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Ladki Bahin eKYC Last Date 2026: आख़िरी तारीख़ बीत गई, नई तारीख़ और अगली किस्त की तारीख़ सरकारी पेजों पर नहीं
सरकार की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ e-KYC की आख़िरी तारीख़ 31 मार्च 2026 थी, सुधार की 30 अप्रैल 2026। 14 अक्टूबर 2026 की शाम तक नई तारीख़ या अगली किस्त की तारीख़ हमें सरकारी पेजों पर नहीं मिली।

महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना में e-KYC ज़रूरी की गई थी, और सरकार ने इसकी जो आख़िरी तारीख़ें बताई थीं, वे सब निकल चुकी हैं। राज्य सरकार के सूचना विभाग (DGIPR) की 1 अप्रैल 2026 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ e-KYC की आख़िरी तारीख़ 31 मार्च 2026 थी। उसी रिलीज़ के मुताबिक़ जिनकी e-KYC अधूरी थी या जिनसे गलत जानकारी भर गई थी, उन्हें सुधार के लिए 30 अप्रैल 2026 तक का समय मिला था।
14 अक्टूबर 2026 की शाम तक हमें योजना की वेबसाइट, महिला व बाल विकास विभाग की वेबसाइट, DGIPR की प्रेस रिलीज़ और आकाशवाणी की खबरों में e-KYC की कोई नई तारीख़ नहीं मिली। इन पेजों पर सितंबर और अक्टूबर 2026 की किस्त की कोई तारीख़ भी नहीं थी। नए फ़ॉर्म भी नहीं भरे जा रहे: 12 अप्रैल 2026 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ योजना के लिए नया रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया है।
ज़रूरी फ़ैक्ट्स
सभी आंकड़े जाँचे गए:
- e-KYC ज़रूरी
- योजना की सभी महिलाओं के लिए, सितंबर 2025 से (आकाशवाणी की 19 सितंबर 2025 की खबर)
- e-KYC की शुरुआत
- 18 सितंबर 2025 से, दो महीने के लिए; पहली आख़िरी तारीख़ 18 नवंबर 2025 (DGIPR, 28 अक्टूबर 2025)
- तारीख़ बढ़ी (नवंबर 2025)
- 31 दिसंबर 2025 (आकाशवाणी, 17 नवंबर 2025)
- सुधार का एक मौक़ा
- 31 दिसंबर 2025 तक (आकाशवाणी, 13 दिसंबर 2025)
- e-KYC की आख़िरी तारीख़
- 31 मार्च 2026 (DGIPR की 1 अप्रैल 2026 की रिलीज़)
- सुधार की आख़िरी तारीख़
- 30 अप्रैल 2026: अर्ज में गलती, अधूरी e-KYC, गलत जानकारी या तकनीकी दिक्कत वाली महिलाओं के लिए (DGIPR, 1 अप्रैल 2026)
बाक़ी 19 फ़ैक्ट्स, सोर्स के साथ
- इसके बाद की तारीख़
- 14 अक्टूबर 2026 की शाम तक योजना की वेबसाइट, विभाग की वेबसाइट, DGIPR और आकाशवाणी पर कोई नई तारीख़ नहीं मिली; लॉगिन से पहले के मेन्यू में e-KYC का बटन नहीं था
- विभाग का अपना बयान
- विभाग की वेबसाइट के मुखपृष्ठ पर दिखते उसके फ़ेसबुक फ़ीड में सबसे नई e-KYC पोस्ट: e-KYC की तय मोहलत ख़त्म हो चुकी है; मोहलत बढ़ने की ख़बरें ‘पूरी तरह अफ़वाह’ हैं (14 अक्टूबर 2026 की रात देखा)
- e-KYC पेज के कोड में मिले सवाल
- योजना की वेबसाइट के कोड में: अपना आधार, कैप्चा, सहमति, OTP। एक दूसरी (gov.in नहीं) वेबसाइट के कोड में: पति या पिता ज़िंदा हों तो उनका आधार और OTP; परिवार में नियमित/स्थायी सरकारी कर्मचारी या सरकारी पेंशन पर दो सवाल; नोट: सबूत 31 दिसंबर 2025 तक अंगणवाडी सेविका के पास जमा न हुआ तो e-KYC अधूरी। पेज खुला हुआ नहीं देखा; क्रम पक्का नहीं (14 अक्टूबर 2026)
