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Haryana Budhapa Pension: ₹3,200 महीना, PPP से बिना आवेदन मंज़ूरी; ग़लत उम्र या आमदनी दर्ज हो तो अटक सकती है

1 नवंबर 2025 से बुढ़ापा पेंशन ₹3,200 महीना है, और इसके लिए आवेदन नहीं करना पड़ता। मंज़ूरी परिवार पहचान पत्र (PPP) में दर्ज उम्र और आमदनी से होती है, इसलिए वहाँ ग़लती हो तो पेंशन अटक सकती है।

सफ़ेद दुपट्टा ओढ़े एक बहुत बुज़ुर्ग महिला का चेहरा, पीछे एक घर की दीवार और दरवाज़ा
प्रतीकात्मक तस्वीर: पंजाब के लुधियाना ज़िले के एक गाँव की एक बुज़ुर्ग महिला (2019) · फ़ोटो: Satdeep Gill / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

ज़रूरी फ़ैक्ट्स

सभी आंकड़े जाँचे गए:

रकम (सेवा विभाग का योजना पेज)
₹3,200 हर महीने, 1 नवंबर 2025 से; इससे पहले ₹3,000 (1 जनवरी 2024 से) और ₹2,750 (1 अप्रैल 2023 से)
सोर्स: sewa.haryana.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
उम्र और निवास
60 साल या ज़्यादा; हरियाणा का डोमिसाइल और निवासी (योजना पेज)
सोर्स: sewa.haryana.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
आमदनी की सीमा
आप और पति या पत्नी की कुल आमदनी ₹3 लाख सालाना तक; 5 अप्रैल 2023 से पहले सीमा ₹2 लाख थी
सोर्स: cdnbbsr.s3waas.gov.in · 5 अप्रैल 2023 तक की जानकारी
सरकारी पेंशन वाले (8 जुलाई 2024 का गज़ट)
सरकार या सरकारी निकाय से रिटायर व्यक्ति की पेंशन या एन्युटी इस भत्ते से कम हो, तो बाक़ी शर्तें पूरी होने पर फ़र्क़ जितना भत्ता; योजना पेज पर 14 अक्टूबर 2026 तक पुरानी पूरी मनाही ही लिखी थी
सोर्स: cdnbbsr.s3waas.gov.in · 8 जुलाई 2024 तक की जानकारी
मंज़ूरी का तरीक़ा (7 जुलाई 2022 का गज़ट)
परिवार पहचान नंबर ज़रूरी; PPP की लिस्ट में वे लोग जो कम से कम पिछले 15 साल से हरियाणा में रहते हैं; सहमति DSWO का दफ़्तर लेता है; पेंशन ID अगले महीने की 7 तारीख़ तक; PPP से आई जानकारी की विभाग आम तौर पर दोबारा जाँच नहीं करता
सोर्स: cdnbbsr.s3waas.gov.in · 7 जुलाई 2022 तक की जानकारी
पेमेंट की तारीख़ (मंत्री, 14 फ़रवरी 2026)
सभी सामाजिक भत्ते और पेंशन हर महीने की 10 तारीख़ को बैंक खाते में सीधे डाले जाएँगे (मंत्री का बयान, नरवाना; इसका आदेश हमें नहीं मिला)
सोर्स: prharyana.gov.in · 14 फ़रवरी 2026 तक की जानकारी
बाक़ी 25 फ़ैक्ट्स, सोर्स के साथ
रुकी पेंशनें (मुख्यमंत्री, 10 फ़रवरी 2026)
‘दो लाख’ के दावे पर: लगभग 1,03,000 मौत के बाद बंद; लगभग 37,000 में उम्र 60 से कम; लगभग 39,000 में आमदनी की जाँच नहीं। उस दिन 20,31,367 बुज़ुर्गों को पेंशन
सोर्स: prharyana.gov.in · 10 फ़रवरी 2026 तक की जानकारी
रुकी पेंशनें, दोबारा (मुख्यमंत्री, 19 फ़रवरी 2026)
1,03,000 से ज़्यादा मामलों में मौत; लगभग 37,000 में उम्र ग़लत दर्ज करवाई गई; 39,000 में वेरिफ़िकेशन बाक़ी; डॉक्यूमेंट की जाँच जारी
सोर्स: prharyana.gov.in · 19 फ़रवरी 2026 तक की जानकारी
मंत्री का बयान (18 फ़रवरी 2026, उचाना)
सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी: सिर्फ़ शिकायत वाले मामलों में पेंशन जाँच के लिए रोकी गई थी; मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जाँच बाद में चलती रहे, पर किसी की पेंशन न रुके
सोर्स: prharyana.gov.in · 18 फ़रवरी 2026 तक की जानकारी
