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UP Ration Card List 2026: लिस्ट बिना OTP खुलती है, कार्ड नंबर से खोज पर OTP; अंत्योदय कार्ड पर 35 किलो मुफ़्त
कार्ड नंबर से खोजने पर OTP कार्ड में दर्ज मोबाइल पर आता है। नोट के मुताबिक़ सबकी e-KYC ज़रूरी है (5 साल से कम के बच्चों को फ़िलहाल छूट); पात्र गृहस्थी में हर सदस्य को हर महीने 5 किलो अनाज मुफ़्त।

उत्तर प्रदेश में अपना राशन कार्ड देखने के लिए किसी ऐप या एजेंट की ज़रूरत नहीं है। खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in पर ‘राशन कार्ड पात्रता सूची’ एक खुली लिस्ट है। इसमें ज़िला, फिर शहर या ब्लॉक, फिर गाँव में ग्राम पंचायत चुनें। कोटेदार (राशन दुकानदार) की लाइन में कार्डों की गिनती दबाते ही उस दुकान के कार्डों की लिस्ट खुल जाती है। न लॉगिन चाहिए, न OTP। लिस्ट में कार्ड नंबर (बीच के अंक छिपे), धारक (मुखिया) का नाम, पिता या पति का नाम, माता का नाम, कुल यूनिट और जारी होने की तारीख़ है।
पूरे कार्ड नंबर से खोजने का पेज ‘राशन कार्ड खोजें’ अलग है; उस पर OTP उसी मोबाइल नंबर पर आता है जो राशन कार्ड में दर्ज है। विभाग के 29 अगस्त 2025 के नोट के मुताबिक़ सभी राशन कार्ड धारकों की e-KYC ज़रूरी है; छूट सिर्फ़ 5 साल से कम उम्र के बच्चों को। अनाज मुफ़्त है: अंत्योदय कार्ड पर हर महीने 35 किलो, और पात्र गृहस्थी कार्ड पर हर सदस्य के 5 किलो।
ज़रूरी फ़ैक्ट्स
सभी आंकड़े जाँचे गए:
- राशन कार्ड की लिस्ट कहाँ है
- fcs.up.gov.in पर ‘राशन कार्ड पात्रता सूची’: ज़िला → शहर (टाउन) या ब्लॉक → गाँव में ग्राम पंचायत → कोटेदार की लाइन में कार्डों की गिनती → कार्ड की लिस्ट; न लॉगिन, न OTP; सीधे खोलने पर पेज fcs.up.gov.in पर लौटा देता है
- लिस्ट में क्या दिखता है
- कार्ड नंबर (बीच के अंक छिपे), धारक (मुखिया) का नाम, पिता/पति का नाम, माता का नाम, कुल यूनिट, कार्ड जारी होने की तारीख़; बाक़ी सदस्यों के नाम नहीं; ज़िले, शहर, ब्लॉक, पंचायत और कोटेदार के नाम अंग्रेज़ी अक्षरों में
- यूपी में कुल कार्ड (14 अक्टूबर 2026, रात 9 बजे की स्थिति)
- 3,67,59,192 कार्ड, 14,71,25,577 लोग; अंत्योदय 40,83,728 कार्ड (1,27,30,468 लोग), पात्र गृहस्थी 3,26,75,464 कार्ड (13,43,95,109 लोग)
- कार्ड नंबर से खोज
- ‘राशन कार्ड खोजें’ पेज: 12 अंकों का कार्ड नंबर और कैप्चा डालें; OTP राशन कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर पर आता है; सीधे खोलने पर पेज fcs.up.gov.in पर लौटा देता है
- अर्ज़ी का स्टेटस
- ‘राशन कार्ड आवेदन की स्थिति’: संदर्भ ID या राशन ID, कैप्चा और OTP से; 1 जनवरी 2022 के बाद की अर्ज़ियाँ; सीधे खोलने पर पेज fcs.up.gov.in पर लौटा देता है
- कितना अनाज (NFSA क़ानून, धारा 3)
- पात्र गृहस्थी: हर सदस्य को 5 किलो हर महीने; अंत्योदय: पूरे परिवार को 35 किलो हर महीने
बाक़ी 21 फ़ैक्ट्स, सोर्स के साथ
- अनाज मुफ़्त (केंद्रीय कैबिनेट, 29 नवंबर 2023)
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) में 1 जनवरी 2024 से पाँच साल तक मुफ़्त; चावल, गेहूँ और मोटा अनाज
- ड्राफ़्ट बिल 2026 (सिर्फ़ प्रस्ताव)
- अंत्योदय में हर सदस्य को 7 किलो, परिवार को ज़्यादा से ज़्यादा 35 किलो; केंद्र ने लोगों से राय 13 जुलाई 2026 तक माँगी थी
