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Diwali Bonus 2026: रेलवे में 78 दिन का बोनस मंज़ूर, ₹17,951 तक; केंद्र के एड-हॉक बोनस का आदेश अभी नहीं मिला

केंद्रीय कैबिनेट ने 14 अक्टूबर 2026 को 11,40,770 रेल कर्मचारियों का बोनस मंज़ूर किया। ग्रुप C और नॉन-गज़ेटेड ग्रुप B के एड-हॉक बोनस का 2025-26 का आदेश उस रात तक व्यय विभाग की वेबसाइट पर नहीं मिला।

रेल की पटरी के किनारे हाथ में हथौड़ा लिए चलता नारंगी कमीज़ पहने एक रेल कर्मचारी, पीछे हरी झाड़ियाँ
प्रतीकात्मक तस्वीर: हथौड़ा लिए पटरी के किनारे चलता एक रेल कर्मचारी · फ़ोटो: Adityamadhav83 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

रेलवे के हक़दार (पात्र) नॉन-गज़ेटेड कर्मचारियों को (RPF और RPSF को छोड़कर) 2025-26 के लिए 78 दिन की तनख़्वाह के बराबर बोनस मिलेगा, और एक कर्मचारी को ज़्यादा से ज़्यादा ₹17,951। PIB की 14 अक्टूबर 2026 की रिलीज़ के मुताबिक़ केंद्रीय कैबिनेट ने 11,40,770 रेल कर्मचारियों के लिए ₹2,009.61 करोड़ का यह बोनस मंज़ूर किया है। इसका नाम प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) है; रेलवे बोर्ड के हिंदी आदेश में इसे ‘उत्पादकता संबद्ध बोनस’ लिखा है। उसी दिन रेलवे बोर्ड ने इसका आदेश जारी कर दिया। आदेश के मुताबिक़ पैसा तनख़्वाह की तरह, प्राथमिकता से दिया जाना है।

केंद्र सरकार के जिन ग्रुप C और नॉन-गज़ेटेड ग्रुप B कर्मचारियों पर कोई PLB योजना लागू नहीं, उनका बोनस अलग आदेश से आता है। इसे एड-हॉक (तदर्थ) बोनस कहते हैं। इसका 2025-26 का आदेश हमें 14 अक्टूबर 2026 की रात क़रीब 11:30 बजे तक वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की वेबसाइट पर नहीं मिला, और PIB पर भी नहीं। पिछले साल के आदेश (29 सितंबर 2025) में यह बोनस 30 दिन का था, और ज़्यादा से ज़्यादा ₹6,908। डाक विभाग जैसे जिन विभागों की अपनी PLB योजना है, उनका बोनस उनके अपने आदेश से आता है; डाक विभाग का 2025-26 का आदेश भी हमें नहीं मिला। सोशल मीडिया पर फैलाई गई ₹41,149 वाली ‘रेलवे बोर्ड की चिट्ठी’ नक़ली है। यह बात रेलवे बोर्ड ख़ुद 7 अक्टूबर 2026 को लिख चुका है।

ज़रूरी फ़ैक्ट्स

सभी आंकड़े जाँचे गए:

रेलवे बोनस मंज़ूर (कैबिनेट, 14 अक्टूबर 2026)
2025-26 के लिए 78 दिन की तनख़्वाह के बराबर PLB; 11,40,770 रेल कर्मचारी; कुल ₹2,009.61 करोड़
सोर्स: pib.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
रेलवे बोनस की रकम (रेलवे बोर्ड, RBE No. 84/2026)
ज़्यादा से ज़्यादा ₹17,951; गिनती में तनख़्वाह (आदेश में ‘मजूरी’) ₹7,000 महीने से ज़्यादा हो तो ₹7,000 ही मानी जाती है
सोर्स: indianrailways.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
पूरे ₹17,951 किसे (रेलवे बोर्ड का आदेश)
जो 2025-26 में सस्पेंड नहीं हुए, नौकरी नहीं छोड़ी, रिटायर नहीं हुए और जिनकी मौत नहीं हुई; ऐसी छुट्टी वाले भी, जिसका वेतन ‘औसत वेतन वाली छुट्टी’ के वेतन से कम न हो; बाक़ी का हिसाब पहले के निर्देशों से
सोर्स: indianrailways.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
रेलवे बोनस किसके लिए
सभी हक़दार नॉन-गज़ेटेड रेल कर्मचारी; RPF और RPSF के सभी कर्मचारी इस आदेश से बाहर; हक़ के लिए तनख़्वाह की कोई सीमा नहीं
सोर्स: indianrailways.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
रेलवे बोनस कब और कैसे
तनख़्वाह की तरह, प्राथमिकता से (रेलवे बोर्ड); PIB के मुताबिक़ हर साल दुर्गा पूजा/दशहरा की छुट्टियों से पहले; किसी तारीख़ का ज़िक्र नहीं
सोर्स: indianrailways.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
दशहरा और दिवाली 2026
दशहरा 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार), दिवाली 8 नवंबर 2026 (रविवार); केंद्र सरकार के एक दफ़्तर (ITAT हैदराबाद बेंच) की छुट्टियों की लिस्ट
सोर्स: itat.gov.in
बाक़ी 15 फ़ैक्ट्स, सोर्स के साथ
₹7,000 की सीमा कब से (रेलवे बोर्ड, 15 सितंबर 2016)
1 अप्रैल 2014 से, यानी 2014-15 के बोनस से; उससे पहले ₹3,500; तब पूरे साल का बोनस ₹8,975 से बढ़कर ₹17,951 हुआ
सोर्स: indianrailways.gov.in
पिछला साल, 2024-25 (PIB, 24 सितंबर 2025)
78 दिन, ज़्यादा से ज़्यादा ₹17,951; 10,91,146 कर्मचारी, ₹1,865.68 करोड़
सोर्स: pib.gov.in
2025-26 में रेलवे का काम (PIB)
रिकॉर्ड 1670 मिलियन टन माल लादा, लगभग 7.41 बिलियन यात्री
सोर्स: pib.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
नक़ली चिट्ठी (रेलवे बोर्ड का खंडन, 7 अक्टूबर 2026)
‘RBE No. 101/2026, 6 अक्टूबर 2026’ वाली चिट्ठी नक़ली; उसमें 78 दिन और ₹41,149 लिखे थे; उस पर न कार्रवाई होगी, न पेमेंट; PLB की हर चिट्ठी indianrailways.gov.in/railwayboard या indianrailways.gov.in पर जाँचें
सोर्स: indianrailways.gov.in · 7 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
एड-हॉक बोनस: 2025-26 का आदेश
14 अक्टूबर 2026 की रात क़रीब 11:30 बजे तक व्यय विभाग (doe.gov.in) की What's New और सर्कुलर लिस्ट, बोनस वाले पेज और वेबसाइट की सर्च में, और PIB पर नहीं मिला; वेबसाइट पर सबसे नया एड-हॉक बोनस आदेश 29 सितंबर 2025 का (2024-25 के लिए)
सोर्स: doe.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
एड-हॉक बोनस: पिछले साल का आदेश (व्यय विभाग, 29 सितंबर 2025)
2024-25 के लिए 30 दिन की तनख़्वाह (परिलब्धियाँ) के बराबर; ग्रुप C और नॉन-गज़ेटेड ग्रुप B के उन कर्मचारियों को जो किसी PLB योजना में नहीं; केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के हक़दार कर्मचारियों को भी
सोर्स: doe.gov.in
एड-हॉक बोनस: पूरे साल की रकम (पिछला साल)
गिनती की सीमा ₹7,000 महीना; ₹7,000 × 30 ÷ 30.4 = ₹6,907.89, यानी ₹6,908
सोर्स: doe.gov.in
एड-हॉक बोनस: कौन हक़दार (पिछला साल)
31 मार्च 2025 (उस साल का आख़िरी दिन) को नौकरी में, और 2024-25 में कम से कम 6 महीने लगातार नौकरी; 6 से 12 महीने वालों को महीनों के हिसाब से, नज़दीकी पूरे महीने तक
सोर्स: doe.gov.in
रिटायर या मौत (पिछला साल)
31 मार्च 2025 से पहले उम्र पूरी होने पर या मेडिकल कारण से रिटायर, या मौत, पर साल में कम से कम 6 महीने नियमित नौकरी के बाद: महीनों के हिसाब से; इस्तीफ़ा इस छूट में नहीं
सोर्स: doe.gov.in
दिहाड़ी (कैज़ुअल) मज़दूर (पिछला साल)
3 साल या ज़्यादा से हर साल कम से कम 240 दिन काम (5 दिन के हफ़्ते वाले दफ़्तर में 206 दिन); ₹1,200 × 30 ÷ 30.4 = ₹1,184.21, यानी ₹1,184
सोर्स: doe.gov.in
महीनों के हिसाब से एड-हॉक बोनस (हमारा हिसाब)
पिछले साल के आदेश पर हमारा हिसाब: 6 महीने ₹3,454; 7 महीने ₹4,030; 8 महीने ₹4,605; 9 महीने ₹5,181; 10 महीने ₹5,757; 11 महीने ₹6,332; 12 महीने ₹6,908
सोर्स: doe.gov.inअनुमान — अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
RPF/RPSF ग्रुप C (रेलवे बोर्ड, 10 अक्टूबर 2025)
2024-25 के लिए 30 दिन का एड-हॉक बोनस, ₹7,000 की सीमा, ज़्यादा से ज़्यादा ₹6,908; 2025-26 का ऐसा आदेश 14 अक्टूबर 2026 की रात क़रीब 11:30 बजे तक बोर्ड की सर्कुलर लिस्ट में नहीं
सोर्स: indianrailways.gov.in
डाक विभाग का बोनस: 2025-26 का आदेश
14 अक्टूबर 2026 की रात क़रीब 11:30 बजे तक डाक विभाग की ‘Circulars, Rules and Latest Orders’ लिस्ट में, उस पर सितंबर के आख़िर से 14 अक्टूबर 2026 तक डाले गए डॉक्यूमेंट में और indiapost.gov.in के ‘Orders and Notices’ पेज पर नहीं मिला
सोर्स: utilities.cept.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
डाक विभाग का बोनस: पिछले साल का आदेश (15 अक्टूबर 2025)
2024-25 के लिए 60 दिन की तनख़्वाह (परिलब्धियाँ) के बराबर PLB: MTS, ग्रुप C और नॉन-गज़ेटेड ग्रुप B; नियमित तौर पर लगे GDS को एक्स-ग्रेशिया बोनस, फ़ुल-टाइम कैज़ुअल मज़दूरों को एड-हॉक बोनस; गिनती में तनख़्वाह ज़्यादा से ज़्यादा ₹7,000 महीना
सोर्स: utilities.cept.gov.in
साइबर ठगी की शिकायत
1930 या cybercrime.gov.in
सोर्स: cybercrime.gov.in