ADC की सुनवाई (मुख्यमंत्री, 10 फ़रवरी 2026)
पेंशन और आमदनी के हक़ वाली शिकायतें और अपीलें हर ज़िले के ADC हर सोमवार और वीरवार सुनेंगे
सोर्स: prharyana.gov.in · 10 फ़रवरी 2026 तक की जानकारी
समाधान शिविर (गुरुग्राम, 25 सितंबर 2026)
हर सोमवार और वीरवार, सुबह 10 से दोपहर 12 बजे, ज़िला और उपमंडल स्तर पर
सोर्स: prms.prharyana.gov.in · 25 सितंबर 2026 तक की जानकारी
आमदनी की जाँच, ग्राम सभा से (26 अगस्त 2026)
सरकारी योजनाओं के लिए गाँवों के परिवारों की आमदनी की जाँच ग्राम सभा से; रिलीज़ में पेंशन का नाम नहीं। लगभग 1.66 लाख परिवारों की आय जाँचने की ज़रूरत सामने आई थी। लक्ष्य: ग्राम सभा का काम 28 सितंबर 2026 तक, पहला दौर 2 अक्टूबर 2026 तक
सोर्स: prms.prharyana.gov.in · 26 अगस्त 2026 तक की जानकारी
नाम अलग होने से रुकी पेंशन (पलवल, 16 मार्च 2026)
आधार कार्ड, पेंशन ID, बैंक पासबुक की कॉपी और लिखित आवेदन लेकर DSWO दफ़्तर
सोर्स: prms.prharyana.gov.in · 16 मार्च 2026 तक की जानकारी
खाते की गड़बड़ी से रुकी पेंशन (करनाल, 6 सितंबर 2026)
ग़लत बैंक खाता, ग़लत IFSC या ग़लत आधार: पहले PPP में पूरा डेटा वेरिफ़ाई कराएँ, फिर डॉक्यूमेंट DSWO दफ़्तर में
सोर्स: prms.prharyana.gov.in · 6 सितंबर 2026 तक की जानकारी
PPP में सुधार (PPP ऑफ़िस की वेबसाइट)
नागरिक ख़ुद सुधार की अर्ज़ी दे सकते हैं: ‘सिटीज़न लॉग-इन’ के नीचे ‘करेक्शन मॉड्यूल’; PPP बनाना या अपडेट कराना मुफ़्त सेवा, ऑपरेटर को कोई फ़ीस नहीं
सोर्स: ppp-office.haryana.gov.in
करेक्शन मॉड्यूल (यूज़र मैनुअल, 26 अगस्त 2021)
14 फ़ील्ड: बैंक खाता और IFSC (बिना काग़ज़), आमदनी (राज्य का आय प्रमाण पत्र; जाँच स्थानीय कमेटी), नाम (आधार वाला), मोबाइल नंबर, मृत या ज़िंदा दिखाना (ज़िंदा: जन्म प्रमाण पत्र या सेल्फ़-डिक्लेरेशन, मंज़ूरी ADC) और कुछ और; जन्म-तारीख़ नहीं
सोर्स: ppp-office.haryana.gov.in · 26 अगस्त 2021 तक की जानकारी
‘वेरिफ़ाइड’ फ़ील्ड (PPP का दस्तावेज़, 24 दिसंबर 2020)
जो फ़ील्ड PPP में ‘वेरिफ़ाइड’ हो चुकी है, उसे नागरिक ख़ुद नहीं बदल सकता; PPP बनवाने में कोई फ़ीस नहीं (CSC, सरल केंद्र या PPP ऑपरेटर से)
सोर्स: ppp-office.haryana.gov.in · 24 दिसंबर 2020 तक की जानकारी
जन्म-तारीख़ का वेरिफ़िकेशन (हिसार, 5 अक्टूबर 2026)
PPP के सॉफ़्टवेयर की नई व्यवस्था में जन्म-तारीख़ का वेरिफ़िकेशन उपमंडल स्तर पर ही हो सकेगा (पहले ज़ोनल मैनेजर, फिर SDM का लॉगिन); पहले ADC का दफ़्तर करता था। रिलीज़ में ज़िले का नाम नहीं; उपायुक्त महेंद्र पाल की दूसरी रिलीज़ें हिसार की हैं
सोर्स: prms.prharyana.gov.in · 5 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
उम्र के सबूत (CRID, विधानसभा का 2023 का जवाब)
जन्म प्रमाण पत्र; स्कूल रिकॉर्ड के साथ स्कूल छोड़ने का सर्टिफ़िकेट; मैट्रिक का सर्टिफ़िकेट; 2017 या उससे पहले बना वोटर ID कार्ड
सोर्स: haryanaassembly.gov.in
हर महीने की लिस्ट (CRID की 8 जून 2022 की SOP)
हर महीने की 1 तारीख़ को अगले 3 महीने में 60 के होने वालों की पहचान; जो जन्म-तारीख़ या आमदनी ‘वेरिफ़ाइड’ नहीं, उसकी पहले जाँच, फिर नाम विभाग को; बंद पड़ा पेंशनर फिर हक़दार मिले तो भत्ता ‘चालू महीने’ से
सोर्स: haryanaassembly.gov.in · 8 जून 2022 तक की जानकारी
एक ही पेंशन (5 सितंबर 2017 का नोटिफ़िकेशन)