- पति या पिता न रहे, या तलाक़ हो चुका
- अपनी e-KYC, और मौत या तलाक़ के सर्टिफ़िकेट या कोर्ट के आदेश की सत्यप्रत: आकाशवाणी के मुताबिक़ ज़िले के महिला व बाल विकास अधिकारी के पास
- e-KYC न कर पाने वाली महिलाएँ
- ज़िले के दफ़्तर में कागज़ जमा करने का कोई निर्देश नहीं, ऐसा कोई फ़ैसला नहीं (महिला व बाल विकास विभाग, 19 मई 2026)
- नया रजिस्ट्रेशन
- बंद (DGIPR, 12 अप्रैल 2026)
- भटके-विमुक्त परिवारों के शिविर
- 27 से 29 सितंबर 2026, फिर हर तिमाही का पहला मंगलवार; लाडकी बहीण समेत कई योजनाओं से जुड़े विभागों के अधिकारी ‘पात्र लाभार्थियों’ को लाभ देने के लिए मौजूद; नए फ़ॉर्म का ज़िक्र नहीं (DGIPR, 16 सितंबर 2026)
- हर महीने का पैसा
- ₹1,500, 21 से 65 साल की हक़दार (पात्र) महिलाओं को, सीधे बैंक खाते में (DBT)
- ₹2,100 की बात
- ₹2,100 की किस्त ‘योग्य वेळी’ (जब सही समय आए) दी जाएगी: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, विधानसभा, 10 दिसंबर 2025; कोई तारीख़ सरकारी पेज पर नहीं मिली
- सितंबर और अक्टूबर 2026 की किस्त
- 14 अक्टूबर 2026 की शाम तक कोई तारीख़ योजना की वेबसाइट, विभाग, DGIPR या आकाशवाणी पर नहीं मिली
- अर्ज और e-KYC (10 दिसंबर 2025)
- 2,43,82,936 अर्ज हक़दार (पात्र) माने गए; 1.74 करोड़ से ज़्यादा महिलाओं की e-KYC पूरी (मंत्री आदिती तटकरे)
- योजना का पैसा पाने वाली महिलाएँ (11 जून 2026 को)
- 1.66 करोड़ महिलाएँ (मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, 11 जून 2026)
- छानबीन (25 अगस्त 2025)
- 26 लाख नामों की छानबीन का आदेश, जिन्हें सूचना-तकनीक (IT) विभाग ने हक़दार नहीं बताया
- जाँच में मिला (10 दिसंबर 2025)
- 12 से 14 हज़ार महिलाओं के नाम पर पुरुषों के बैंक खाते; 8 हज़ार सरकारी कर्मचारियों से पैसा वापस लिया जा रहा था
- कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी
- ₹2.5 लाख तक आमदनी वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी, बाहरी एजेंसी वाले कर्मचारी और स्वयंसेवी कामगार हक़दार (वेबसाइट की ‘अपात्रता’ लिस्ट)
- e-KYC के नाम पर ठगी और बदसलूकी
- जलगाँव में e-KYC के बहाने ‘गैरवर्तन’ (बदसलूकी) का मामला; केस दर्ज, 12 अप्रैल 2026 को पुलिस जाँच; e-KYC के लिए बिचौलिए की ज़रूरत नहीं (DGIPR, 12 अप्रैल 2026)
- बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं
- myAadhaar पर या NPCI की वेबसाइट पर बैंक सीडिंग स्टेटस (UIDAI)
- योजना की हेल्पलाइन
- 181 (टोल-फ़्री, योजना की वेबसाइट पर)
- साइबर ठगी की शिकायत
- 1930 या cybercrime.gov.in
e-KYC में आपके जैसे परिवार से क्या-क्या माँगा जाता था, और अब आप क्या कर सकती हैं, यह नीचे आईने में अपने हाल के हिसाब से देखिए।
क्या लाडकी बहीण में e-KYC ज़रूरी है, और क्यों?