- e-KYC (खाद्य आयुक्त, 29 अगस्त 2025)
- सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ज़रूरी; 5 साल से कम उम्र के बच्चों को फ़िलहाल छूट; किसी भी उचित दर दुकान की ई-पॉस मशीन पर
- e-KYC की पिछली आख़िरी तारीख़
- 31 अगस्त 2025; जिनकी e-KYC अधूरी थी, उनका सितंबर 2025 से तीन महीने का राशन रोका जा सकता था (शासनादेश, 11 अगस्त 2025)
- कितनों की e-KYC हुई (8 मई 2026 का नोट)
- 13.52 करोड़ लोग, लगभग 93.34%; उसी नोट में: उचित दर दुकानों में ‘क्रियाशील’ ई-वेईंग स्केल लिंक्ड ई-पॉस मशीनें
- 30 दिसंबर 2025 का नोट
- 92.09% लोगों की e-KYC; शादीशुदा महिलाओं की यूनिट ट्रांसफ़र के 7,316 मामले आए; नवंबर 2025 में 36 कोटेदारों पर FIR
- अँगूठा न लगे तो (खाद्य आयुक्त, 9 अक्टूबर 2026)
- उसी दिन 2 बार और; फिर आँख (आइरिस) का स्कैन; फिर कार्ड का कोई और सदस्य; बुज़ुर्ग, दिव्यांग, गंभीर बीमार के लिए हर वितरण चक्र के आख़िरी दिन दर्ज मोबाइल पर OTP; जिनका आधार प्रमाणीकरण नहीं हो पाता, उनके लिए पोर्टल पर OTP वाले वितरण के लिए मोबाइल नंबर दर्ज कराने की सुविधा
- वितरण और मुफ़्त अनाज (उसी नोट से)
- सितंबर 2026 में 3,41,69,420 कार्डों पर अनाज; इनमें सिर्फ़ 83,093 पर OTP से; पात्र राशन कार्ड धारकों को नियम से मुफ़्त अनाज मिलता रहेगा
- नया कार्ड या बदलाव (विभाग का FAQ)
- जन सेवा केंद्र पर अर्ज़ी, फ़ीस ₹20; अर्ज़ी पूरी होने के 30 काम के दिन (कार्य दिवस) में कार्रवाई का नियम
- कौन हक़दार (पात्र) नहीं: गाँव
- आयकर देने वाले; चार पहिया गाड़ी, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, AC या 5 KVA या बड़ा जनरेटर; 5 एकड़ से ज़्यादा सिंचित ज़मीन (बुंदेलखंड और सोनभद्र ज़िले में कैमूर पहाड़ियों के दक्षिणी इलाक़ों में 7.5 एकड़); परिवार की आमदनी ₹2 लाख सालाना से ज़्यादा; एक से ज़्यादा हथियार लाइसेंस
- कौन हक़दार (पात्र) नहीं: शहर
- आयकर देने वाले; चार पहिया, AC या 5 KVA या बड़ा जनरेटर; 100 वर्ग मीटर से बड़ा प्लॉट, मकान या फ़्लैट; 80 वर्ग मीटर या बड़ी दुकान; परिवार की आमदनी ₹3 लाख सालाना से ज़्यादा; एक से ज़्यादा हथियार लाइसेंस
- मुखिया कौन (NFSA क़ानून, धारा 13)
- घर की सबसे बड़ी महिला, जिसकी उम्र 18 साल या ज़्यादा हो
- विभाग की वेबसाइट (fcs.up.gov.in)
- हेल्पलाइन 1967 या 14445; टोल-फ़्री 1800 1800 150; नोटिस: महीने की पहली तारीख़ को ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ के लेन-देन नहीं हो सकते
- घटतौली पर (खाद्य मंत्री, 20 मई 2026)
- ज़िला पूर्ति अधिकारियों से कहा: कोटे की दुकानों पर घटतौली (कम तौलने) की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी
- ऑनलाइन शिकायत
- विभाग के कॉल सेंटर का पेज: ऊपर का लॉग-इन ऑपरेटर और विभाग के कर्मचारियों के लिए है; ‘शिकायत दर्ज करें’ मोबाइल नंबर और कैप्चा माँगता है, फिर OTP; ‘शिकायत की वर्तमान स्थिति देखें’ में शिकायत संख्या, मोबाइल नंबर और कैप्चा
- Mera Ration 2.0 ऐप (NIC)
- कार्ड का ब्योरा, हर महीने का अनाज, पिछले लेन-देन, पास की राशन दुकान, शिकायत; ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ से देश की किसी भी उचित दर दुकान से अनाज
- ई-पॉस से जुड़ा कांटा (2 मार्च 2024)