बुढ़ापा, विधवा, दिव्यांग जैसी पेंशनों में से एक ही
सोर्स: cdnbbsr.s3waas.gov.in
पेंशनर की मौत पर (23 अक्टूबर 2017 का नोटिफ़िकेशन)
जिस महीने मौत हो, उस पूरे महीने की पेंशन नॉमिनी को
सोर्स: cdnbbsr.s3waas.gov.in
आवेदन और पेमेंट (मुख्यमंत्री, 10 सितंबर 2026)
PPP के डेटा से पात्रता तय, बिना आवेदन घर बैठे पेंशन; उस दिन 15 पेंशन योजनाओं के 35,06,841 लोगों को ₹1,129.05 करोड़; इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता भी
सोर्स: prms.prharyana.gov.in · 10 सितंबर 2026 तक की जानकारी
पेमेंट का तरीक़ा (योजना पेज)
PFMS से सीधे बैंक खाते में, अगस्त 2020 से
सोर्स: sewa.haryana.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
स्टेटस
pension.socialjusticehry.gov.in पर पेंशन ID, खाता संख्या या आधार संख्या से
सोर्स: pension.socialjusticehry.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
विभाग की हेल्पलाइन (पेंशन पोर्टल)
0172-2715090; उसी पोर्टल पर सरल हेल्पलाइन 1800-2000-023 लिखी है
सोर्स: pension.socialjusticehry.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
PPP की हेल्पलाइन (शिकायत वाली वेबसाइट)
0172-4880500, सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 6 बजे
सोर्स: grievance.edisha.gov.in
सरल हेल्पलाइन (saralharyana.gov.in)
0172-3968400
सोर्स: saralharyana.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
साइबर ठगी की शिकायत
1930 या cybercrime.gov.in
सोर्स: cybercrime.gov.in · 14 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी
बढ़ोतरी का ऐलान (17 अक्टूबर 2025)
मुख्यमंत्री: 1 नवंबर 2025 से ₹200 की बढ़ोतरी, नवंबर से ₹3,200 महीना
सोर्स: prharyana.gov.in · 17 अक्टूबर 2025 तक की जानकारी
आदेश (12 फ़रवरी 2026 का प्रेस नोट)
बढ़ी दरें 1 नवंबर 2025 से लागू, उनका पेमेंट फ़रवरी 2026 में
सोर्स: prharyana.gov.in · 12 फ़रवरी 2026 तक की जानकारी
हरियाणा में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, जिसे लोग बुढ़ापा पेंशन कहते हैं, अब ₹3,200 महीना है। सेवा विभाग के योजना पेज के मुताबिक़ यह रकम 1 नवंबर 2025 से लागू है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के 10 सितंबर 2026 के बयान के मुताबिक़ अब इसके लिए आवेदन नहीं करना पड़ता। उनके मुताबिक़ परिवार पहचान पत्र (PPP) के डेटा से अपने आप तय होता है कि कौन हक़दार (पात्र) है, और पेंशन घर बैठे बनती है। पेंशन क्यों रुकी, इस पर मुख्यमंत्री ने 10 फ़रवरी 2026 को ‘दो लाख पेंशन कटने’ के दावे पर तीन वजहें बताईं। उनके मुताबिक़ इन मामलों में लगभग 1,03,000 पेंशनरों की मौत हो चुकी थी, लगभग 37,000 में असली उम्र 60 साल से कम निकली, और लगभग 39,000 में आमदनी की जाँच नहीं हुई थी। 18 फ़रवरी 2026 को सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि सिर्फ़ शिकायत वाले मामलों में पेंशन जाँच के लिए रोकी गई थी। उनके मुताबिक़ मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जाँच बाद में चलती रहे, पर किसी की पेंशन न रुके। आपकी पेंशन शुरू नहीं हुई या रुक गई है, तो पहले देखिए कि PPP में आपकी कौन-सी लाइन ग़लत है या जाँची नहीं गई। नीचे की तख़्ती पर अपना हाल टैप करके देखिए कि उसे कौन ठीक करेगा और कौन-सा काग़ज़ चाहिए।