हाँ। सितंबर 2025 में सरकार ने इसे योजना का पैसा लेने वाली हर महिला के लिए ज़रूरी किया। आकाशवाणी की 19 सितंबर 2025 की खबर के मुताबिक़ मंत्री आदिती तटकरे ने दो महीने के अंदर KYC पूरी करने की अपील की, और उसकी हेडलाइन में लिखा है कि योजना की सभी महिलाओं के लिए KYC पूरी करना ‘बंधनकारक’, यानी ज़रूरी है।
वजह आकाशवाणी की उसी खबर में लिखी है। उसके मुताबिक़ मंत्री आदिती तटकरे ने सोशल मीडिया के अपने संदेश में कहा कि योजना में पारदर्शिता बनी रहे, यानी सब कुछ साफ़ दिखे, और हक़दार (पात्र) महिलाओं को पैसा नियमित मिले, इसलिए e-KYC पूरी करें। 19 सितंबर 2025 की दूसरी प्रेस रिलीज़ (DGIPR) के मुताबिक़ विभाग e-KYC से महिलाओं के आधार की जाँच करेगा। मंत्री के मुताबिक़ इससे आगे दूसरी सरकारी योजनाओं का फ़ायदा लेने में भी मदद मिलेगी।
e-KYC से पहले और उसके साथ-साथ, सरकार पैसा लेने वालों की छानबीन भी कर रही थी। आकाशवाणी की 25 अगस्त 2025 की खबर के मुताबिक़ राज्य सरकार ने ज़िलों को 26 लाख नामों की छानबीन का आदेश दिया था, जिन्हें राज्य के सूचना-तकनीक (IT) विभाग ने हक़दार नहीं बताया था। आकाशवाणी की 10 दिसंबर 2025 की खबर के मुताबिक़ मंत्री आदिती तटकरे ने बताया कि जाँच में 12 से 14 हज़ार महिलाओं के नाम पर पुरुषों के बैंक खाते जुड़े मिले थे।
e-KYC की आख़िरी तारीख़ क्या थी, और अब क्या है?
e-KYC की आख़िरी तारीख़ कई बार आगे बढ़ी, और जो आख़िरी मोहलत हमें सरकारी पेजों पर मिली, वह 30 अप्रैल 2026 को ख़त्म हुई। उसके बाद की कोई नई तारीख़ हमें नहीं मिली। सरकार की प्रेस रिलीज़ और आकाशवाणी की खबरों के मुताबिक़ क्रम यह रहा:
- 18 सितंबर 2025: योजना की वेबसाइट पर e-KYC शुरू हुई, दो महीने के लिए (DGIPR, 28 अक्टूबर 2025)।
- 18 नवंबर 2025: पहली आख़िरी तारीख़ (वही रिलीज़)।
- 31 दिसंबर 2025: तारीख़ बढ़ी (आकाशवाणी, 17 नवंबर 2025 और DGIPR, 17 नवंबर 2025)। आकाशवाणी की 13 दिसंबर 2025 की खबर के मुताबिक़ 31 दिसंबर 2025 तक e-KYC में एक बार सुधार का मौक़ा भी दिया गया।
- 31 मार्च 2026: e-KYC की आख़िरी तारीख़ (DGIPR, 1 अप्रैल 2026)। यह तारीख़ 31 दिसंबर 2025 से कब और कैसे बढ़ी, इसकी प्रेस रिलीज़ हमें नहीं मिली।
- 30 अप्रैल 2026: सुधार की आख़िरी तारीख़ (वही रिलीज़)।
तारीख़ बढ़ाने की वजहें भी रिलीज़ में लिखी हैं। 17 नवंबर 2025 की DGIPR रिलीज़ के मुताबिक़ कुछ ज़िलों में प्राकृतिक आपदा आई थी, महिलाओं ने दिक्कतें बताई थीं, और पति या पिता की मौत की वजह से कुछ महिलाओं को उनके आधार नंबर पर OTP मिलना मुमकिन नहीं था। 1 अप्रैल 2026 की रिलीज़ के मुताबिक़ बेमौसम बारिश, ओलों और महिलाओं की माँग की वजह से तारीख़ बढ़ी।