आप पर इनमें से कौन-सा बोनस लागू होता है, और उसका इस साल का आदेश आया या नहीं, यह नीचे के चार्ट में अपनी लाइन ढूँढकर देखिए।

आपका बोनस कौन-सा है, और उसका इस साल का आदेश आया या नहीं?

टूल की जानकारी पढ़ें

यह चार्ट बताता है कि केंद्र सरकार के किस कर्मचारी पर कौन-सा बोनस लागू होता है, और उसका 2025-26 का आदेश 14 अक्टूबर 2026 की रात तक आया था या नहीं। रेलवे के नॉन-गज़ेटेड कर्मचारी (RPF/RPSF को छोड़कर): 78 दिन का बोनस (PLB), ज़्यादा से ज़्यादा ₹17,951; रेलवे बोर्ड का आदेश 14 अक्टूबर 2026 को आया। RPF/RPSF के ग्रुप C कर्मचारी, और केंद्र सरकार के वे ग्रुप C और नॉन-गज़ेटेड ग्रुप B कर्मचारी जिन पर कोई PLB योजना लागू नहीं: 30 दिन का एड-हॉक बोनस, पिछले साल ज़्यादा से ज़्यादा ₹6,908; इस साल का आदेश उस रात तक नहीं मिला। केंद्र के दफ़्तरों के दिहाड़ी (कैज़ुअल) मज़दूर: पिछले साल ₹1,184। गज़ेटेड अफ़सर, ग्रुप A और पेंशन पाने वाले इन दोनों आदेशों में नहीं आते। डाक विभाग जैसे जिन विभागों की अपनी PLB योजना है, उनका बोनस उनके अपने आदेश से आता है; डाक विभाग का पिछले साल का आदेश 15 अक्टूबर 2025 का था (60 दिन), और 2025-26 का आदेश उस रात तक नहीं मिला। साल में रिटायर हुए, जिनकी मौत हुई, जिन्होंने इस्तीफ़ा दिया या जो सस्पेंड रहे, उनके लिए आदेशों की शर्तें अलग हैं। चार्ट हमारी ड्राइंग है; आप जो टैप करते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।