हर महीने कितना पैसा मिलता है, और कब से?

हर महीने ₹3,200। सेवा विभाग के योजना पेज के मुताबिक़ यह रकम 1 नवंबर 2025 से है। उसी पेज के मुताबिक़ 1 जनवरी 2024 से ₹3,000 और 1 अप्रैल 2023 से ₹2,750 मिलते थे। पेंशन पोर्टल की योजना वाली PDF में भी 1 नवंबर 2025 से ₹3,200 लिखा है। 17 अक्टूबर 2025 के प्रेस नोट के मुताबिक़ मुख्यमंत्री ने उस दिन पंचकूला ज़िले में ₹200 बढ़ाने का ऐलान किया, और कहा कि नवंबर से ₹3,200 मिलेंगे। 12 फ़रवरी 2026 के प्रेस नोट के मुताबिक़ बढ़ी दरें 1 नवंबर 2025 से लागू होंगी और उनका पेमेंट फ़रवरी 2026 में होना था। मंत्री के 14 फ़रवरी 2026 के बयान के मुताबिक़ यह रकम सभी हक़दारों को 10 फ़रवरी 2026 को DBT से भेज दी गई। ₹3,200 के बाद की कोई नई बढ़ोतरी हमें 14 अक्टूबर 2026 की शाम तक सेवा विभाग की वेबसाइट, पेंशन पोर्टल या हरियाणा सरकार की प्रेस रिलीज़ में नहीं मिली।

यह पेंशन किसे मिलती है?