30 अप्रैल 2026 के बाद की कोई नई तारीख़ हमें 14 अक्टूबर 2026 की शाम तक योजना की वेबसाइट, विभाग की वेबसाइट, DGIPR की 2026 की प्रेस रिलीज़ या आकाशवाणी पर नहीं मिली। विभाग की वेबसाइट के मुखपृष्ठ पर उसका फ़ेसबुक फ़ीड दिखता है। 14 अक्टूबर 2026 की रात उसकी सबसे नई e-KYC पोस्ट के मुताबिक़ e-KYC की मोहलत ख़त्म हो चुकी है, और मोहलत बढ़ने की ख़बरें ‘पूरी तरह अफ़वाह’ हैं। कई खबरों में लिखा है कि सितंबर 2025 के सरकारी आदेश (GR) के मुताबिक़ e-KYC हर साल दोबारा करनी होगी। वह आदेश हम पढ़ नहीं सके (आदेशों वाली सरकारी वेबसाइट की खोज में कैप्चा था), इसलिए यह बात न पक्की कह रहे हैं, न ग़लत। यह हमें किसी सरकारी पेज पर नहीं मिली।
e-KYC कहाँ होती थी, और पेज क्या-क्या पूछता था?
e-KYC योजना की वेबसाइट ladakibahin.maharashtra.gov.in पर होती थी। DGIPR की 12 अप्रैल 2026 की रिलीज़ के मुताबिक़ महिलाएँ इसे अपने मोबाइल से ख़ुद कर सकती थीं, या पास की अंगणवाडी सेविका की मदद ले सकती थीं। 14 अक्टूबर 2026 की शाम वेबसाइट के होम पेज और लॉगिन से पहले के मेन्यू में e-KYC का कोई बटन नहीं था। उस मेन्यू में बस चार चीज़ें थीं: मुखपृष्ठ, योजनेची माहिती, आवश्यक कागदपत्रे और अर्जदार लॉगिन। लॉगिन के बाद का हिस्सा हम नहीं देख सके।
हमने e-KYC का पेज खुला हुआ नहीं देखा। उसके सवाल हमने प्रोग्राम-कोड से पढ़े हैं (पेज मराठी में है, उसके शब्द ब्रैकेट में हैं)। योजना की वेबसाइट के अपने कोड में महिला के अपने आधार का हिस्सा है:
- अपना आधार नंबर, स्क्रीन पर दिखा कोड (कैप्चा) और आधार से पहचान की सहमति (‘मला सहमती आहे’)। फिर OTP, जो आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आता है।
पति या पिता वाले सवाल एक दूसरी कंपनी की वेबसाइट के कोड में हैं, जिसे योजना का e-KYC पेज अपने अंदर दिखाता है। वह वेबसाइट सरकारी (gov.in) नहीं है, और 14 अक्टूबर 2026 की जाँच में उसका सिक्योरिटी सर्टिफ़िकेट 15 अगस्त 2026 को ख़त्म हो चुका था, इसलिए हमें नहीं पता कि पेज अभी खुलता है या नहीं। उसके कोड में, इसी क्रम में, ये चीज़ें मिलीं। दोनों हिस्सों में कौन-सा पहले आता था, यह पक्का नहीं:
- आप शादीशुदा हैं या नहीं (‘विवाहित’ या ‘अविवाहित’)।
- शादीशुदा हैं तो: पति ज़िंदा हैं, पति की मौत हो चुकी, या तलाक़ हो चुका (‘पती हयात आहे’, ‘पतीचे निधन झाले’, ‘घटस्फोटित’)। अविवाहित हैं तो: पिता ज़िंदा हैं या नहीं (‘वडील हयात आहे’, ‘वडिलांचे निधन झाले’)।
- पति या पिता ज़िंदा हैं, तो उनका आधार नंबर, और उनके आधार से जुड़े मोबाइल पर आया OTP।
- दो सवाल, ‘आहे’ (हाँ) या ‘नाही’ (नहीं) में: क्या परिवार का कोई सदस्य सरकारी विभाग, सरकारी कंपनी (उपक्रम) या बोर्ड (मंडल), भारत सरकार या राज्य सरकार की स्थानीय संस्था में नियमित या स्थायी कर्मचारी है? और क्या कोई सदस्य वहाँ से रिटायर होकर पेंशन लेता है?