- मुख्यमंत्री ने लगभग 79,000 उचित दर दुकानों पर ‘ई-वेइंग स्केल लिंक्ड ई-पॉस मशीनों’ से वितरण शुरू किया
- कोटेदार का कमीशन (नोट में ‘लाभांश’), 17 अगस्त 2026
- सरकार हर कुंतल अनाज पर ₹125 देती है, पहले ₹90
- साइबर ठगी की शिकायत
- 1930 पर फ़ोन, या cybercrime.gov.in
- चावल-गेहूँ का बँटवारा (विभाग की आवंटन रिपोर्ट, अक्टूबर 2026; हमारी गिनती)
- ज़िले के हिसाब से अलग: पात्र गृहस्थी के आवंटन में चावल का हिस्सा गोरखपुर में क़रीब 80%, अमेठी में 60%, मेरठ में 40% (नियमित आवंटन, कुंतल में; 15 अक्टूबर 2026, रात 2:24 तक का डेटा)
- NFSA की सीमा और नए कार्ड (7 जुलाई 2026 का नोट)
- यूपी में अधिकतम 15.20 करोड़ यूनिट की सीमा; तब 14.64 करोड़ लोग आ चुके थे; मंत्री ने बची यूनिटों पर अभियान चलाकर पात्रता के हिसाब से नए कार्ड बनाने के निर्देश दिए; निलंबित और निरस्त दुकानों को सबसे पास की दुकान से जोड़ने का निर्देश दिया
लिस्ट में अपना कार्ड कैसे देखें?
विभाग की वेबसाइट पर, चार-पाँच बार दबाकर। fcs.up.gov.in खोलें और ‘महत्वपूर्ण लिंक’ में ‘राशन कार्ड पात्रता सूची’ दबाएँ। पहले पेज पर यूपी के सभी 75 ज़िले हैं। अपने ज़िले का नाम दबाएँ। अगले पेज पर ‘नगरीय क्षेत्र’ में शहरों के नाम हैं और ‘ग्रामीण क्षेत्र’ में ब्लॉक के। ज़िले, शहर, ब्लॉक, पंचायत और कोटेदार के नाम अंग्रेज़ी अक्षरों में लिखे हैं, जैसे Agra।
- गाँव में: अपने ब्लॉक का नाम दबाएँ, फिर अपनी ग्राम पंचायत का। शहर में: अपने शहर का नाम दबाएँ।
- अब कोटेदारों के नाम दिखेंगे। अपने कोटेदार की लाइन में ‘पात्र गृहस्थी’ और ‘अन्त्योदय’ के नीचे कार्डों की गिनती लिखी है। अपने कार्ड की क़िस्म के नीचे ‘राशनकार्ड’ वाली गिनती दबाएँ।
- उस दुकान के उस तरह के सारे कार्ड खुल जाते हैं। उनमें अपने मुखिया का नाम, पिता या पति का नाम और माता का नाम मिलाएँ।
इस लिस्ट में सिर्फ़ मुखिया का नाम है; ‘कुल यूनिट’ बताता है कि कार्ड पर कितने लोग दर्ज हैं। हर पेज पर लिखा है कि लिस्ट किस समय तक की है; हमने 14 अक्टूबर 2026, रात 9 बजे तक की लिस्ट देखी। पहले पेज पर नोट है कि अपडेट का काम चल रहा है।
क्या राशन कार्ड डाउनलोड या प्रिंट हो सकता है?
बिना OTP वाले पेजों पर नहीं: उन पर हमें कार्ड की अलग PDF ‘डाउनलोड’ करने का बटन 15 अक्टूबर 2026 को नहीं दिखा। लिस्ट वाला पेज आप ब्राउज़र से प्रिंट या सेव कर सकते हैं, पर उसमें पूरा कार्ड नंबर और सदस्यों के नाम नहीं होते।
‘राशन कार्ड खोजें’ पेज fcs.up.gov.in के ‘महत्वपूर्ण लिंक’ में है; सीधे खोलने पर यह मुख्य पेज पर लौटा देता है। इस पर 12 अंकों का कार्ड नंबर और कैप्चा (तस्वीर वाला कोड) डालना होता है, और पेज के मुताबिक़ OTP “राशन कार्ड में पंजीकृत मोबाइल संख्या” पर आता है। OTP के बाद यह पेज क्या दिखाता है, यह हम नहीं देख सके; हमने कोई OTP नहीं माँगा।
कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बदलवाने का तरीक़ा FAQ में साफ़ नहीं लिखा। FAQ के मुताबिक़ कार्ड में बदलाव (संशोधन) की अर्ज़ी जन सेवा केंद्र पर होती है; मोबाइल नंबर भी उसी में बदलता होगा, यह हमारा अंदाज़ा है (नए कार्ड के चार्ट में वह मुखिया की बेसिक जानकारी में है)। पक्का करने के लिए जन सेवा केंद्र से पूछें।
e-KYC करानी है या नहीं, और कहाँ होती है?