योजना पेज के मुताबिक़ ये तीन शर्तें हैं:
  • उम्र 60 साल या उससे ज़्यादा हो।
  • आप हरियाणा के स्थायी निवासी (डोमिसाइल) हों और हरियाणा में ही रहते हों।
  • आपकी और आपके पति या पत्नी की हर ज़रिए से कुल आमदनी साल में ₹3 लाख से ज़्यादा न हो।
5 अप्रैल 2023 के गज़ट नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ यह सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख की गई थी। योजना पेज और 7 जुलाई 2022 के गज़ट में आमदनी सिर्फ़ बुज़ुर्ग और उसके पति या पत्नी की गिनी गई है; बेटे-बहू का ज़िक्र नहीं है। पर नीचे बताई SOP के मुताबिक़ PPP में ‘परिवार की आमदनी’ वेरिफ़ाई होती है। बेटे-बहू की आमदनी का आपकी आमदनी पर क्या असर पड़ता है, यह हमें किसी सरकारी पेज पर नहीं मिला। निवास पर 7 जुलाई 2022 के गज़ट के मुताबिक़ PPP की लिस्ट में वे लोग आते हैं, जो कम से कम 15 साल से हरियाणा में रहते हैं; योजना पेज पर बस ‘डोमिसाइल और निवासी’ लिखा है। सरकारी पेंशन वालों पर तीन सरकारी पन्ने एक-सी बात नहीं कहते। योजना पेज के मुताबिक़ सरकार या किसी सरकारी संस्था से पेंशन पाने वाले इस भत्ते के हक़दार नहीं; वहाँ ‘पेंशन’ में प्रॉविडेंट फ़ंड और एन्युटी (तय समय पर मिलने वाली रकम) भी गिनी गई है। 8 जुलाई 2024 के गज़ट के मुताबिक़ पुरानी मनाही की जगह नया नियम लिखा गया है। इसके मुताबिक़ सरकार, स्थानीय निकाय, क़ानून से बनी संस्था (वैधानिक निकाय) या सरकार की अपनी संस्था से रिटायर व्यक्ति की पेंशन या एन्युटी इस भत्ते से कम हो, तो बाक़ी शर्तें पूरी होने पर उसे दोनों के फ़र्क़ जितना भत्ता मिलेगा। 27 जून 2024 की प्रेस रिलीज़ की सुर्ख़ी EPF पेंशनरों की है, पर उसमें आगे गज़ट जैसी ही बात है। योजना पेज पर यह बदलाव 14 अक्टूबर 2026 तक नहीं लिखा था। ऐसी पेंशन मिलती हो, तो ज़िला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) से पूछें कि कौन-सा नियम लागू होगा। 5 सितंबर 2017 के नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं में से एक व्यक्ति एक ही पेंशन ले सकता है, चाहे वह एक से ज़्यादा का हक़दार हो।

60 साल होने पर पेंशन अपने आप कैसे बनती है?

PPP से, बिना आवेदन। 7 जुलाई 2022 के गज़ट नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ 31 मार्च 2022 से नए पेंशनर इसी तरीक़े से जुड़ते हैं, और इसके लिए परिवार पहचान नंबर ज़रूरी है। PPP न हो, तो PPP की वेबसाइट के लॉग-इन मेन्यू में उसे बनाने का विकल्प है। उसी नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ PPP से आई जानकारी (उम्र, आमदनी, निवास, बैंक खाता) की विभाग आम तौर पर दोबारा जाँच नहीं करता। उसी में लिखा है कि ग़लती की ख़बर मिले, तो विभाग उसे परिवार पहचान प्राधिकरण (HPPA) की ऑनलाइन शिकायत प्रक्रिया से जाँच के लिए भेज सकता है। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) की 8 जून 2022 की SOP (काम का तय तरीक़ा) विधानसभा में 2023 के एक जवाब के साथ रखी गई थी। उसके मुताबिक़ हर महीने की 1 तारीख़ को PPP का सिस्टम इन्हें चुनता है:
  • जो अगले 3 महीने में 60 साल के होने वाले हैं।
  • जो 60 के हो चुके हैं, पर न पेंशन ले रहे हैं, न मना किया है।
SOP के मुताबिक़ जिनकी जन्म-तारीख़ या आमदनी ‘वेरिफ़ाइड’ नहीं है, उनका डेटा पहले स्थानीय कमेटी जाँचती है; दोनों ‘वेरिफ़ाइड’ हों, तभी डेटा विभाग को जाता है। इसके बाद सहमति ली जाती है। 2022 के नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ ज़िला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) का दफ़्तर या सरकार का भेजा कर्मचारी आपसे कॉन्टैक्ट करके सहमति लेता है। उसके मुताबिक़ DSWO देखता है कि आपको कोई दूसरी पेंशन तो नहीं मिल रही, और पेंशन ID अगले महीने की 7 तारीख़ तक बनती है। सेवा विभाग के एक पेज के मुताबिक़ फ़ोटो और आधार मोबाइल ऐप से घर जाकर लिए जाते हैं। 2022 के बाद की कोई नई SOP हमें 15 अक्टूबर 2026 की तड़के तक नहीं मिली। इसलिए 60 के क़रीब हों, तो PPP में जन्म-तारीख़ और आमदनी की लाइनें देख लें।

पेंशन का स्टेटस ख़ुद कैसे देखें?