Sources जाँचे गए: 14 अक्टूबर 2026

रेलवे का बोनस किसे मिलेगा?

रेलवे के सभी हक़दार नॉन-गज़ेटेड कर्मचारियों को, पर RPF और RPSF के कर्मचारियों को नहीं। रेलवे बोर्ड के 14 अक्टूबर 2026 के आदेश (RBE No. 84/2026) में लिखा है कि यह बोनस “सभी पात्र अराजपत्रित रेल कर्मचारियों (रेल सुरक्षा बल/रेलवे सुरक्षा विशेष बल के सभी कार्मिकों को छोड़कर)” के लिए है। अराजपत्रित का मतलब नॉन-गज़ेटेड है।

PIB की रिलीज़ में ऐसे कर्मचारियों के नाम गिनाए गए हैं: ट्रैक मेंटेनेंस कर्मी, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइज़र, तकनीशियन, तकनीशियन सहायक, पॉइंट्समैन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ़ और दूसरे ग्रुप ‘सी’ कर्मचारी। आदेश के मुताबिक़ इस बोनस के हक़ के लिए तनख़्वाह की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। सीमा सिर्फ़ रकम की गिनती में है, जो आगे बताई गई है।

RPF और RPSF के ग्रुप C कर्मचारियों को पिछले साल रेलवे बोर्ड के एक अलग आदेश से एड-हॉक बोनस मंज़ूर हुआ था। 10 अक्टूबर 2025 के उस आदेश में 2024-25 के लिए 30 दिन का बोनस था, ज़्यादा से ज़्यादा ₹6,908। उसमें यह भी लिखा था कि सभी ग्रुप C कर्मचारी हक़दार हैं, चाहे वर्दी में हों या नहीं, और चाहे कहीं भी तैनात हों। 2025-26 का ऐसा आदेश 14 अक्टूबर 2026 की रात क़रीब 11:30 बजे तक रेलवे बोर्ड की सर्कुलर लिस्ट में नहीं था।

रेलवे बोनस में कितना पैसा मिलेगा?

ज़्यादा से ज़्यादा ₹17,951। रेलवे बोर्ड के आदेश के मुताबिक़ पूरे ₹17,951 उन हक़दार कर्मचारियों को दिए जाने हैं, जो 2025-26 में सस्पेंड नहीं हुए, जिन्होंने नौकरी नहीं छोड़ी, जो रिटायर नहीं हुए और जिनकी मौत नहीं हुई। छुट्टी पर रहे कर्मचारी भी इसमें हैं, अगर उस छुट्टी का वेतन ‘औसत वेतन वाली छुट्टी’ के वेतन से कम न हो।

बाक़ी कर्मचारियों का बोनस, जैसे साल में रिटायर हुए या सस्पेंड रहे लोगों का, आदेश के मुताबिक़ “इस विषय पर विद्यमान अनुदेशों” से गिना जाएगा, यानी पहले से चले आ रहे निर्देशों से। वे निर्देश इस आदेश में नहीं लिखे। साल के बीच नौकरी में आए लोगों का भी आदेश में अलग से ज़िक्र नहीं है। इसलिए इन सबकी रकम हम नहीं बता रहे; अपने दफ़्तर से पूछें।

गिनती में तनख़्वाह (आदेश का शब्द: मजूरी) ₹7,000 महीने से ज़्यादा हो, तो उसे ₹7,000 ही माना जाता है। ऊपर बताए कर्मचारियों के लिए आदेश में एक ही रकम लिखी है: ₹17,951। उसे गिनने का तरीक़ा आदेश में नहीं लिखा।