हाँ। यूपी के खाद्य आयुक्त ने 29 अगस्त 2025 के नोट में कहा था कि सभी राशन कार्ड धारकों की e-KYC (बायोमेट्रिक वेरिफ़िकेशन) ज़रूरी कर दी गई है। उसी नोट के मुताबिक़ यह किसी भी उचित दर दुकान (राशन की दुकान) की ई-पॉस मशीन पर होती है, और 5 साल से कम उम्र के बच्चों को फ़िलहाल छूट है।
नोट के मुताबिक़ नए कार्ड वालों और नई जुड़ी यूनिट वालों को राशन लेने से पहले e-KYC करानी होगी। नोट के मुताबिक़ जिनका आधार ऑथेंटिकेशन (आधार से पहचान की जाँच) फ़ेल होता है, जैसे बुज़ुर्ग, दिव्यांग या गंभीर बीमार, वे अपने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के पास ज़रूरी सबूत के साथ दूसरे इंतज़ाम की अर्ज़ी दे सकते हैं।
उस नोट में आख़िरी तारीख़ 31 अगस्त 2025 थी। नोट के मुताबिक़ 11 अगस्त 2025 के शासनादेश में तय हुआ था कि जिनकी e-KYC अधूरी है, उनका सितंबर 2025 से तीन महीने का राशन फ़िलहाल रोका जाएगा और उन्हें SMS भेजे जाएँगे। इसके बाद की कोई नई आख़िरी तारीख़ हमें 15 अक्टूबर 2026 तक fcs.up.gov.in के मुख्य पेज और यूपी सूचना विभाग की प्रेस रिलीज़ की लिस्ट में नहीं मिली। अपने ज़िले की कोई तारीख़ हो, तो ज़िला पूर्ति कार्यालय से पूछ लें।
ज़्यादातर लोगों की e-KYC हो चुकी है, सबकी नहीं। विभाग के 8 मई 2026 के नोट के मुताबिक़ तब तक 13.52 करोड़ लोगों (लगभग 93.34%) की e-KYC पूरी हो चुकी थी; 30 दिसंबर 2025 के नोट में यह 92.09% थी।
दूसरे राज्य की दुकान पर यूपी कार्ड की e-KYC होती है या नहीं, यह हमें किसी सरकारी पेज पर साफ़ नहीं मिला; केंद्र ने 25 जून 2024 के पत्र में यूपी समेत कुछ राज्यों से इसके लिए सॉफ़्टवेयर बनाने को कहा था।
अँगूठा न लगे, तो राशन कैसे मिलेगा?
दूसरे रास्ते हैं, और नया मोबाइल ख़रीदने की ज़रूरत नहीं है। खाद्य आयुक्त के 9 अक्टूबर 2026 के नोट के मुताबिक़ ई-पॉस मशीन पर उँगली का निशान न मिले, तो उसी दिन दो बार और कोशिश होती है। नोट के मुताबिक़ तीनों बार फ़ेल हो, तो आँख का स्कैन (आइरिस) होता है, और वह भी न चले, तो कार्ड में दर्ज परिवार का कोई और सदस्य तय तरीक़े से राशन ले सकता है।
उसी नोट के मुताबिक़ जो बुज़ुर्ग, दिव्यांग या गंभीर बीमार लोग उँगली या आँख का स्कैन नहीं करा पाते, उन्हें हर वितरण चक्र के आख़िरी दिन OTP से राशन मिल सकता है; यह OTP विभाग के पोर्टल पर पहले से दर्ज मोबाइल नंबर पर आता है। नोट के मुताबिक़ जिनका आधार प्रमाणीकरण नहीं हो पाता, उनके लिए पोर्टल पर OTP वाले राशन के लिए मोबाइल नंबर दर्ज कराने की सुविधा है; तरीक़ा नोट में नहीं लिखा, इसलिए ज़िला पूर्ति कार्यालय से पूछें।
सोशल मीडिया पर कहा गया कि मुफ़्त राशन के लिए पहले मोबाइल फ़ोन ख़रीदना और OTP कराना ज़रूरी है। खाद्य आयुक्त ने इसे “पूरी तरह भ्रामक एवं तथ्यहीन” (गुमराह करने वाला, बेबुनियाद) बताया।
हर कार्ड पर कितना अनाज मिलता है, और कितने पैसे लगते हैं?