विभाग के पेंशन पोर्टल पर ‘लाभार्थी के पेंशन विवरण देखें’ वाला पेज है। वहाँ पेंशन ID, बैंक खाता संख्या या आधार संख्या में से एक चुनकर नंबर और स्क्रीन पर दिखा सिक्योरिटी कोड भरना होता है। पेंशन ID हो, तो वही भरें। इसी पोर्टल पर ज़िला, गाँव या वार्ड चुनकर पेंशन पाने वालों की लिस्ट भी देखी जा सकती है। पेंशन पोर्टल के मुताबिक़ विभाग की हेल्पलाइन 0172-2715090 है। PPP की शिकायत वाली वेबसाइट के मुताबिक़ PPP की अपनी हेल्पलाइन 0172-4880500 है (सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 6 बजे)।

पेंशन रुक क्यों गई?

मुख्यमंत्री ने 10 फ़रवरी 2026 को कहा कि पेंशन ‘काटी नहीं, रोकी गई है’। उनके मुताबिक़ कांग्रेस के नेता कह रहे थे कि दो लाख लोगों की पेंशन काट दी गई। मुख्यमंत्री ने इसकी तीन वजहें बताईं:
  • मौत: लगभग 1,03,000 मामले, यानी आधे से ज़्यादा। मुख्यमंत्री के मुताबिक़ रजिस्ट्रार जनरल ऑफ़ इंडिया के पोर्टल की तकनीकी दिक़्क़त से अक्टूबर 2024 से हरियाणा की मौतों का डेटा नहीं मिल रहा था; वह नवंबर 2025 में मिला, तो ऐसी पेंशनें एक साथ बंद हुईं।
  • उम्र: लगभग 37,000 मामलों में असली उम्र 60 साल से कम निकली। मुख्यमंत्री के मुताबिक़ लोगों ने डेटाबेस में छेड़छाड़ करके पेंशन मंज़ूर करा ली थी; ये पेंशनें रोकी गई हैं, और 60 साल से ज़्यादा उम्र का सबूत देने पर फिर शुरू होंगी।
  • आमदनी: लगभग 39,000 मामलों में स्थानीय कमेटी और सेक्टर कमेटी ने आमदनी के हिसाब से हक़ की जाँच नहीं की थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक़ सबूत देने पर जाँच होगी, और सही निकला तो पेंशन फिर शुरू होगी।
आठ दिन बाद, 18 फ़रवरी 2026 को, जींद ज़िले के उचाना में मंत्री बेदी ने कहा कि सरकार ने न किसी की पेंशन बंद की, न काटने की कोई योजना थी। उनके मुताबिक़ सिर्फ़ जिनकी शिकायत थी, उनकी पेंशन अधिकारियों ने जाँच के लिए रोकी थी, और मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जाँच बाद में चलती रहे, पर किसी की पेंशन नहीं रुकनी चाहिए। अगले दिन, 19 फ़रवरी 2026 को, चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री ने यही गिनती फिर बताई: 1,03,000 से ज़्यादा मामलों में मौत, लगभग 37,000 में उम्र ग़लत दर्ज करवाई गई थी, और 39,000 में वेरिफ़िकेशन बाक़ी। उनके मुताबिक़ डॉक्यूमेंट की जाँच की जा रही है। इन मामलों में से कितनी पेंशनें फिर शुरू हुईं, इसकी गिनती या आदेश हमें 15 अक्टूबर 2026 की तड़के तक सेवा विभाग, पेंशन पोर्टल और हरियाणा सरकार की प्रेस रिलीज़ में नहीं मिला। इसके बाद की ज़िलों की प्रेस रिलीज़ में कुछ और वजहें लिखी हैं। पलवल के उपायुक्त के मुताबिक़ (16 मार्च 2026) कई बुज़ुर्गों की पेंशन इसलिए फ़िलहाल रोकी गई, क्योंकि पेंशन रिकॉर्ड और आधार कार्ड में नाम अलग था, या रिकॉर्ड में किसी और का आधार दर्ज था। करनाल के ज़िला समाज कल्याण अधिकारी के मुताबिक़ (6 सितंबर 2026) ग़लत बैंक खाता, ग़लत IFSC कोड या ग़लत आधार अपलोड होने से भी पेंशनें रुकी हैं। 2022 की SOP के मुताबिक़ PPP का सिस्टम हर महीने की 1 तारीख़ को सभी पेंशनरों और उनके पति या पत्नी की ‘वेरिफ़ाइड’ आमदनी देखता है। इसके मुताबिक़ आमदनी सीमा से ऊपर हो, तो पेंशन बंद हो जाती है। SOP में सीमा ₹2 लाख लिखी है; अप्रैल 2023 से यह सीमा ₹3 लाख है।

PPP में उम्र या आमदनी ग़लत हो, तो कहाँ जाएँ?

