब भी NPCI mapping अलग पूछें।
Mapping का काम आपकी बैंक branch करती है।
Branch में यह सवाल पूछें: “मेरे खाते में Aadhaar जुड़ा है। क्या NPCI mapping भी पूरी है?” जवाब सिर्फ “हाँ, Aadhaar लगा है” मिले तो mapping की बात दोबारा साफ कर दें। उसकी जाँच बैंक को ही करनी है। Request रुकी हो तो branch से कहें कि अपनी संबंधित team से वजह पता करे। आपको यह जानना है कि अभी काम बाकी है या किसी जानकारी में सुधार चाहिए। [5]
Form दिया था तो उसकी रसीद साथ ले जाएँ। नया form माँगा जाए तो पूछें कि पुराने वाले का क्या हुआ। तारीख और request number लिखे हों तो अगली बार उसी बात से शुरू कर सकते हैं। अपनी तरफ से एक छोटी पर्ची भी रखें: कब गए थे, क्या जमा किया और क्या जवाब मिला। इससे अलग कर्मचारी मिलने पर भी पूरी बात फिर याद करके बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एक से ज्यादा बैंक खाते हैं तो पहले पता करें कि DBT के लिए कौन-सा खाता जुड़ा है। DBT यानी सरकारी मदद का पैसा सीधे खाते में आना। UIDAI के मुताबिक इसके लिए आपके consent के आधार पर बैंक NPCI mapping करता है। myAadhaar पर bank seeding की जानकारी देखी जा सकती है; यह जानकारी NPCI से आती है। जिस खाते को आप रोज चलाते हैं, जरूरी नहीं कि DBT के लिए भी वही जुड़ा हो। [6]
“Payment failed” दिख रहा है?
Payment के आगे “Failed” लिखा है तो उसके साथ दिया कारण भी देखें। खाता बंद होना या Aadhaar mapping की दिक्कत इसकी वजह हो सकती है। बैंक में वही message दिखाएँ और पूछें कि क्या ठीक कराना है। सुधार होने की रसीद रखें। मंत्रालय के अनुसार failed payments को समय-समय पर दोबारा process किया जाता है। फिर भी आपके खाते में पैसा किस दिन आएगा, यह सिर्फ सुधार की रसीद से तय नहीं होता। [7]
जमा दिख रहा है, खाते में नहीं मिला?
सरकारी website पर पैसा जमा दिख रहा है, मगर खाते में नहीं मिला? पहले बैंक का नाम और किस्त की तारीख मिलाएँ। फिर उस खाते का statement लें या पासबुक में entry कराएँ। केवल SMS न आने से यह तय नहीं होता कि पैसा नहीं आया। UTR मिला है तो बैंक को देकर transaction ढूँढने के लिए कहें। बात न सुलझे तो बैंक का जवाब लिखकर रखें; शिकायत में यही जानकारी काम आएगी। [2]
लोगों के सवाल
बैंक कहता है काम हो गया, लेकिन online कुछ और दिखता है

Online सवालों में लोग अलग-अलग जगह अटके दिखते हैं। एक निजी PM-Kisan forum पर किसी ने किस्त न मिलने की बात लिखी है, किसी ने नए आवेदन की approval न होने की और किसी ने temporary hold की। इन सवालों से यह समझ आता है कि शिकायत करते समय केवल “पैसा नहीं आया” लिखना कम पड़ सकता है। अपने status में जो लिखा है, उसे भी साथ बताना बेहतर है। [F1]
Reddit पर scholarship के लिए Aadhaar seeding करा रहे एक व्यक्ति ने लिखा कि बैंक ने काम पूरा बताया, लेकिन phone पर status अधूरा दिख रहा था। यह PM-Kisan का मामला नहीं था, फिर भी सवाल जाना-पहचाना है: बैंक की बात और online जानकारी अलग हों तो किससे पूछें? ऐसी स्थिति में दोनों बातें लेकर branch जाएँ और यह साफ कराएँ कि Aadhaar link हुआ है या NPCI mapping भी पूरी हुई है। [F2]
अगर आपके साथ भी ऐसा है तो बातचीत को एक सवाल पर रखें: “यहाँ पूरा बताया गया है, लेकिन इस तारीख को online ऐसा दिख रहा था। कृपया बताइए, कौन-सा काम बाकी है?” Screenshot और पुरानी रसीद साथ रखें। इससे कर्मचारी को वह फर्क दिखा पाएँगे जिसकी बात कर रहे हैं। सिर्फ “पिछली बार हो गया कहा था” कहने पर जरूरी जानकारी छूट सकती है।
किसी और की post पढ़कर वही form भरने या अपना बैंक बदलने की जल्दी न करें। दूसरे व्यक्ति का खाता, आवेदन और payment की वजह आपके मामले से अलग हो सकती है। उसकी बात से अपना सवाल तैयार कर सकते हैं, पर अपने record का जवाब संबंधित office या बैंक से ही लें। Online मदद माँगें तो नाम, पूरा Aadhaar number और खाते की जानकारी ढककर ही screenshot साझा करें।
मदद कहाँ मिलेगी?