आज पैसे नहीं लगते, और किलो कार्ड की क़िस्म से तय है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा क़ानून (NFSA) की धारा 3 के मुताबिक़ पात्र गृहस्थी कार्ड पर हर सदस्य को हर महीने 5 किलो अनाज मिलता है, अंत्योदय कार्ड पर पूरे परिवार को 35 किलो, परिवार में कितने भी लोग हों। क़ानून में यह अनाज सस्ती दर पर है; मुफ़्त करने का फ़ैसला केंद्रीय कैबिनेट ने 29 नवंबर 2023 को किया: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) में 1 जनवरी 2024 से पाँच साल तक मुफ़्त। यूपी के खाद्य आयुक्त ने 9 अक्टूबर 2026 के नोट में कहा कि पात्र राशन कार्ड धारकों को नियम से मुफ़्त अनाज मिलता रहेगा।
PIB की उसी रिलीज़ के मुताबिक़ मुफ़्त अनाज में चावल, गेहूँ और मोटा अनाज आता है। चावल और गेहूँ का बँटवारा ज़िले के हिसाब से अलग है: विभाग की ‘खाद्यान्न आवंटन, वितरण एवं अवशेष रिपोर्ट’ में हर ज़िले का आवंटन दिखता है (जैसे गोरखपुर में चावल ज़्यादा, मेरठ में गेहूँ; हमारी गिनती)। आपके कार्ड पर कितना चावल और कितना गेहूँ बनेगा, यह हमें किसी सरकारी पेज पर नहीं मिला। कुल किलो क़ानून से तय है।
मुख्यमंत्री ने 2 मार्च 2024 को लगभग 79,000 उचित दर दुकानों पर ‘ई-वेइंग स्केल लिंक्ड ई-पॉस मशीनों’ (ई-पॉस से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक कांटों) से वितरण शुरू किया था; 8 मई 2026 के नोट में ऐसी मशीनों को ‘क्रियाशील’ बताया गया है। अपने कार्ड पर हर महीने कितना बनता है, यह नीचे कांटे पर देखिए।
क्या अंत्योदय का 35 किलो बदलने वाला है?
आज के क़ानून में अंत्योदय कार्ड पर 35 किलो ही लिखा है; बदलाव सिर्फ़ एक ड्राफ़्ट में सोचा गया है। केंद्र के खाद्य विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) बिल, 2026 का ड्राफ़्ट जारी करके लोगों से 13 जुलाई 2026 तक राय माँगी थी। ड्राफ़्ट में लिखा है कि अंत्योदय परिवार के हर सदस्य को 7 किलो मिले, और परिवार को ज़्यादा से ज़्यादा 35 किलो। ड्राफ़्ट के मुताबिक़ वजह: अभी छोटे परिवार को हर व्यक्ति पर ज़्यादा अनाज मिलता है, बड़े को कम।
ऐसा क़ानून बना, तो 5 या ज़्यादा लोगों वाले अंत्योदय परिवार को 35 किलो ही मिलेगा, पर 3 लोगों वाले परिवार को 21 किलो (हमारा हिसाब)। ड्राफ़्ट में पात्र गृहस्थी का 5 किलो वाला नियम नहीं बदलता। यह बिल है, इसलिए पहले संसद को इसे पास करना होगा; ड्राफ़्ट के मुताबिक़ फिर यह तभी लागू होगा जब केंद्र सरकार गज़ट में तारीख़ बताए। 15 अक्टूबर 2026 तक PIB पर हमारी खोज में इस बिल के संसद में पेश होने या पास होने की कोई रिलीज़ नहीं मिली।
नया कार्ड कैसे बनेगा, और कार्ड में बदलाव कैसे होगा?