PPP की ग़लती नागरिक ख़ुद भी ठीक करा सकते हैं। PPP ऑफ़िस की वेबसाइट के मुताबिक़ ‘सिटीज़न लॉग-इन’ के नीचे ‘करेक्शन मॉड्यूल’ है। 26 अगस्त 2021 के यूज़र मैनुअल के मुताबिक़ उसमें बैंक खाता और IFSC (बिना काग़ज़), आमदनी (राज्य का आय प्रमाण पत्र लगाकर), नाम (सिर्फ़ आधार वाला) और मोबाइल नंबर जैसी 14 फ़ील्ड हैं। जन्म-तारीख़ उनमें नहीं है। उसी मैनुअल के मुताबिक़ ‘मृत’ दिखाए गए सदस्य को ‘ज़िंदा’ दिखाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र या सेल्फ़-डिक्लेरेशन लगता है। 24 दिसंबर 2020 के PPP दस्तावेज़ के मुताबिक़ ‘वेरिफ़ाइड’ फ़ील्ड नागरिक ख़ुद नहीं बदल सकता। उम्र ठीक कराने के लिए सबूत चाहिए। विधानसभा के 2023 के जवाब के मुताबिक़ तब CRID PPP में उम्र के सबूत के तौर पर ये डॉक्यूमेंट लेता था:
  • जन्म प्रमाण पत्र।
  • स्कूल रिकॉर्ड के साथ स्कूल छोड़ने का सर्टिफ़िकेट।
  • मैट्रिक का सर्टिफ़िकेट।
  • 2017 या उससे पहले बना वोटर ID कार्ड।
मुख्यमंत्री ने 19 मई 2026 की एक बैठक में कहा कि उम्र की जाँच के रुके हुए आवेदन ADC (अतिरिक्त उपायुक्त) के ज़रिए वेरिफ़ाई हों। उनके मुताबिक़ इसके लिए सबसे बड़ी संतान की उम्र को भी आधार माना जा सकता है। हिसार के उपायुक्त की 5 अक्टूबर 2026 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ PPP के सॉफ़्टवेयर की नई व्यवस्था में जन्म-तारीख़ का वेरिफ़िकेशन अब उपमंडल स्तर पर ही हो सकेगा। उसके मुताबिक़ पहला स्तर ज़ोनल मैनेजर का है; रिक्वेस्ट वेरिफ़ाई होने पर उपमंडल अधिकारी (SDM) के लॉगिन से जन्म-तारीख़ वेरिफ़ाई होगी। रिलीज़ के मुताबिक़ पहले यह काम ADC का दफ़्तर करता था। आमदनी के लिए ADC के पास जाएँ। मुख्यमंत्री के 10 फ़रवरी 2026 के बयान के मुताबिक़ पेंशन और आमदनी वाली शिकायतें और अपीलें हर ज़िले के ADC हर सोमवार और वीरवार को सुनेंगे। मुख्य सचिव की 26 अगस्त 2026 की बैठक की रिलीज़ के मुताबिक़ सरकारी योजनाओं के लिए गाँवों में आमदनी की जाँच ग्राम सभा से भी हो रही है; उसमें पेंशन का नाम नहीं है। नाम या बैंक की गड़बड़ी हो, तो ज़िला समाज कल्याण अधिकारी के दफ़्तर जाएँ। पलवल के उपायुक्त ने साथ लाने को कहा था: आधार कार्ड, पेंशन ID, बैंक पासबुक की कॉपी और एक लिखित आवेदन। करनाल के DSWO के मुताबिक़ पहले PPP में अपना पूरा डेटा वेरिफ़ाई कराएँ, फिर डॉक्यूमेंट DSWO दफ़्तर में दें। गुरुग्राम की 25 सितंबर 2026 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ समाधान शिविर हर सोमवार और वीरवार सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक ज़िला और उपमंडल स्तर पर लगते हैं; अपने ज़िले में वक़्त पूछ लें। राइट टू सर्विस पेज के मुताबिक़ इस भत्ते के लिए ज़िम्मेदार अफ़सर ज़िला समाज कल्याण अधिकारी है; उसके बाद पहली शिकायत ADC सुनते हैं और दूसरी उपायुक्त (DC)। पेंशन फिर शुरू हुई, तो क्या रुके महीनों का पैसा भी मिलेगा? 2022 की SOP के मुताबिक़ बंद पड़ा पेंशनर फिर हक़दार पाया जाए, तो भत्ता ‘चालू महीने’ से फिर शुरू होता है। रुके महीनों का बकाया मिलेगा या नहीं, यह हमें किसी सरकारी पेज पर नहीं मिला।