हर दिक्कत के लिए किससे मिलना है?
कौन-सा status दिख रहा है?
1eKYC बाकी हैपहचान की जाँच+
PM-Kisan website, app या जन सेवा केंद्र से मदद लें। पूछें: “मेरी eKYC कैसे होगी? पूरी हुई या नहीं, यह कहाँ देखूँ?”
2जमीन / approval / holdPM-Kisan का record+
कृषि विभाग के office या PM-Kisan अधिकारी से पूछें: “मेरे record में क्या बाकी है? कौन-सा कागज या सुधार चाहिए?”
3Bank seeding / failedAccount और mapping+
बैंक branch में Aadhaar link, NPCI mapping और खाते की जानकारी पूछें। Form दें तो रसीद लें।
4जमा दिखता है, मिला नहींTransaction का पता+
बैंक का नाम, तारीख और statement मिलाएँ। UTR मिला है तो उससे payment ढूँढने को कहें। जरूरत पड़े तो बैंक का जवाब शिकायत में जोड़ें।
“Temporary hold” दिखे तो किससे पूछें?
“Temporary hold” दिखने का मतलब है कि फिलहाल लाभ रोका गया है; इसकी वजह अपने record के लिए पूछनी होगी। PM-Kisan website पर कुछ मामलों में मौके पर जाँच पूरी होने तक लाभ रोकने की सूचना है, जैसे एक परिवार के एक से ज्यादा सदस्यों को लाभ मिलना। इससे अपने बारे में कोई नतीजा न निकालें। अधिकारी से पूछें कि आपके मामले में किस बात की जाँच है और कौन उसे पूरा करेगा। [1]
सब सही है, फिर भी पैसा नहीं आया?