पास के जन सेवा केंद्र (CSC) या पूर्ति कार्यालय पर अर्ज़ी देकर, या ऑनलाइन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से। विभाग के सवाल-जवाब (FAQ) के मुताबिक़ नए कार्ड और पुराने कार्ड में बदलाव, दोनों की फ़ीस ₹20 है, जो जन सेवा केंद्र वाले को नक़द या डिजिटल पेमेंट से देनी होती है। FAQ के मुताबिक़ अर्ज़ी पूरी होने के 30 काम के दिन में कार्रवाई का नियम है। फ़ॉर्म गाँव, शहर और प्रवासी मज़दूरों के लिए अलग हैं, और विभाग के ‘डाउनलोड फार्म’ पेज पर हैं।
FAQ के मुताबिक़ ये कागज़ लगते हैं:
- मुखिया की पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- मुखिया की बैंक पासबुक के पहले पन्ने और आधार कार्ड की फ़ोटोकॉपी
- सभी सदस्यों के आधार नंबर
- परिवार की आमदनी का ब्योरा
- बिजली या गैस कनेक्शन का कागज़
- आधार में मौजूदा पता न हो, तो पते का सबूत
NFSA की धारा 13 के मुताबिक़ मुखिया घर की सबसे बड़ी महिला होती है, जिसकी उम्र 18 साल या ज़्यादा हो; FAQ के मुताबिक़ वयस्क महिला न हो, तो सबसे बड़ा सदस्य मुखिया।
विभाग के कागज़ के मुताबिक़ अर्ज़ी के बाद आधार से जाँचा जाता है कि परिवार का कार्ड पहले से तो नहीं बना। फिर गाँव में खंड विकास अधिकारी और शहर में नगर निकाय के दफ़्तर से जाँच होती है, ज़िला पूर्ति कार्यालय मंज़ूरी देता है, और SMS आता है। अर्ज़ी का स्टेटस fcs.up.gov.in के ‘महत्वपूर्ण लिंक’ में ‘राशन कार्ड आवेदन की स्थिति’ पर दिखता है (सीधे खोलने पर यह भी लौटा देता है): संदर्भ ID या राशन ID, कैप्चा और OTP से, 1 जनवरी 2022 के बाद की अर्ज़ियों का।
उसी कागज़ में अर्ज़ी नामंज़ूर होने के चार कारण हैं:
- परिवार NFSA के नियमों में हक़दार (पात्र) न निकले
- जारी होने वाले कार्डों की तय गिनती पूरी हो चुकी हो
- कागज़ अधूरे हों
- परिवार का कार्ड पहले से हो, या आधार दोबारा मिले
7 जुलाई 2026 के नोट के मुताबिक़ यूपी में NFSA की सीमा 15.20 करोड़ यूनिट है; तब 14.64 करोड़ लोग आ चुके थे, और मंत्री ने बची यूनिटों पर पात्र परिवारों के नए कार्ड बनाने को कहा।
कौन हक़दार नहीं है, यह विभाग की ‘पात्रता के नियम’ वाली फ़ाइल में है; इनमें से कुछ भी हो, तो कार्ड नहीं बनता:
- दोनों जगह: आयकर देने वाले।
- दोनों जगह: किसी सदस्य के नाम चार पहिया गाड़ी, AC या 5 KVA या उससे बड़ा जनरेटर हो (गाँव में ट्रैक्टर या हार्वेस्टर भी)।
- दोनों जगह: परिवार के पास एक से ज़्यादा हथियार या हथियार का लाइसेंस हो।
- गाँव में: 5 एकड़ से ज़्यादा सिंचित ज़मीन हो (बुंदेलखंड और सोनभद्र ज़िले में कैमूर पहाड़ियों के दक्षिणी इलाक़ों में 7.5 एकड़), या परिवार की कुल आमदनी ₹2 लाख सालाना से ज़्यादा हो।
- शहर में: 100 वर्ग मीटर से बड़ा अपना प्लॉट, मकान या फ़्लैट हो, या 80 वर्ग मीटर या उससे बड़ी दुकान या दूसरी कारोबारी जगह हो, या परिवार की कुल आमदनी ₹3 लाख सालाना से ज़्यादा हो।
कार्ड में बदलाव के छह कामों की अर्ज़ी fcs.up.gov.in के ‘राशन कार्ड संबंधी सूचनाएं’ में ऑनलाइन भी दी जा सकती है:
- कार्ड का बँटवारा
- यूनिट ट्रांसफ़र
- कार्ड का दूसरी जगह ट्रांसफ़र
- कार्ड लौटाना (समर्पण)
- किसी यूनिट को हटाना
- मौत होने पर मुखिया बदलना
इन पेजों पर राशन ID, कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर और कैप्चा माँगा जाता है, फिर OTP आता है (सीधे खोलने पर ये पेज भी लौटा देते हैं)। 29 अगस्त 2025 के नोट के मुताबिक़ जिन शादीशुदा महिलाओं का नाम अभी ससुराल के कार्ड में नहीं जुड़ा, वे यूनिट ट्रांसफ़र की ऑनलाइन अर्ज़ी दे सकती हैं।
दूसरे शहर या राज्य में हैं, तो राशन कहाँ से लें?