पैसा हर महीने कब आता है?

मंत्री के मुताबिक़ हर महीने की 10 तारीख़ को। सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने 14 फ़रवरी 2026 को नरवाना में कहा कि सभी सामाजिक भत्ते और पेंशन अब हर महीने की 10 तारीख़ को बैंक खाते में सीधे डाले जाएँगे। उनके मुताबिक़ इसका मक़सद है कि पेंशन वालों को एक तय तारीख़ को पैसा मिले। इस बारे में कोई आदेश या नोटिफ़िकेशन हमें 15 अक्टूबर 2026 की तड़के तक नहीं मिला। पैसा सीधे बैंक खाते में आता है। योजना पेज के मुताबिक़ अगस्त 2020 से पेंशन PFMS नाम के सरकारी पेमेंट सिस्टम से सीधे खाते में भेजी जाती है। 10 सितंबर 2026 की रिलीज़ के मुताबिक़ उस दिन 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के 35,06,841 लोगों के खातों में ₹1,129.05 करोड़ भेजे गए; इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता भी था। ऐसे ऐलान 10 फ़रवरी 2026, 8 मई 2026 और 10 अगस्त 2026 को भी हुए। इनमें यह नहीं लिखा कि पैसा किस महीने की पेंशन का था। अक्टूबर 2026 का ऐसा कोई ऐलान हमें 14 अक्टूबर 2026 की शाम तक हरियाणा सरकार की प्रेस रिलीज़ में नहीं मिला।

फ़र्ज़ी कॉल और मैसेज से कैसे बचें?

इस पेंशन के लिए आवेदन नहीं करना पड़ता, इसलिए ‘फ़ॉर्म भरवाने’ या ‘पेंशन बनवाने’ के नाम पर पैसा माँगने वालों से सावधान रहें। 2022 के नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़ सहमति के लिए DSWO का दफ़्तर या सरकार का भेजा कर्मचारी कॉन्टैक्ट करता है। PPP ऑफ़िस की वेबसाइट के मुताबिक़ PPP बनाना या अपडेट कराना मुफ़्त सेवा है; ऑपरेटर को कोई फ़ीस देने की ज़रूरत नहीं। हमने जो सरकारी नोटिफ़िकेशन पढ़े, उनमें इस पेंशन के लिए किसी फ़ीस का ज़िक्र नहीं है। भिवानी की 20 सितंबर 2026 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ बुज़ुर्गों के एक कार्यक्रम में बताया गया कि OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक या UPI की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। रिलीज़ के मुताबिक़ फ़र्ज़ी बैंक अफ़सर के कॉल से भी सावधान रहें। साइबर ठगी हो जाए, तो 1930 पर फ़ोन करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। OTP, PIN और पासवर्ड किसी को न बताएँ, चाहे फ़ोन करने वाला ख़ुद को बैंक या पेंशन दफ़्तर का बताए। स्कीम समाचार आपसे कोई जानकारी या पैसा नहीं माँगता। अपना आधार, बैंक खाता या मोबाइल नंबर सिर्फ़ सरकारी वेबसाइट पर, सरकारी दफ़्तर में या अपने बैंक में दें।

ख़ुद कहाँ जाँचें?

इन सरकारी पेजों पर:

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