- आख़िर में एक डिक्लेरेशन पर टिक: दोनों सवालों के जवाब सही हैं, और झूठी जानकारी निकली तो सख़्त कार्रवाई हो सकती है।
ये दो सवाल योजना के एक नियम से मेल खाते हैं: योजना की वेबसाइट की ‘अपात्रता’ लिस्ट के मुताबिक़ जिस परिवार में ऐसा नियमित या स्थायी सरकारी कर्मचारी या ऐसी पेंशन लेने वाला हो, वह परिवार हक़दार (पात्र) नहीं है, पर ₹2.5 लाख तक कमाने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी, बाहरी एजेंसी वाले कर्मचारी और स्वयंसेवी कामगार हक़दार हैं।
जिनके पति या पिता ज़िंदा नहीं, या जिनका तलाक़ हो चुका, उनसे कोड के मुताबिक़ पेज पति या पिता का OTP नहीं माँगता था। कोड में उनके लिए नोट है: पति या पिता के न रहने का, या तलाक़ का सबूत 31 दिसंबर 2025 तक अंगणवाडी सेविका के पास जमा न किया, तो e-KYC ‘अपूर्ण’, यानी अधूरी मानी जाएगी। आकाशवाणी की 17 नवंबर 2025 की खबर के मुताबिक़ ऐसी महिलाओं को अपनी e-KYC करके मौत का सर्टिफ़िकेट, तलाक़ का सर्टिफ़िकेट या कोर्ट के आदेश की सत्यप्रत (अटेस्टेड कॉपी) ज़िले के महिला व बाल विकास अधिकारी के पास जमा करनी थी। DGIPR की उसी दिन की रिलीज़ में जगह नहीं लिखी। यानी जगह अलग-अलग लिखी मिली: आकाशवाणी पर ज़िले का अधिकारी, कोड के नोट में अंगणवाडी सेविका। नोट वाली बात हमें किसी सरकारी (gov.in) पेज पर नहीं मिली।
जिनके पति ज़िंदा हैं पर साथ नहीं रहते, उनके लिए कोड में कोई अलग विकल्प नहीं मिला, जबकि योजना की ‘पात्रता’ लिस्ट में परित्यक्ता (पति की छोड़ी हुई) महिलाएँ भी हैं। ऐसी महिलाओं की e-KYC के बारे में हमें किसी सरकारी नोट में कुछ नहीं मिला।
e-KYC छूट गई, तो क्या होगा?
e-KYC छूटने पर पैसे का क्या होगा, यह हमें किसी सरकारी पेज पर साफ़ लिखा नहीं मिला। कई खबरों में लिखा है कि सितंबर 2025 के उसी सरकारी आदेश (GR) के मुताबिक़ e-KYC न होने पर पैसा रोका जाएगा; आदेश हम पढ़ नहीं सके, इसलिए यह भी पक्का नहीं कह रहे। विभाग के फ़ेसबुक फ़ीड की मार्च 2026 की एक पोस्ट के मुताबिक़ e-KYC में गलती से गलत विकल्प चुनने से जिन महिलाओं को पैसा नहीं मिला था, उन्हें सुधारने का एक और मौक़ा दिया गया था। DGIPR की 19 मई 2026 की रिलीज़ के मुताबिक़ जो महिलाएँ e-KYC नहीं कर पाईं, उन्हें ज़िले के महिला व बाल विकास दफ़्तर में कागज़ जमा करने का कोई निर्देश सरकार ने नहीं दिया है, और ऐसा कोई फ़ैसला भी नहीं हुआ। महिला व बाल विकास विभाग ने ऐसी ‘गलत खबरों’ पर भरोसा न करने को कहा।