यह रकम नई नहीं है। रेलवे बोर्ड के 15 सितंबर 2016 के आदेश के मुताबिक़ ₹7,000 की सीमा 1 अप्रैल 2014 से, यानी 2014-15 के बोनस से लागू है। उससे पहले यह ₹3,500 थी, और उसी आदेश से 2014-15 का बोनस ₹8,975 से बढ़कर ₹17,951 हुआ था। PIB की 24 सितंबर 2025 की रिलीज़ के मुताबिक़ पिछले साल (2024-25) भी 78 दिन और ज़्यादा से ज़्यादा ₹17,951 था; तब 10,91,146 कर्मचारियों के लिए ₹1,865.68 करोड़ मंज़ूर हुए थे। 14 अक्टूबर 2026 के आदेश में भी सीमा ₹7,000 ही है।

PIB के मुताबिक़ यह बोनस रेल कर्मचारियों के “उत्कृष्ट प्रदर्शन” की तारीफ़ में है। रिलीज़ के मुताबिक़ 2025-26 में रेलवे ने रिकॉर्ड 1670 मिलियन टन माल लादा और लगभग 7.41 बिलियन यात्रियों को सफ़र कराया।

रेलवे बोनस कब और कैसे मिलेगा?

आदेश में कोई तारीख़ नहीं है; पैसा तनख़्वाह की तरह, प्राथमिकता से दिया जाना है। रेलवे बोर्ड के आदेश के मुताबिक़ बोनस का पेमेंट “प्राथमिकता के आधार पर उसी प्रकार किया जाए, जिस प्रकार वेतन का भुगतान किया जाता है”। आदेश में किसी फ़ॉर्म, अर्ज़ी या फ़ीस की बात नहीं है।

PIB की रिलीज़ में भी पैसा आने की कोई तारीख़ नहीं है। PIB के मुताबिक़ यह बोनस हर साल दुर्गा पूजा/दशहरा की छुट्टियों से पहले दिया जाता है, और इस साल भी दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के एक दफ़्तर, ITAT की हैदराबाद बेंच की 2026 की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक़ दशहरा 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को है और दिवाली 8 नवंबर 2026 (रविवार) को।

जो कर्मचारी राज्य रेल भविष्य निधि (SRPF) के सदस्य हैं, वे चाहें तो बोनस का पूरा या कुछ हिस्सा अपने SRPF खाते में जमा करा सकते हैं, आदेश के मुताबिक़।

केंद्र के एड-हॉक बोनस का क्या हुआ?

उसका इस साल का आदेश हमें अभी नहीं मिला। यह बोनस वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के आदेश (ऑफ़िस मेमोरेंडम) से मिलता है। 14 अक्टूबर 2026 की रात क़रीब 11:30 बजे तक विभाग की वेबसाइट (doe.gov.in) की ‘What's New’ लिस्ट और सर्कुलर लिस्ट में बोनस का कोई नया आदेश नहीं था। वेबसाइट की सर्च में ‘bonus’ और ‘तदर्थ बोनस’ खोजने पर भी सबसे नया आदेश 2024-25 का ही मिला। PIB पर वित्त मंत्रालय की सितंबर और अक्टूबर 2026 की रिलीज़ में भी बोनस की कोई रिलीज़ नहीं मिली।

पिछले साल (2024-25) का आदेश 29 सितंबर 2025 का है, और हिंदी में भी है। विभाग की वेबसाइट के बोनस वाले पेज पर यह आदेश नहीं दिखता; वहाँ सिर्फ़ 2023-24 का, 10 अक्टूबर 2024 का आदेश है। इसलिए नया आदेश देखना हो, तो सिर्फ़ उस पेज के भरोसे न रहें; ‘What's New’ लिस्ट और वेबसाइट की सर्च भी देखें। इस साल का आदेश किस दिन आएगा, इसकी कोई तारीख़ हमें व्यय विभाग की वेबसाइट या PIB पर नहीं मिली।