eKYC, जमीन और बैंक की जानकारी सही दिखती है, फिर भी किस्त नहीं आई? अब अपनी बात लिखकर मदद लें। लिखें कि कौन-सी किस्त बाकी है, status कब देखा और पहले कोई सुधार कराया था तो कब। उसके साथ रसीद या पुराना request number रखें। कारण पता नहीं है तो वही लिखें। अंदाजे से “बैंक की गलती” या “सरकार ने नाम हटा दिया” लिखने की जरूरत नहीं है।
PM-Kisan portal और CPGRAMS पर शिकायत के रास्ते उपलब्ध हैं। शिकायत में बाकी किस्त, दिख रहा status और पहले मिले जवाब की जानकारी दें। पहले से शिकायत की है तो उसका number भी लिखें। नया reference मिले तो उसे संभालकर रखें और उसी से जवाब देखें। नीचे दिया नोट अपनी बात तैयार करने के लिए है। उसे copy या download करने से किसी office को शिकायत नहीं भेजी जाती। [7]
बैंक या office जाने से पहले
अपना छोटा-सा नोट बना लें
बैंक या office जाने से पहले जरूरी चीजें एक फाइल में रख लें। Phone में screenshot है तो देख लें कि वह खुल रहा है और जरूरी बातें पढ़ी जा सकती हैं। Registration number, पुरानी रसीद और दिक्कत से जुड़े कागज साथ रखें। नीचे की list याद रखने में मदद करेगी। आपके मामले में कौन-से original कागज चाहिए, यह संबंधित office से पूछ लें; यह सब जगह लागू होने वाली document list नहीं है।
घर में कोई साथ जा रहा है तो उसे पूरी बात पहले बता दें। किस्त कब से नहीं मिली, status में क्या लिखा है और पिछली बार क्या जवाब मिला था—इन तीन बातों से शुरुआत करें। जरूरी शब्द समझ न आएँ तो कागज पर वही शब्द लिखकर ले जाएँ। कर्मचारी से उसका मतलब पूछ सकते हैं। अपना काम समझने के लिए आपको बैंक की सारी तकनीकी बातें जानना जरूरी नहीं है।
मेरे पास क्या तैयार है?
0 / 5 चीजें तैयार
मेरा अगला काम
पहले अपना status देखें
कहाँ: PM-Kisan की सरकारी website
सवाल: मेरी किस्त के आगे क्या लिखा है और उसका मतलब क्या है?
साथ: Registration number और दिख रहे status की copy।
यह साथ ले जाने का नोट है। इससे शिकायत नहीं भेजी जाती।
अगले दिन भी वही status हो तो?
अगले दिन भी वही status दिखे तो पहले की request का जवाब पूछें। उसी रसीद या number का reference देकर कहें: “इस पर अभी क्या काम बाकी है?” अगर फिर आने को कहा जाए तो तारीख और साथ लाने वाले कागज पूछ लें। बिना वजह नया form भरने से पहले समझें कि पुराने आवेदन का क्या हुआ। उसका जवाब मिल जाने पर ही अगला कदम साफ होगा।
बार-बार office जाना मुश्किल हो तो अगली बार किसी भरोसेमंद व्यक्ति को अपनी मदद के लिए साथ ले जा सकते हैं। पुरानी रसीदें और मिले हुए जवाब साथ रखें। कर्मचारी से अगला काम लिख देने को कहें, खासकर जब किसी दूसरे office में भेजा जा रहा हो। निकलने से पहले इतना साफ कर लें कि अब किससे मिलना है, क्या दिखाना है और पिछली request का जवाब कहाँ मिलेगा।
जानकारी कहाँ से ली
जानकारी और नियम यहाँ देखें
यह जानकारी PM-Kisan, कृषि मंत्रालय, NPCI और UIDAI के नीचे दिए नियमों पर आधारित है। Online सवाल लोगों के अपने अनुभव हैं; उनके निजी records की जाँच नहीं की गई है।
- PM-Kisan: योजना और उसकी शर्तेंसाल की रकम, परिवार के नियम और जाँच की जानकारी।
- Know Your StatusRegistration, payment, bank, UTR और तारीख।
- राज्य सभा का जवाब, 13 फरवरी 2026eKYC, land seeding और nodal officers की मदद।
- eKYC के official तरीकेOTP, biometric और face authentication।
- NPCI: Aadhaar seeding processAadhaar link और mapping में फर्क; बैंक की जिम्मेदारी।
- UIDAI: DBT के सवाल-जवाबचुना हुआ account और bank seeding की जानकारी।
- कृषि मंत्रालय / PIB, 5 अगस्त 2025Failed payments के कारण और शिकायत के रास्ते।
Scheme Samachar सरकारी website नहीं है। यहाँ दी जानकारी से किसी का payment status नहीं खुलता और कोई सरकारी record नहीं बदलता। ऊपर के नोट और चुने हुए विकल्प इसी पेज पर रहते हैं; पेज दोबारा खोलने पर मिट जाते हैं।