सरकारी पेजों पर दो गिनतियाँ मिलीं। आकाशवाणी की 10 दिसंबर 2025 की खबर के मुताबिक़ मंत्री आदिती तटकरे ने बताया कि विभाग ने 2,43,82,936 अर्ज हक़दार (पात्र) माने थे, और 1.74 करोड़ से ज़्यादा महिलाओं की e-KYC पूरी हो चुकी थी। DGIPR की 11 जून 2026 की रिलीज़ के मुताबिक़ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि योजना में ‘सध्या’, यानी अभी, 1.66 करोड़ महिलाएँ पैसा पा रही हैं। ये गिनतियाँ अलग-अलग चीज़ें और अलग-अलग तारीख़ों पर गिनती हैं। e-KYC की वजह से अगर किसी का नाम हटा या पैसा रुका, तो ऐसी कोई गिनती हमें किसी सरकारी पेज पर नहीं मिली।
e-KYC छूटने वालों को पुराना पैसा मिलेगा या नहीं, यह भी हमें किसी सरकारी पेज पर नहीं मिला। पैसा रुक गया है, तो सरकारी पेजों के हिसाब से ये काम किए जा सकते हैं:
- पहले देखें कि पैसा सच में रुका है। UIDAI के DBT पेज के मुताबिक़ सरकार का पैसा (DBT) आने पर बैंक SMS भेजता है। बैलेंस ATM, बैंक मित्र, मोबाइल बैंकिंग या फ़ोन बैंकिंग से भी देखा जा सकता है।
- योजना की शर्त है कि बैंक खाता आपका अपना हो और आधार से लिंक हो (वेबसाइट की ‘पात्रता’ लिस्ट)। UIDAI के मुताबिक़ बैंक सीडिंग स्टेटस myAadhaar पर या NPCI की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। लिंक न हो, तो UIDAI के मुताबिक़ जिस शाखा में खाता है, वहाँ बैंक का ‘मैंडेट और कंसेंट’ फ़ॉर्म भरें।
- योजना की हेल्पलाइन 181 पर फ़ोन करें। यह टोल-फ़्री नंबर योजना की वेबसाइट पर लिखा है। पास की अंगणवाडी सेविका से भी पूछ सकती हैं।
सितंबर और अक्टूबर 2026 की किस्त कब आएगी?
इसकी कोई तारीख़ 14 अक्टूबर 2026 की शाम तक हमें योजना की वेबसाइट, महिला व बाल विकास विभाग की वेबसाइट, DGIPR की प्रेस रिलीज़ या आकाशवाणी पर नहीं मिली। सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइटों पर किस्त की अलग-अलग तारीख़ें चल रही हैं। जब तक कोई तारीख़ इन सरकारी पेजों पर न दिखे, उसे सरकारी ऐलान न मानें।
रकम वही है जो योजना की वेबसाइट पर लिखी है: 21 से 65 साल की हक़दार (पात्र) महिलाओं को हर महीने ₹1,500, सीधे बैंक खाते में (DBT)। ₹2,100 की बात भी चल रही है। आकाशवाणी की 10 दिसंबर 2025 की खबर के मुताबिक़ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में कहा था कि ₹2,100 की किस्त ‘योग्य वेळी’, यानी जब सही समय आए, दी जाएगी। इसकी कोई तारीख़ हमें किसी सरकारी पेज पर नहीं मिली।
क्या लाडकी बहीण के नए फ़ॉर्म भरे जा रहे हैं?