पिछले साल के आदेश के मुताबिक़ यह बोनस केंद्र सरकार के उन सभी ग्रुप ‘C’ और नॉन-गज़ेटेड ग्रुप ‘B’ कर्मचारियों के लिए था, जिन पर कोई PLB (प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस) योजना लागू नहीं है। उसी आदेश के मुताबिक़ यह केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के हक़दार कर्मचारियों को भी मिलना था। आदेश के मुताबिक़ यह केंद्र जैसा वेतन ढाँचा मानने वाले केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों पर भी लागू था, अगर उन पर कोई और बोनस या एक्स-ग्रेशिया योजना लागू न हो।

पिछले साल के नियम से एड-हॉक बोनस कितना बना था?

पूरे साल नौकरी करने वालों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा ₹6,908। आदेश में गिनने का तरीक़ा लिखा है। साल भर में महीने की औसत तनख़्वाह (आदेश का शब्द: परिलब्धियाँ) और ₹7,000 में से जो कम हो, उसे 30.4 से भाग दें। आदेश के मुताबिक़ 30.4 एक महीने में दिनों की औसत गिनती है। फिर उसे 30 दिन से गुणा करें। आदेश में ही लिखा है कि ₹7,000 पर यह ₹7,000 × 30 ÷ 30.4 = ₹6,907.89 बनता है, यानी ₹6,908।

आदेश के मुताबिक़ साल में 6 से 12 महीने लगातार नौकरी करने वालों को महीनों के हिसाब से (pro-rata) बोनस मिलना था। नौकरी के महीने नज़दीकी पूरे महीने तक गिने जाने थे, और हर रकम नज़दीकी रुपये तक पूरी की जानी थी। अपने महीने नीचे हाथ के पोरों पर गिनिए। रकम पिछले साल के आदेश पर हमारा हिसाब है।

पिछले साल के नियम से आपका एड-हॉक बोनस कितना बनता?

टूल की जानकारी पढ़ें

यह हिसाब पिछले साल (2024-25) के एड-हॉक बोनस के आदेश पर है, क्योंकि 2025-26 का आदेश 14 अक्टूबर 2026 की रात तक व्यय विभाग की वेबसाइट पर नहीं मिला। उस आदेश में पूरे साल का बोनस 30 दिन का था: ₹7,000 × 30 ÷ 30.4 = ₹6,907.89, यानी ₹6,908। शर्त थी कि 31 मार्च 2025 (उस साल का आख़िरी दिन) को नौकरी में हों और साल में कम से कम 6 महीने लगातार नौकरी की हो; 6 से 12 महीने वालों को महीनों के हिसाब से। उम्र पूरी होने पर या मेडिकल कारण से रिटायर हुए, या जिनकी मौत हुई, उन्हें भी 6 महीने की नियमित नौकरी के बाद महीनों के हिसाब से; इस्तीफ़ा देने वालों और अपनी मर्ज़ी से (VRS) रिटायर होने वालों का नाम इस छूट में नहीं था। हमारा हिसाब (₹6,907.89 × महीने ÷ 12, नज़दीकी रुपये तक): 6 महीने ₹3,454; 7 महीने ₹4,030; 8 महीने ₹4,605; 9 महीने ₹5,181; 10 महीने ₹5,757; 11 महीने ₹6,332; 12 महीने ₹6,908। दिहाड़ी (कैज़ुअल) मज़दूरों का हिसाब अलग था: ₹1,184। रेलवे के नॉन-गज़ेटेड कर्मचारियों का बोनस (PLB) इससे अलग है: ज़्यादा से ज़्यादा ₹17,951। आप जो टैप करते हैं, वह कहीं सेव या भेजा नहीं जाता।

Sources जाँचे गए: 14 अक्टूबर 2026

केंद्र के दफ़्तरों में काम करने वाले दिहाड़ी मज़दूरों (कैज़ुअल लेबर) के लिए शर्त अलग थी। जिन दफ़्तरों में हफ़्ते में 6 दिन काम होता है, वहाँ 3 साल या उससे ज़्यादा समय से हर साल कम से कम 240 दिन काम ज़रूरी था। 5 दिन वाले दफ़्तरों में यह 206 दिन था। आदेश के मुताबिक़ उनकी रकम ₹1,200 × 30 ÷ 30.4 = ₹1,184.21, यानी ₹1,184 थी। उसी आदेश के मुताबिक़ महीने की असल कमाई ₹1,200 से कम हो, तो हिसाब उसी कमाई पर होना था।

ये सब पिछले साल के आदेश की बातें हैं। 2025-26 का आदेश आने पर रकम और शर्तें उसी से मिलाएँ।

यह भी पढ़ें: जुलाई वाले DA पर कैबिनेट के फ़ैसले की ताज़ा खबर

किसे यह बोनस नहीं मिलता, या कम मिलता है?