देश की किसी भी उचित दर दुकान से, अपने इसी कार्ड पर। केंद्र के Mera Ration 2.0 ऐप के FAQ के मुताबिक़ ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) में यह सुविधा है। यूपी के विभाग की वेबसाइट पर नोटिस है कि डेटा इकट्ठा करने (कम्पाइलेशन) के काम की वजह से महीने की पहली तारीख़ को ONORC के लेन-देन नहीं हो सकते।
कम तौला जाए या पैसे माँगे जाएँ, तो शिकायत कहाँ करें?
विभाग की हेल्पलाइन 1967 या 14445 पर, या टोल-फ़्री नंबर 1800 1800 150 पर। ऑनलाइन शिकायत विभाग के कॉल सेंटर वाले पेज पर होती है। उसके ऊपर का लॉग-इन कर्मचारियों के लिए है; आप ‘शिकायत दर्ज करें’ दबाएँ, जो आपका मोबाइल नंबर और कैप्चा माँगता है, फिर OTP आता है। उसी पेज पर ‘शिकायत की वर्तमान स्थिति देखें’ भी है। NFSA की धारा 15 के मुताबिक़ हर ज़िले में एक ज़िला शिकायत निवारण अधिकारी होता है; यूपी के अधिकारियों के नाम और पते इस लिस्ट में हैं।
मुख्यमंत्री के 17 अगस्त 2026 के नोट के मुताबिक़ कोटेदार को अनाज बाँटने का कमीशन (नोट में ‘लाभांश’) सरकार देती है: यह हर कुंतल पर ₹90 से बढ़ाकर ₹125 किया गया।
यह भी पढ़ें: यूपी में दिवाली का मुफ़्त सिलेंडर किसे मिलेगा
ठगी से कैसे बचें?
लिस्ट देखने के लिए विभाग की वेबसाइट न लॉगिन माँगती है, न OTP, न फ़ीस। विभाग के FAQ में फ़ीस सिर्फ़ नए कार्ड या बदलाव की अर्ज़ी की है, ₹20, जो जन सेवा केंद्र पर देनी है। कोई ऐप या वेबसाइट ‘राशन कार्ड डाउनलोड’ या ‘e-KYC’ के नाम पर पैसे, आधार नंबर या बैंक की जानकारी माँगे, तो न दें। इस खबर के सारे सरकारी लिंक gov.in पर ख़त्म होते हैं; जिस साइट का पता gov.in पर ख़त्म न हो, उस पर कार्ड नंबर या OTP न डालें।
कार्ड खोजने और अर्ज़ी का स्टेटस देखने के पेज OTP भेजने के लिए सिर्फ़ कार्ड नंबर या ID और कैप्चा माँगते हैं, इसलिए OTP आने से यह नहीं पता चलता कि आपने ही नंबर डाला। राशन कार्ड, बैंक, UPI या आधार का OTP फ़ोन करने वाले किसी व्यक्ति को न बताएँ। स्कीम समाचार आपसे कोई जानकारी या पैसा नहीं माँगता। ठगी हो जाए, तो 1930 पर फ़ोन करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
ख़ुद कहाँ जाँचें?