नहीं। DGIPR की 12 अप्रैल 2026 की रिलीज़ के मुताबिक़ योजना के लिए नया रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया है। योजना की वेबसाइट पर ‘अर्ज प्रक्रिया’ वाला हिस्सा अब भी दिखता है और ‘अर्जदार लॉगिन’ का बटन भी है, पर वहाँ यह नहीं लिखा कि रजिस्ट्रेशन बंद है। वेबसाइट के मुताबिक़ आवेदन के लिए कोई फ़ीस नहीं ली जाएगी। इसलिए ‘ऑनलाइन फ़ॉर्म’ भरवाने के नाम पर कोई पैसा माँगे, तो सावधान रहें।
एक सरकारी नोट विमुक्त जाति और घुमंतू जनजाति (भटके-विमुक्त) के परिवारों के लिए है। DGIPR की 16 सितंबर 2026 की रिलीज़ के मुताबिक़ उनके लिए 27 से 29 सितंबर 2026 को, और उसके बाद हर तिमाही के पहले मंगलवार को, मंडल और तालुका स्तर पर शिविर लगने थे। रिलीज़ के मुताबिक़ इन शिविरों में लाडकी बहीण समेत कई योजनाओं से जुड़े विभागों के अधिकारी ‘पात्र लाभार्थियों’ को लाभ देने के लिए मौजूद रहेंगे। रिलीज़ में यह नहीं लिखा कि वहाँ लाडकी बहीण के नए फ़ॉर्म लिए जाएँगे। शिविर की जगह और समय ज़िला और तालुका प्रशासन बताएगा।
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e-KYC के नाम पर ठगी कैसे पहचानें?
DGIPR की 12 अप्रैल 2026 की रिलीज़ के मुताबिक़ ‘e-KYC करवा देते हैं’ कहकर कुछ लोग महिलाओं को गुमराह कर रहे थे। रिलीज़ के मुताबिक़ जलगाँव ज़िले के महिला व बाल विकास अधिकारी के दफ़्तर से मिली जानकारी में e-KYC के बहाने योजना की महिलाओं से जुड़े ‘गैरवर्तन’ (बदसलूकी) का एक मामला सामने आया। रिलीज़ के मुताबिक़ उसमें केस दर्ज हुआ और 12 अप्रैल 2026 को पुलिस जाँच कर रही थी। किसने किसके साथ क्या किया, यह रिलीज़ में नहीं लिखा। उसी रिलीज़ के मुताबिक़ मंत्री आदिती तटकरे ने कहा कि e-KYC के लिए किसी बिचौलिए की ज़रूरत नहीं।
इन बातों पर शक करें:
- कोई e-KYC, किस्त या नए फ़ॉर्म के नाम पर पैसा माँगे। 19 सितंबर 2025 की रिलीज़ के मुताबिक़ मंत्री ने कहा था कि इसके लिए कोई पैसा माँगे, तो उसके झाँसे में न आएँ।
- कोई फ़ोन करके OTP माँगे। e-KYC का OTP आधार से जुड़े मोबाइल पर आता है और योजना की वेबसाइट के पेज में ही भरा जाता है। उसे किसी फ़ोन करने वाले को न बताएँ।
- कोई कहे कि e-KYC छूट गई, तो ज़िले के दफ़्तर में कागज़ जमा करो। 19 मई 2026 को विभाग ने कहा कि ऐसा कोई निर्देश नहीं है।
- कोई WhatsApp या SMS पर ‘नई e-KYC लिंक’ भेजे। सरकार की रिलीज़ में योजना की एक ही वेबसाइट का नाम है: ladakibahin.maharashtra.gov.in। 14 अक्टूबर 2026 को उस वेबसाइट पर भी लॉगिन से पहले e-KYC का कोई बटन नहीं था।
स्कीम समाचार आपसे कोई जानकारी या पैसा नहीं माँगता। e-KYC योजना की वेबसाइट पर ही होती थी, अपने मोबाइल से या अंगणवाडी सेविका की मदद से। ठगी हो जाए, तो 1930 पर फ़ोन करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। अगर कोई e-KYC के बहाने बदसलूकी करे या पैसे के अलावा कुछ और माँगे, तो पास के पुलिस थाने में बताएँ।
ख़ुद कहाँ जाँचें?