पिछले साल के आदेश के मुताबिक़ ये हक़दार नहीं थे: साल में 6 महीने से कम लगातार नौकरी वाले, 31 मार्च 2025 से पहले इस्तीफ़ा देने वाले, और नाम मात्र की तय रकम पर रखे पार्ट-टाइम कर्मचारी। आदेश और उसके साथ लगी लिस्ट (Annexure) की बाक़ी बातें:

  • 31 मार्च 2025 (उस साल का आख़िरी दिन) को नौकरी में होना और 2024-25 में कम से कम 6 महीने लगातार नौकरी ज़रूरी थी।
  • जो साल में उम्र पूरी होने पर या मेडिकल कारण से रिटायर हुए, या जिनकी मौत हो गई: साल में कम से कम 6 महीने नियमित नौकरी के बाद, महीनों के हिसाब से बोनस। इस्तीफ़ा देने वालों और अपनी मर्ज़ी से (VRS) रिटायर होने वालों का नाम इस छूट में नहीं था।
  • पूरी तरह अस्थायी, एड-हॉक तौर पर रखे गए कर्मचारी हक़दार थे, अगर नौकरी में ब्रेक न हो। नाम मात्र की तय रकम पर रखे पार्ट-टाइम कर्मचारी हक़दार नहीं थे।
  • बिना तनख़्वाह वाली छुट्टी (असाधारण छुट्टी, EOL) का समय नौकरी के महीनों में नहीं गिना जाता था, पर उसे नौकरी में ब्रेक भी नहीं माना जाता था। बाक़ी तरह की छुट्टियाँ गिनी जाती थीं।
  • सस्पेंड रहे कर्मचारी: सस्पेंशन के दौरान मिलने वाला निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) तनख़्वाह नहीं गिना जाता था। बहाल होकर उस समय की तनख़्वाह मिली, तो हक़ बनता था; नहीं तो वह समय नहीं गिना जाता था।
  • 31 मार्च 2025 को डेप्युटेशन (प्रतिनियुक्ति) पर राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश या सरकारी कंपनी (PSU) वग़ैरह में गए कर्मचारी: यह बोनस उनका अपना विभाग नहीं देता था। देने की ज़िम्मेदारी वहाँ की थी जहाँ वे गए, उसकी अपनी योजना के हिसाब से, अगर कोई हो।
  • एक केंद्रीय दफ़्तर से दूसरे में बिना ब्रेक तबादला: दोनों जगह की नौकरी जुड़ती थी, और पैसा वही दफ़्तर देता था जहाँ आप 31 मार्च 2025 को थे।
  • गज़ेटेड अफ़सर और ग्रुप A: रेलवे का आदेश नॉन-गज़ेटेड कर्मचारियों के लिए है, और एड-हॉक बोनस का पिछले साल का आदेश ग्रुप C और नॉन-गज़ेटेड ग्रुप B के लिए था। इन दोनों आदेशों में गज़ेटेड अफ़सर और ग्रुप A नहीं आते।
  • पेंशन पाने वाले: दोनों आदेश नौकरी कर रहे कर्मचारियों के लिए हैं; उनमें पेंशनरों का ज़िक्र नहीं है। जो 2025-26 के दौरान ही रिटायर हुए, उनकी बात ऊपर रिटायर होने वालों वाली लाइन में है; रेल कर्मचारी ‘रेलवे बोनस में कितना पैसा मिलेगा?’ वाला हिस्सा देखें।

पिछले साल के आदेश के मुताबिक़ यह ख़र्च हर मंत्रालय और विभाग को अपने ही बजट से उठाना था। आदेश में कर्मचारी के लिए किसी फ़ॉर्म या अर्ज़ी की बात नहीं है।

डाक कर्मचारियों के बोनस का क्या हुआ?