इन सरकारी पेजों पर:
- राशन कार्ड की लिस्ट: fcs.up.gov.in खोलकर ‘राशन कार्ड पात्रता सूची’।
- कार्ड नंबर से खोज और अर्ज़ी का स्टेटस: fcs.up.gov.in पर ‘राशन कार्ड खोजें’ और ‘राशन कार्ड आवेदन की स्थिति’।
- नया कार्ड: फ़ॉर्म, तरीक़ा और FAQ, पात्रता के नियम और ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल।
- e-KYC और राशन लेने के नियम: खाद्य आयुक्त के नोट, 29 अगस्त 2025 और 9 अक्टूबर 2026।
- शिकायत: ऑनलाइन शिकायत, ज़िला शिकायत निवारण अधिकारी और Mera Ration 2.0 का FAQ।
सोर्स
- उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट (fcs.up.gov.in): हेल्पलाइन, ‘राशन कार्ड पात्रता सूची’ और बाक़ी लिंकऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- nfsa.up.gov.in: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) की पात्रता सूची (ज़िलेवार कार्ड और लोग); fcs.up.gov.in से खोलेंआंकड़े / रिपोर्ट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- nfsa.up.gov.in: ‘राशन कार्ड खोजें’ (कार्ड नंबर, कैप्चा और OTP); fcs.up.gov.in से खोलेंऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- nfsa.up.gov.in: ‘राशन कार्ड आवेदन की स्थिति’; fcs.up.gov.in से खोलेंऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- nfsa.up.gov.in: ‘राशन कार्ड यूनिट ट्रान्सफर हेतु आवेदन’ (और पाँच दूसरे बदलाव के पेज); fcs.up.gov.in से खोलेंऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- खाद्य एवं रसद विभाग: ‘राशन कार्ड बनाये जाने की प्रक्रिया’ और सवाल-जवाब (FAQ)सवाल-जवाब (FAQ) · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- खाद्य एवं रसद विभाग: ‘राशन कार्ड हेतु पात्रता के नियम’ (पात्रता और अपात्रता के मानक)गाइडलाइन · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- खाद्य एवं रसद विभाग: ‘डाउनलोड फार्म’ (गाँव, शहर और प्रवासी मज़दूरों के फ़ॉर्म)ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (esathi.up.gov.in)ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (गज़ट, बाद के नोटिफ़िकेशन के साथ), खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभागनोटिफ़िकेशन · तारीख़ 10 सितंबर 2013 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- PIB, 29 नवंबर 2023: PMGKAY में 1 जनवरी 2024 से पाँच साल तक मुफ़्त अनाज (केंद्रीय कैबिनेट)प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 29 नवंबर 2023 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) बिल, 2026 के ड्राफ़्ट पर राय (13 जुलाई 2026 तक)नोटिफ़िकेशन · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- यूपी सूचना विभाग, 29 अगस्त 2025: सभी राशन कार्ड धारकों की e-KYC ज़रूरी, 5 साल से कम उम्र के बच्चों को छूट (खाद्य आयुक्त)प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 29 अगस्त 2025 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- यूपी सूचना विभाग, 30 दिसंबर 2025: खाद्य एवं रसद विभाग की रिव्यू बैठक (92.09% e-KYC)प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 30 दिसंबर 2025 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- यूपी सूचना विभाग, 8 मई 2026: NFSA के काम का रिव्यू (13.52 करोड़ लोगों की e-KYC)प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 8 मई 2026 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- यूपी सूचना विभाग, 20 मई 2026: खाद्य मंत्री की रिव्यू बैठक (घटतौली पर सख़्ती)प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 20 मई 2026 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- यूपी सूचना विभाग, 9 अक्टूबर 2026: मुफ़्त राशन के लिए मोबाइल फ़ोन ख़रीदना ज़रूरी नहीं (खाद्य आयुक्त)प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 9 अक्टूबर 2026 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- यूपी सूचना विभाग, 2 मार्च 2024: 79,000 दुकानों पर ई-वेइंग स्केल से जुड़ी ई-पॉस मशीनों से वितरण (मुख्यमंत्री)प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 2 मार्च 2024 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- यूपी सूचना विभाग, 17 अगस्त 2026: उचित दर विक्रेताओं का कमीशन (नोट में ‘लाभांश’) ₹90 से ₹125 प्रति कुंतल (मुख्यमंत्री)प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 17 अगस्त 2026 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, 25 जून 2024: कहीं से भी e-KYC (ONORC) के लिए राज्यों को पत्र और गाइडलाइनगाइडलाइन · तारीख़ 25 जून 2024 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- खाद्य एवं रसद विभाग (उत्तर प्रदेश) का कॉल सेंटर: ऑनलाइन शिकायतऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- nfsa.up.gov.in: ज़िला शिकायत निवारण अधिकारियों की लिस्टआंकड़े / रिपोर्ट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- nfsa.gov.in: Mera Ration 2.0 ऐप के सवाल-जवाब (FAQ)सवाल-जवाब (FAQ) · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (गृह मंत्रालय): cybercrime.gov.in और 1930ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- खाद्य एवं रसद विभाग (उत्तर प्रदेश): ‘खाद्यान्न आवंटन, वितरण एवं अवशेष रिपोर्ट’ (अक्टूबर 2026, ज़िले-वार चावल और गेहूँ)आंकड़े / रिपोर्ट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- यूपी सूचना विभाग, 7 जुलाई 2026: खाद्य मंत्री की रसद स्थायी समिति की बैठक (15.20 करोड़ यूनिट की सीमा, नए कार्ड, बंद दुकानें)प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 7 जुलाई 2026 · PDF · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