इन सरकारी पेजों पर:
- योजना की वेबसाइट: ladakibahin.maharashtra.gov.in (हेल्पलाइन 181)।
- महिला व बाल विकास विभाग का योजना वाला पेज।
- e-KYC की तारीख़ों वाली DGIPR की प्रेस रिलीज़ (महासंवाद): 28 अक्टूबर 2025, 17 नवंबर 2025, 1 अप्रैल 2026 और 19 मई 2026।
- आकाशवाणी की मराठी खबरें: 17 नवंबर 2025 और 13 दिसंबर 2025।
- बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं: UIDAI का DBT पेज और myAadhaar।
- साइबर ठगी: cybercrime.gov.in या 1930।
सोर्स
- मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की वेबसाइट (ladakibahin.maharashtra.gov.in): हर महीने ₹1,500, पात्रता और अपात्रता की लिस्ट, हेल्पलाइन 181ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- योजना की वेबसाइट का e-KYC पेज (हमने उसे खुला हुआ नहीं देखा; सवाल उसके कोड से पढ़े, एक हिस्सा दूसरी वेबसाइट से आता है)ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- महाराष्ट्र महिला व बाल विकास विभाग: मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना का पेजऑफ़िशियल वेबसाइट · तारीख़ 23 अप्रैल 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- महिला व बाल विकास विभाग की वेबसाइट का मुखपृष्ठ (उस पर दिखता विभाग का फ़ेसबुक फ़ीड)ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- आकाशवाणी (मराठी), 19 सितंबर 2025: योजना की सभी महिलाओं के लिए KYC पूरी करना ज़रूरीआंकड़े / रिपोर्ट · तारीख़ 19 सितंबर 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- आकाशवाणी (मराठी), 17 नवंबर 2025: KYC की तारीख़ 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ी; विधवा और तलाक़शुदा महिलाओं के कागज़आंकड़े / रिपोर्ट · तारीख़ 17 नवंबर 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- आकाशवाणी (मराठी), 13 दिसंबर 2025: 31 दिसंबर 2025 से पहले e-KYC में एक बार सुधारआंकड़े / रिपोर्ट · तारीख़ 13 दिसंबर 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- आकाशवाणी (मराठी), 10 दिसंबर 2025: विधानसभा में ₹2,100 की किस्त, अर्ज और e-KYC की गिनतीआंकड़े / रिपोर्ट · तारीख़ 10 दिसंबर 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- आकाशवाणी (मराठी), 25 अगस्त 2025: 26 लाख नामों की छानबीन का आदेशआंकड़े / रिपोर्ट · तारीख़ 25 अगस्त 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- DGIPR (महासंवाद), 19 सितंबर 2025: वेबसाइट पर e-KYC शुरू, दो महीने में पूरी करें (मंत्री आदिती तटकरे)प्रेस रिलीज़ · तारीख़ 19 सितंबर 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- DGIPR (महासंवाद), 28 अक्टूबर 2025: e-KYC 18 सितंबर 2025 से दो महीने के लिए, 18 नवंबर 2025 तक पूरी करेंप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 28 अक्टूबर 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- DGIPR (महासंवाद), 17 नवंबर 2025: e-KYC की तारीख़ 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ीप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 17 नवंबर 2025 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- DGIPR (महासंवाद), 1 अप्रैल 2026: आख़िरी तारीख़ 31 मार्च 2026 थी, सुधार 30 अप्रैल 2026 तकप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 1 अप्रैल 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- DGIPR (महासंवाद), 12 अप्रैल 2026: e-KYC के नाम पर ठगी से सावधान; नया रजिस्ट्रेशन बंदप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 12 अप्रैल 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- DGIPR (महासंवाद), 19 मई 2026: e-KYC न कर पाने वाली महिलाओं को कागज़ जमा करने का कोई निर्देश नहींप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 19 मई 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- DGIPR (महासंवाद), 11 जून 2026: नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री, योजना में 1.66 करोड़ महिलाएँ पैसा पा रही हैंप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 11 जून 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- DGIPR (महासंवाद), 16 सितंबर 2026: विमुक्त जाति और घुमंतू जनजाति (भटके-विमुक्त) के लोगों के लिए शिविरप्रेस रिलीज़ · तारीख़ 16 सितंबर 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- UIDAI: आधार और सीधे खाते में पैसा (DBT), बैंक सीडिंग स्टेटसऑफ़िशियल वेबसाइट · तारीख़ 2 जुलाई 2026 · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- myAadhaar (UIDAI)ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (गृह मंत्रालय): cybercrime.gov.in और 1930ऑफ़िशियल वेबसाइट · जाँचा गया 15 अक्टूबर 2026