उसका 2025-26 का आदेश भी हमें अभी नहीं मिला। व्यय विभाग का एड-हॉक आदेश उन्हीं के लिए था जिन पर कोई PLB योजना लागू नहीं; डाक विभाग के कर्मचारियों का बोनस डाक विभाग के अपने PLB आदेश से आता है। डाक विभाग का पिछले साल का आदेश 15 अक्टूबर 2025 का था। उसके मुताबिक़ 2024-25 के लिए MTS, ग्रुप C और नॉन-गज़ेटेड ग्रुप B कर्मचारियों को 60 दिन की तनख़्वाह (परिलब्धियाँ) के बराबर PLB मिलना था। उसी आदेश से नियमित तौर पर लगे ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को एक्स-ग्रेशिया बोनस और फ़ुल-टाइम कैज़ुअल मज़दूरों को एड-हॉक बोनस भी मिलना था। आदेश के मुताबिक़ गिनती में किसी महीने की तनख़्वाह ₹7,000 से ज़्यादा हो, तो उसे ₹7,000 ही माना जाना था।

2025-26 का ऐसा आदेश 14 अक्टूबर 2026 की रात क़रीब 11:30 बजे तक डाक विभाग की ‘Circulars, Rules and Latest Orders’ लिस्ट में नहीं था। उस वेबसाइट पर सितंबर के आख़िर से 14 अक्टूबर 2026 तक डाले गए डॉक्यूमेंट भी हमने खोलकर देखे; उनमें भी बोनस का आदेश नहीं था। इंडिया पोस्ट की वेबसाइट के ‘Orders and Notices’ पेज पर भी नहीं मिला। यह आदेश आने तक डाक कर्मचारी अपने दफ़्तर से पूछें।

₹41,149 वाली चिट्ठी का सच क्या है?

वह चिट्ठी नक़ली है। रेलवे बोर्ड ने 7 अक्टूबर 2026 को इसका खंडन जारी किया। उसके मुताबिक़ ‘RBE No. 101/2026, 6 अक्टूबर 2026’ नंबर वाली एक चिट्ठी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप पर ख़ूब फैलाई जा रही थी। उस पर बोर्ड के अफ़सर के नक़ली दस्तख़त थे, और उसमें 78 दिन के बोनस और ₹41,149 के पेमेंट की बात थी।

बोर्ड के मुताबिक़ यह चिट्ठी उसने जारी नहीं की, और कोई रेलवे दफ़्तर इस पर न कोई कार्रवाई करेगा, न पैसा देगा। बोर्ड ने खंडन की कॉपी RPF के IG को भी भेजी, ताकि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सही धारा में FIR दर्ज हो। असली आदेश RBE No. 84/2026 है, 14 अक्टूबर 2026 का, और उसमें रकम ₹17,951 लिखी है, ₹41,149 नहीं।

बोर्ड ने कहा है कि PLB से जुड़ी किसी भी चिट्ठी पर कुछ करने से पहले उसे रेलवे बोर्ड की वेबसाइट indianrailways.gov.in​/railwayboard या indianrailways.gov.in पर जाँच लें। बोर्ड के मुताबिक़ सोशल मीडिया या मैसेज से आई किसी चिट्ठी के आधार पर न कार्रवाई होगी, न पेमेंट।

बोनस के नाम पर कोई कॉल, मैसेज या लिंक आपसे OTP, UPI PIN, बैंक की जानकारी, आधार या कोई फ़ीस माँगे, तो कुछ न दें। OTP और UPI PIN किसी को न बताएँ। रेलवे के आदेश में और पिछले साल के एड-हॉक बोनस के आदेश में किसी फ़ॉर्म, अर्ज़ी या फ़ीस की बात नहीं है। स्कीम समाचार आपसे कोई जानकारी या पैसा नहीं माँगता। ठगी हो जाए तो 1930 पर फ़ोन करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

ख़ुद कहाँ देखें?

इन सरकारी पेजों पर:

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